Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - January 13, 2016 10:45 PM IST


भले ही सचिन तेंदुलकर व डॉन ब्रेडमेन ने क्रिकेट के खेल में महारत हासिल कर रखी हो, लेकिन क्रिकेट की फील्ड में दो जेंटलमेन जिन्हें अंपायर कहते हैं उनका रुतबा कुछ अलग ही रहता है। अंपायर के पास फील्ड में कोई भी निर्णय लेने की स्वतंत्रता रहती है। वह जो भी निर्णय लेता है दोनों टीमों के खिलाड़ियों को उसे स्वीकारना ही होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पिछले सालों में कई अंपायर आए और उनमें से कुछ अंपायरों ने तो दर्शकों का भी दिल जीत लिया। अंपायरों की जीवनशैली भी बड़ी गजब होती है, उन्हें सालाना वेतन के अलावा हर मैच की फीस भी दी जाती है। कई क्रिकेट प्रेमी अंपायरिंग को प्रोफेशन बनाने के सपने को अपने दिलों में संजोए रहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय अंपायर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए होती है व इसकी प्रक्रिया क्या है इससे बहुत कम लोग परिचित है। क्रिकेट अंपायरिंग में करियर कैसे बनाए आइए जानते हैं। ये भी पढ़ें: क्रिकेट के बड़े विवाद, जिसने हिला दिया विश्व क्रिकेट को
क्या करना होता है क्रिकेट अंपायर को?: क्रिकेट अंपायर सुबह 9 बजे क्रिकेट स्टेडियम में पहुंचते हैं और सुबह 10 बजे टीम के अधिकारियों से पिच की तैयारियों के बारे में बातचीत करते हैं। इसके बाद 11 बजे सुबह मैदान में एक चक्कर लगाकर घोषणा करते हैं कि खेल कितने बजे शुरू होगा और कितने बजे खत्म। इसके अलावा खेल शुरू होने के साथ अंपायर खिलाड़ी के आउट होने, छक्के, चौके, वाइड/नो बॉल, आदि की जानकारी विभिन्न इशारों से देते हैं। इसके अलावा अगर खिलाड़ी को रौशनी से समस्या हो रही होती है तो वह इस संबंध में स्क्वेयर लेग अंपायर से बातचीत करता है। क्रिकेट अंपायर को हर राष्ट्रीय स्तर के मैचों में प्रति मैच के आधार पर 10000 रुपए दिए जाते हैं। वहीं लोकल व कॉर्पोरेट मैचों में 800 रुपए प्रति दिन के आधार पर रुपए दिए जाते हैं। ये भी पढ़ें: राजनीति की पिच पर सचिन तेंदुलकर का प्रदर्शन निराशाजनक
अंपायर बनने के लिए योग्यता:
1. अंपायर बनने के लिए क्रिकेट के 42 नियमों को जानना आवश्यक है।
2. खेल की बेहतरीन समझ होनी चाहिए।
3. एक अच्छा व्यवस्थापक होना चाहिए जो मैदान में हर बिगड़ती बात को आराम से संभाल सके।
4. साथ ही किसी भी परिस्थिति में शांत रहने वाला होना चाहिए। गुस्सैल व्यक्ति अंपायर नहीं बन सकता।
कैसे बन सकते हैं अंपायर?: अंपायर बनने के लिए राज्य स्तरीय स्पोर्ट बॉडियों द्वारा समय-समय पर प्रायोगिक व लिखित परिक्षाएं आयोजित की जाती हैं। अगर व्यक्ति इस परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाता है तब वह बीसीसीआई के द्वारा आयोजित की जाने वाली अंपायरिंग परीक्षा में बैठने के लिए योग्य माना जाता है। अगर व्यक्ति इस दूसरे स्तर की परीक्षा को पास कर लेता है तो उसे बीसीसीआई पैनल के लिए चुन लिया जाता है और कुछ दिनों तक राष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने के बाद व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने का मौका दिया जाता है। ये भी पढ़ें: क्यों पकड़ी थी जॉन राइट ने वीरेंद्र सहवाग की कॉलर?
बीसीसीआई के टेस्ट को क्वालीफाई करने के लिए कोई भी कोचिंग क्लासेस नहीं है। अगर आप स्टेट लेवल इक्जाम पास कर लेते हैं तो बीसीसीआई आपके टेस्ट की तैयारी के लिए खुद क्लासेस करवाती है। जिसे अटेंड करके आप मुख्य परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। ये भी पढ़ें: भारत के सुनील गावस्कर से चिढ़ता था पाकिस्तान का यह तेज गेंदबाज
अंपायर बनने के क्या हैं फायदे-घाटे?:
– अगर आप राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंपायर बनते हैं तो आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं।
– अंपायरिंग बहुत सम्मान वाली नौकरी है। यहां तक की सेलीब्रिटी क्रिकेटर भी आपको ‘सर’ कहकर बुलाते हैं।
– क्रिकेट जगत में दिन ब दिन जिस प्रकार से तकनीकि का इस्तेमाल हो रहा है उससे यह महसूस होता है कि भविष्य में शायद मानव अंपायर की जरूरत खत्म हो जाए।
– कभी-कभार अगर आपने एक बड़े खिलाड़ी को गलती से आउट दे दिया तो आपको दर्शकों की फजीहत का भी सामना करना पड़ सकता है, लेकिन ऐसे समय में आपको शांत रहने की जरूरत होती है। अंपायर बनने के लिए क्रिकेट की अच्छी जानकारी होना अति-आवश्यक है।
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