Gunjan Tripathi
गुंजन त्रिपाठी क्रिकेटकंट्री हिंदी की रिपोर्टर हैं
Written by Gunjan Tripathi
Last Updated on - November 4, 2016 4:12 PM IST


क्रिकेट के इतिहास की शुरूआत से ही यह एक टीम गेम रहा है। ग्यारह खिलाड़ी जब मैदान पर साझा प्रयास करते हैं तब कोई टीम जीत हासिल करती है। इन सभी टीमों को जी जान से खेलने के लिए प्रेरित करती है खेल भावना और देश प्रेम लेकिन एक और चीज है जो उन्हे जीत हासिल करने में मदद करती है वह है टीम का सफलता मंत्र। हर टीम का एक खास सफलता मंत्र या नारा होता है जो खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाता है। भारत के साथ ही कई शीर्ष टीमों जैसे ऑस्ट्रेलिया, इग्लैंड, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के अपने अपने सफलता मंत्र हैं। आप इन सभी टीमों को सालों से खेलते देख रहें हैं लेकिन मुमकिन है कि आपको इन टीमों के सफलता मंत्र नही पता होंगे। तो आइए आपको बताते है विश्व की 8 क्रिकेट टीमों की जीत के मंत्र। जानिए कौन है वह क्रिकेटर जिसने सबसे छोटी उम्र में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में शतक जड़ा
1-इंग्लैंड (Class personified-अंदाज है निराला):शुरूआत करते हैं उस देश के साथ जिसकी ज़मीन पर इस खेल की नींव रखी गई थी। इंग्लैंड टीम ने विश्न का क्रिकेट के खेल से परिचय करवाया था और इस खेल को पूरी दुनिया में फैलाने में भी इसी देश को हाथ हैं। इस टीम का मूल सफलता मंत्र है ‘क्लास परसोनिफाइड’ जिसकी मतलब है कि इस टीम के खेलने का तरीक बाकी सबसे अलग है और खास है। यह मंत्र इस टीम के लिए एकदम अनुरूप भी है, इंग्लैंड टीम के खेलने का तरीका उनके मंत्र की तरह हमेशा शाही रहा है। क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट टेस्ट क्रिकेट को इस टीम ने सबसे ज्यादा खेला है और सराहा भी है। इंग्लैंड टीम और आस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली एशेज सीरीज क्रिकेट के उस महान सालों को संजोए रखे हैं जब हैनरी चार्लवुड, एन्ड्रयू ग्रीनवुड, डॉन ब्रेडमैन, डेनियस लिली और इयान बॉथम जैसे खिलाड़ी एक साथ खेला करते थे। मौजूदा समय में भी एलेस्टर कुक और जो रूट जैसै बल्लेबाजों की वजह से इंग्लैंड टीम अपनी प्रतिष्ठा को बनाए हुए है।
2-आस्ट्रेलिया (Attitude is everything-रवैया ही सबकुछ है) : आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम हमेशा से ही क्रिकेट जगत में सबसे मशहूर टीम मानी जाती रही है। महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन भी इसी टीम का हिस्सा थे। इस टीम का मंत्र है ‘एटिट्यूज इस एवरीथिंग’ जिसका मतलब है कि खेल के साथ ही आप किस रवैंये के साथ खेलते हैं यह भी जरूरी है। कंगारू टीम जब भी मैदान पर उतरती है चैंपियन्स की तरह खेलती है। उनकी बॉडी लैंग्वैज ही उन्हे विरोधी टीम से मजबूत बनाती है। हालांकि इस कारण आस्ट्रेलियाई टीम पर कई बार स्लेजिंग के आरोप भी लगे हैं। यह उनका तरीका रहा है सामने वाली टीम को हतोत्साहित करने का जिससे वह उनपर एक मानसिक दबाव बना सकें।
3-भारत (bat them out-बल्ले की मदद से उन्हें हराओ): भारतीय टीम की शुरूआत से लेकर अब तक बल्लेबाजी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। भारतीय क्रिकेट ने विश्न को कई महान बल्लेबाज दिए हैं जैसे सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, सुनील गावस्कर और विराट कोहली। भारतीय टीम का अगर रिकॉर्ड देखें तो भी यही सामने आएगा। भारत ने टेस्ट, वनडे और टी20 में कई बार बड़े स्कोर बनाकर विपक्षी टीम के हौसले पस्त किए हैं। वहीं बल्लेबाजी के कई शानदार रिकॉर्ड भारतीय बल्लबाजों के नाम है। सचिन तेंदुलकर के नाम वनडे और टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है तो उनक जोड़ीदार सहवाग के नाम टेस्ट नें दो तिहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड है। वहीं मौजूदा समय में भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा दुनिया के अकेले ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने वनडे में दो दोहरे शतक लगाए है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपने बल्ले से विश्व क्रिकेट पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है और यही उनका सफलता मंत्र भी है।
4-वेस्ट इंडीज (Play hard and party harder-मेहनत से खेलें और जमकर मजे करें): वेस्ट इंडीज की टीम जानी ही जाती है अपने मस्त मौला अंदाज के लिए, चाहे वह क्रिस गेल हो या ड्वेन ब्रावो सभी विंडीज खिलाड़ी खेल का पूरा लुत्फ उठाने में यकीन रखते हैं। मैदान पर हो या मैदान के बाहर वेस्ट इंडीज खिलाड़ी हमेशा ही मजे करते हैं और अपना शत प्रतिशत देते हैं। आईपीएल के बाद से ही वेस्ट इंडीज दुनिया की सबसे चहेती टीम बन गई है। विरोधी टीमें भी विंडीज खिलाड़ियों के इस अंदाज की कायल नजर आती हैं। वेस्ट इंडीज खिलाड़ी जितनी मेहनत से खेलते है उतने ही जोश के साथ पार्टी भी करते है। उनका मानना है कि जमकर खेलो और दोगुने मजे करो। आईपीएल को दौरान कई बार रॉयल चैलेन्जर्स की मैच के बाद होने वाली पार्टीज में गेल को विराट कोहली के साथ नाचते देखा गया। इसी तरह चेन्नई के लिए खेलने वाले ब्रावो और एमएस धोनी को भी कई बार मैदान के बाहर मस्ती करते कैमरे में कैद किया गया। इसी बेफ्रिक और बेखौफ अंदाज से विंडीज खिलाड़ी मैदान पर आते है और विपक्षी टीम के छक्के छुड़ा देते हैं।
5-साउथ अफ्रीका (Fast and fiery-तेज और उग्र): साउथ अफ्रीक टीम भले ही विश्व कप मे हमेशा चोकर्स साबित हुई हो पर यह बात भी सच है कि मैदान पर यह टीम अपना सौ प्रतिशत योगदान देती है चाहे वह गेंद से हो, बल्ले से या फील्डिंग से सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतरीन होता है। प्रोटीज टीम में एबी डिविलियर्स और हाशिम अमला जैसे बल्लेबाज है वहीं डेल स्टेन और इमरान ताहिर जैसे गेंदबाज भी है। वहीं अगर फील्डिंग की बात करें तो सभी खिलाड़ी फिट और तेज है। मैदान पर यह टीम एक अलग ही जोश और ऊर्जा के साथ उतरती है और विपक्षी टीम को हैरत में डाल देती है। विश्व कप सेमी फाइनल में कीवीज के हाथों हारने के बाद सभी खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू न पा सके और मैदान पर ही उनके आंसू झलक गए। उस समय सभी खिलाड़ी एक दूसरे को संभालते दिखे और यही वह टीम भावना है जो सभी खिलाड़ियों को एक करती है।
6-पाकिस्तान (Bombarding teams with lethal bowling-विपक्षी टीम पर घातक गेंदबाजी की बौछार करो): भारत की ताकत अगर उसकी बल्लेबाजी है तो उसकी चिर विरोधी टीम पाकिस्तान की सबसे बड़ी शक्ति है गेंदबाजी। पाकिस्तान की जमीन पर दुनिया के महानतम गेंदबाजों ने जन्म लिया है, जिन्होने सालों तक विश्व भर के बल्लेबाजों को अपने इशारों पर नचाया है। चाहे वह वसीम अकरम हो, वकार युनिस हो या इमरान खान पाकिस्ताी गेंदबाजी हमेशा से ही मजबूत रही है। मौजूदा समय में भी पाकिस्तानी टीम में यासिर शाह जैसा गेंदबाज है जिसकी तारीफ दुनिया भर के क्रिकेटर्स कर रहे हैं। पाकिस्तान की सफलता का मंत्र भी यही कहता है कि विरोधी टीम पर घातक गेंदबाजी से प्रहार करो।
7-न्यूजीलैंड (Teamwork makes the dream work-एक साथ काम करने से सपने सच होते हैं): भारत से टेस्ट और वनडे दोनों सीरीज में हारने वाली कीवी टीम की सफलता का मंत्र है साथ मिलकर काम करना। इसी से उनकी हार का कारण भी समझ में आता है, भारत दौरे पर कीवी टीम के कुछ खिलाड़ी फॉर्म में थे और कुछ नहीं। जिस वजह से टीम पूरी तरह साथ मिलकर नहीं खेल पाई और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। कीवी टीम 22 सितंबर से भारत दौरे पर थी जहां उसे तीन टेस्ट और पांच वनडे खेलने थे। टेस्ट सीरीज में विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने उन्हें 3-0 से हराया तो वहीं वनडे में धोनी से उन्हें 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड को अगर जीत हासिल करनी है तो उन्हें अपनी सफलता के मंत्र को वापस दोहराना होगा।
8-श्रीलंका (Emerald islanders with golden heart/ Stand Tall,Talk Small, Play Ball- पन्ने जैसे द्वीप के सोने के दिल वाले लोग/स्वाभिमान के साथ खड़ें रहें, कम बोलें, ज्यादा खेलें): भारत के एक और पड़ोसी देश श्रीलंका की क्रिकेट टीम भी विश्व की सफल टीमों में गिनी जाती है। श्रीलंका भले ही छोटा सा देश हो पर जैसा कि इसके स्लोगन में लिखा है यहां के लोग सोने के दिल वाले हैं। श्रीलंकाई टीम में सनत जयसूर्या, मुथैया मुरलीधरन, कुमार संगाकारा और तिलकरत्ने दिलशान जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल रहे हैं। श्रीलंका की टीम भारत से 2011 वनडे विश्व कप हारी जरूर थी लेकिन उस मैच में महेला जयवर्धने और संगाकारा ने शानदार बल्लेबाजी की थी। श्रीलंका टीम के सफलता मंत्र की तरह ही बाकी एशियाई टीमों की तरह यह टीम ज्यादा लाइम लाइट में नही रहती बस बिना किसी शोर शराबे के क्रिकेट खेलती है।
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