ईशांत शर्मा और उमेश यादव  © Getty Images
ईशांत शर्मा और उमेश यादव © Getty Images

टीम इंडिया ने बैंगलुरू टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराते हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। वैसे तो ऑस्ट्रेलिया की पारी को ढहाने का श्रेय भारतीय स्पिनरों जडेजाअश्विन को जाता है जिन्होंने कुल 15 विकेट आपस में बांटे। लेकिन पूरे खेल पर नजरें दौड़ाएं तो स्पिनरों के विकेट लेने की असल जमीन तैयार करने का क्रेडिट भारतीय तेज गेंदबाजों को भी खूब जाता है। जिन्होंने गजब की अनुशासन भरी गेंदबाजी की और विपक्षी बल्लेबाजों की सांसे अटका दीं। अंततः भारतीय स्पिनरों ने विकटों की फसल काटते हुए ऑस्ट्रेलिया टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। और तो और इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण को भी पीछे छोड़ दिया।

मैच के चौथे दिन जागे थे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज: मैच के चौथे दिन जब टीम इंडिया बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसके सिर्फ चार विकेट ही गिरे थे और उसके दोनों बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे और पुजारा पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभा चुके थे। ऐसी परिस्थिति में स्टार्क ने पलटवार किया और फुल, सीधी, स्विंगिंग गेंद पर रहाणे को एल्बीडब्ल्यू आउट कर दिया। अगली ही गेंद पर उन्होंने करुण नायर को भी क्लीन बोल्ड कर दिया और इस तरह टेस्ट मैच में जान फूंक दी। [ये भी पढ़ें: स्मिथ की डीआरएस वाली हरकत अंडर-10 मैच जैसी: रविचंद्रन अश्विन]

इसके बाद दूसरी ओर से हेजलवुड ने हमला बोला। उन्होंने पुजारा को बैंक ऑफ लेंथ गेंद फेंकी। जिसने एकदम से उछाल ली। इस गेंद को पुजारा भांप नहीं पाए और अंततः पुजारा 92 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर अपना विकेट दे बैठे। इसके बाद अश्विन गए और टीम इंडिया का स्कोर 238/4 से 246/8 हो चला था। ये मैच में पहली बार देखने को मिला जब स्टार्क और हेजलवुड लगातार गेंदों को स्टंप्स पर डाल रहे थे। अगर वे ऐसा पहले करते तो शायद पहली पारी के आधार पर उनकी बढ़त 87 नहीं बल्कि और लंबी होती और टीम इंडिया दबाव में आ जाती। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी क्योंकि टीम इंडिया पहले से ही 150 से ज्यादा बढ़त ले चुकी थी। इस बात का जिक्र खुद स्टीवन स्मिथ ने पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया था।

इकॉनमी के मामले में उमेश- ईशांत ने विपक्षी तेज गेंदबाजों को पछाड़ा: ऑस्ट्रेलिया ने बैंगलुरू टेस्ट में कुल तीन तेज गेंदबाज स्टार्क, हेजलवुड और मिचेल मार्श को उतारा। ये तीनों पूरे टेस्ट में कुल 9 विकेट लेने में कामयाब रहे और इस बीच 228 रन खर्च किए। इस दौरान इनका इकॉनमी रेट 3.21 का रहा। वहीं भारतीय तेज गेंदबाजों ईशांत शर्मा और उमेश यादव ने 5 विकेट लिए लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों इतने रन नहीं लुटाए। उन्होंने 2.47 के इकॉनमी रेट से 163 रन दिए। जो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के द्वारा लुटाए रन से बहुत कम हैं। जाहिर है कि अगर वे ईशांत और उमेश जितने कम रन खर्च करते तो वे इस मैच को अपने पाले में ले जा सकते थे। इस तरह से ये बात समझने में आसान हो जाती है कि भारतीय तेज गेंदबाजों ने विपक्षी तेज गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया।

बैंगलुरू की पिच में गेंदें नीची रह रही थीं। ऐसे में गेंदबाजों के पास मौका था कि वे एल्बीडब्ल्यू और बोल्ड के सहारे विकेट निकाल सकते हैं। इसलिए उमेश यादव और ईशांत ने विकटों पर हमला करना उचित समझा। और यही कारण रहा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को लगातार छकाया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में ईशांत और उमेश ने जडेजा से ज्यादा ओवर फेंके। चूंकि, उन्होंने बल्लेबाजों को परेशान करके जमीन तैयार कर दी थी और बाद में जडेजा ने विकटों की फसल काटी।

ईशांत- उमेश ने ज्यादा अनुशासन के साथ की गेंदबाजी: टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने 75 प्रतिशत से ज्यादा गेंदें गुड लेंथ या गुड लेंथ से थोड़ा पहले डालीं। इस मामले में ऑस्ट्रेलिया गेंदबाज भारतीय के मुकाबला काफी पीछे रहे। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने ओवरपिच गेंदें फेंककर ज्यादा रन खाए। मैच के चौथे दिन के पहले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज पूरी तरह से फीके नजर आए। लेकिन जब वह जागे तब बहुत देर हो चुकी थी। जाहिर है कि अगले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया गेंदबाज इस बात को ध्यान में रखकर जरूर मैदान पर उतरेंगे। ऐसे में टीम इंडिया को उनकी रणनीति को ध्वस्त करने की भी योजना बना लेनी चाहिए।