विराट कोहली
विराट कोहली

पिछले महीने टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड का टेस्ट सीरीज में 3-0 से सूपड़ा साफ करते हुए विराट कोहली की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक स्थान हासिल किया। इससे पहले पाकिस्तान नंबर एक स्थान पर बरकरार था जिसे टीम इंडिया ने बड़ी आसानी से नंबर दो पर धकेल दिया। हालांकि, कब तक विराट कोहली की अगुआई वाली टीम इंडिया नंबर एक स्थान पर बरकरार रह पाती है इस संबंध में भविष्यवाणी करना थोड़ी मुश्किल है। क्योंकि टीम इंडिया आजकल जिस इंग्लैंड से भिड़ रही है उसके खिलाफ जीत हासिल करना टीम इंडिया के लिए हमेशा ही कठिन काम रहा है। हालांकि, भारतीय स्पोर्ट्स की आजकल दुनियाभर में तूती बोल रही है। क्रिकेट समेत पांच स्पोर्ट्स में टीम इंडिया नंबर एक पर बरकरार हैं। कौन हैं ये स्पोर्ट आइए जानते हैं।

1. महिला मिश्रित युगल टेनिस: सानिया मिर्जा ने पिछले कुछ सालों में टेनिस कोर्ट में जबरदस्त प्रदर्शन किया है और हर गुजरते दिन के साथ उनके प्रदर्शन में निखार देखने को मिला है। भले ही रियो ओलंपिक में सानिया मेडल जीतने से वंचित रह गई हों लेकिन वह टूर्नामेंट के मिश्रित युगल में चौथे नंबर पर रही थीं। भारत की ओर से इस स्तर तक कोई भी खिलाड़ी ओलंपिक में नहीं पहुंच पाया है। पिछले सीजनों में मार्टिना हिंगिस के साथ लगभग एक दर्जन टाइटल जीतने के बाद सानिया ने इस सीजन में भी तीन टाइटल जीते हैं और वह वर्तमान में वर्ल्ड नंबर 1 डबल्स प्लेयर हैं। इसके पहले पिछले साल भी वह नंबर एक रही थीं।  भारत बनाम इंग्लैंड, पहले टेस्ट का स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…

2. कबड्डी में नंबर एक पर टीम इंडिया: टीम इंडिया हमेशा ही कबड्डी में अपना दम दिखाती रही है। इस बार जब अहमदाबाद में ईरान के खिलाफ फाइनल मैच खेला गया तो सबकी सांसें थमी हुई थीं। लेकिन भारतीय जांबाजों ने ईरान को शुरू से अंत का संभलने का मौका ही नहीं दिया और अंततः हरा दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने कबड्डी में तीसरी बार ट्रॉफी जीती।

3. पैरा स्पोर्ट्स(भाला फेंक+ पुरुष वर्ग में ऊंची कूद): इस साल पैरा ओलंपिक में भारतीय जांबाजों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और अपने खेल से पूरे विश्व को अपना मुरीद बना लिया। इस बार भारत के पैरालंपिक खिलाड़ियों ने 4 मेडल जीते जिसमें दो स्वर्ण पदक भी शामिल थे। तमिलनाडु के मरियप्पन थेंगावेलु ने ऊंची कूद प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। वहीं देवेंद्र झाझरिया ने खुद का भाला फेंक रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। देवेंद्र ने इसके पहले साल 2004 पैरलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीता था इस तरह वह दो स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं।

4. पुरुष जूनियर बैडमिंटन: भारत के सिरिल वर्मा ने हाल ही में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर मेडेल प्राप्त करने के बाद जूनियर पुरुष बैडमिंटन में नंबर एक स्थान प्राप्त कर लिया।

भले ही रियो ओलंपिक में भारतीय एथलीट्स कुछ खास न कर पाए हों लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारतीयों में अब खेल में अपने आपको बेहतर करने की होड़ बढ़ी है। भारत में पिछले सालों में विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए तमाम तरह के कार्यक्रम के चलाए जा रहे हैं। साथ ही खेलों में ग्लैमर का तड़का भी लगाया जा रहा है। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस ओर आकर्षित हों। भारत की स्पोर्टिंग हेल्थ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य एजेंडा है। और अगर ऐसे ही अच्छे कदम उठाते जाते रहे तो भारतीय खेल के अन्य क्षेत्रों में भी कमाल करते हुए नजर आएंगे।