Virat Kohli vs Joe Root

भारत की इंग्लैंड के साथ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच राजकोट में 9 नवंबर से शुरू हो रहा है। इस सीरीज का बहुत महत्व है क्योंकि हमेशा से ही इन दोनों टीमों के बीच दिलचस्प प्रतिद्वंदिता रही है। पिछले पांच सालों में टीम इंडिया ने दो बार इंग्लैंड का दौरा साल 2011 और 2014 में किया है लेकिन दोनों बार ही उन्हें टेस्ट सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन इनमें 2011 की हार कुछ ज्यादा ही दर्दनाक थी क्योंकि उस सीरीज में इंग्लैंड ने उनका सूपड़ा साफ कर दिया था। साल 2014 की बात करें तो दूसरे टेस्ट मैच तक टीम इंडिया सीरीज में बढ़त बनाए हुए थी लेकिन जब सीरीज खत्म हुई तो टीम इंडिया को 3-1 से सीरीज गंवा चुकी थी।

इन दो सीरीजों के बीच में दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट सीरीज भारतीय सरजमीं पर भी खेली गई। यह बात साल 2012 की है और इस सीरीज में 4 टेस्ट मैच आयोजित किए गए थे। सीरीज में टीम इंडिया ने जीत के साथ शुरुआत की थी लेकिन दूसरे टेस्ट में केविन पीटरसन की बेहतरीन पारी ने भारतीय टीम के जबड़े से जीत छीन ली। अगले मैचों में भी यही हाल रहा और एलिस्टियर कुक ने भारतीय गेंदबाजी को आड़े हाथों लेते हुए टीम इंडिया को 2-1 से सीरीज हरा दी। इस सीरीज में इंग्लिश स्पिनर ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर ने अहम भूमिका निभाई थी और दोनों ने कुल 37 विकेट लिए थे। जब विराट कोहली ने श्रीलंका के गेंदबाजों को छक्के छुड़ाए, पढ़ने के लिए क्लिक करें

दोनों टीमें एक बार फिर से एक रोमांचक सीरीज में एक दूसरे के आमने सामने हैं। इस बार टीम इंडिया को सीरीज का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हाल ही में इंग्लैंड बांग्लादेश में 1-1 से सीरीज बराबर करके लौटी है ऐसे में उन्हें टीम इंडिया के मुकाबले कम आंका जा रहा है। लेकिन सीरीज में क्रिकेटप्रेमियों की आंखें सिर्फ परिणाम की ओर नहीं टिकी हैं बल्कि विराट कोहली और जो रूट की प्रतिद्वंदिता पर भी टिकी हैं। ये दोनों ही वर्तमान क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे हैं और कई मायनों में इन दोनों के बीच कंपटीशन भी बहुत तेज है।

एक ओर जहां विराट कोहली लिमिटेड ओवर क्रिकेट में रनों की बरसात कर रहे हैं तो दूसरी ओर रूट भी उसे किसी भी मामले में कम नहीं हैं और टेस्ट क्रिकेट में तो वह और भी चमक रहे हैं।

अगर हम साल 2016 की बात करें तो सभी फॉर्मेटों के रनों को मिलाकर रूट के नाम सबसे ज्यादा 2,079 रन हैं। ये रन उन्होंने कुल 36 मैचों में 50.70 की औसत से बनाए हैं। भारतीय रन मशीन विराट कोहली उके बाद दूसरे नंबर पर हैं और उन्होंने 32 मैचों में 1,940 रन बनाए हैं। इस दौरान कोहली का औसत 80.83 का रहा है। इस तरह इन दोनों के बीच 139 रनों का फासला है। इस तरह से 5 मैचों की सीरीज इस बात का फैसला करने के लिए अहम साबित होगी कि 2016 में कौन सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज बनता है।

दोनों विराट कोहली और जो रूट ने अब तक कुल 48-48 टेस्ट मैच खेले हैं। टेस्ट में रन बनाने के मामले में रूट कोहली से आगे हैं। रनों के साथ ही रूट का रन बनाने का औसत(53.28) कोहली(45.56) से कहीं बेहतर है। लेकिन शतक जड़ने के मामले में कोहली, रूट से आगे हैं। कोहली ने नाम जहां टेस्ट में 13 शतक हैं जो उनके 12 अर्धशतकों से ज्यादा हैं। उनके अर्धशतकों से शतकों की ज्यादा संख्या बताती है कि उनका कनवर्जन रेट कितना ज्यादा है जो बताता है कि वह छोटे स्कोर को बड़ा बनाने में जो रूट से कहीं आगे हैं। जो रूट के नाम टेस्ट में 10 शतक और 23 अर्धशतक हैं।

जब हम नंबरों की बात करते हैं तो ये जरूरी हो जाता है कि हम उनके घरेलू और बाहर के प्रदर्शन की तुलना कर लें। वर्तमान समय में अमूमन हर टीम अपने घर की शेर है और बाहर जाते ही वह भीगी बिल्ली बन जाती है। भारतीय उपमहाद्वीप के खिलाड़ियों की बात करें तो वह अक्सर बाहर की पिचों में जूझते नजर आते हैं। जो तेज उछाल और स्विंग गेंदबाजी के अनुकू होती हैं। वहीं बाहर के खिलाड़ी भारतीय उपमहाद्वीप में स्लो और स्पिन गेंदबाजी के सामने घुटने टेकते नजर आते हैं। इसलिए एक अच्छे खिलाड़ी की पहचान वर्तमान परिदृश्य में उसके बाहर के प्रदर्शन से की जा सकती है।

इस परिदृश्य में विराट कोहली रूट से थोड़ी आगे खड़े नजर आते हैं। बाहर खेले गए 28 टेस्ट मैचों में कोहली ने 44.61 की औसत से 1,186 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 9 शतक और 5 अर्धशतक जमाए हैं। वहीं, दूसरी ओर रूट ने घरेलू पिच पर 60 के आसपास के औसत से रन बनाए हैं लेकिन बाहर की पिचों में उनका औसत 43.39 का रहा है। उके घर और बाहर के औसत में 15.72 प्रतिशत का फासला है। वहीं कोहली के मामले में यह फासला सिर्फ 2.56 का है। साथ ही शतकों के मामल में बाहर की पिचों में रूट कोहली से पीछे हैं।

अब हम इसका निर्णय आ पर छोड़ते हैं कि इन दोनों बल्लेबाजों में बेहतर कौन है। हालांकि, अभी भी इन दोनों बल्लेबाजों को लंबा रास्ता तय करना है ऐसे में इस समय इन दोनों के बीच अभी से तुलना करना सही नहीं होगा। हालांकि, ये सीरीज दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहने वाली है। ये तो तय है।