Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - March 12, 2016 12:10 PM IST


जिस तरह सांस के बगैर जिस्म का कोई महत्व नहीं होता वैसे ही फैन्स के बगैर खेल के जुनून की कामना नहीं की जा सकती। खेल को दर्शक ही बनाते हैं। क्रिकेट में करोड़ों लोगों की भावनाएं जिस तरह से अपने चहेते क्रिकेटरों के लिए बहती हैं वह क्रिकेट को और भी रोमांचित बना देता है। विश्व क्रिकेट समय-समय पर कई डाई-हार्ट दर्शकों का गवाह बना है जिन्होंने मैदान में क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों का ही दिल नहीं जीता बल्कि विश्व में अन्य लोगों को भी अपनी तत्परता व क्रिकेट जुनून का मुरीद बनाया। ऐसे ही कुछ नाम-चीन क्रिकेट फैन्स के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं। ये भी पढ़ें: विश्व कप टी20 के पहले छाया विराट कोहली का ‘न्यू लुक’
1. चाचा क्रिकेट: सफेद दाढ़ी, हरे रंग की सलवार-कमीज और सिर की टोपी पाकिस्तान क्रिकेट टीम की टोपी की तरह। यह है चौधरी अब्दुल जालिल उर्फ चाचा क्रिकेट की वेशभूषा। चाचा क्रिकेट पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे समर्पित क्रिकेट फैन है। चाचा क्रिकेट को दुनिया भर के के लोगों ने सबसे पहले 1980 में शारजाह कप के दौरान जाना था।
उन्होंने जिस अंजाद में अपनी टीम पाकिस्तान का समर्थन किया उसने उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट टीम का मुरीद बना दिया। उस समय वह यूएई में ट्रक ड्राइवर थे। बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें हायर किया व उन्हें पूरे विश्व में पाकिस्तानी टीम का समर्थन करने के लिए स्पांसर किया। लेकिन विश्व कप 2015 में पीसीबी ने उन्हें स्पांसर नहीं क्या। विश्व कप के कुछ दिन बाद वह पाकिस्तान- जिम्बाब्वे सीरीज में पाकिस्तान टीम का मनोबल बढ़ाते नजर आए। लाहौर में वह पाकिस्तान जिंदाबाद और जीतेगा भाई जीतेगा, पाकिस्तान जीतेगा, का नारा लगाते नजर आए।
2. शोएब अल बुखारी: शोएब अल बुखारी बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के एक जुनूनी फैन हैं। वह मैदान में पीले रंग का ह्यूमन कोट पहने नजर आते हैं। पेशे से मोटर मैकेनिक शोएब की असली पहचान बांग्लादेश टीम के अजीज क्रिकेट फैन के रूप में है। वह अपनी टीम का मनोबल बढ़ाते हर जगह नजर आ जाते हैं। चाहे फिर वह क्राइसचर्च का बेहद ठंड़ा मौसम हो या उपमहाद्वीप की चिलचिलाती दुपहरी। वह अपनी टीम के लिए इतने समर्पित हैं कि उन्हें अपने सोने व खाने का खयाल भी नहीं रहता। वह पिछले 9 सालों से अपनी टीम को स्टेडियम से सपोर्ट देते नजर आते हैं। उनके शुरुआती साल कुछ ठीक नहीं रहे क्योंकि बांग्लादेश लगातार मैच हारता रहा, लेकिन पिछले एक साल से बांग्लादेश टीम ने गजब का प्रदर्शन किया है जिसने जरूर उनका मनोबल बढ़ाया होगा।
3. सुधीर कुमार गौतम: भारतीय तिरंगे के तीन रंगों से रंगा हुआ शरीर। शेव्ड सिर पर बना हुआ भारत का नक्शा और शरीर पर गुदा हुआ सचिन तेंदुलकर का नाम। यही भारतीय क्रिकेट से सबसे बड़े फैन सुधीर कुमार गौतम की पहचान है। साल 1981 में मुजफ्फरपुर, बिहार में जन्में सुधीर भारतीय सरजमीं पर होने वाले मैचों में अक्सर देखे जाते हैं। वह साल 2003 से लगातार क्रिकेट खेल की भक्ति में डूबे हुए हैं। शुरुआत में वह एक मिल्क कंपनी में काम करते थे और वह शिक्षक बनने का प्रशिक्षण ले चुके हैं। उनके क्रिकेट प्रति जूनून को देखते हुए उन्हें बीसीसीआई ने स्पॉन्सर किया। 2011 विश्व कप जीत के बाद वह सचिन तेंदुलकर के साथ विश्व कप ट्रॉफी लेकर सेलीब्रेट करते नजर आए थे। शुरू में सुधीर के माता-पिता उनके जीवन जीने के तरीके से बड़े असंतुष्ट थे।सुधीर पर एक डॉक्यूमेट्री फिल्म ‘बियोन्ड ऑल बाउंड्रीज’ बनाई जा चुकी है। सचिन तेंदुलकर के रिटायरमेंट के बाद भी सुधीर टीम इंडिया का उत्साहवर्धन करने के लिए अमूमन हर मैच में देखे जाते हैं।
4. राम बाबू: राम बाबू भारतीय वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के डाई-हार्ट फैन हैं। जहां भी भारतीय कप्तान क्रिकेट खेलने के लिए जाते हैं वहां रामबाबू उपस्थित हो जाते हैं। साल 2014 में टी20 विश्व कप के फाइनल के पहले राम बाबू बीमार हो गए थे। जब धोनी को इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने राम बाबू का इलाज टीम के डॉक्टर से करवाया और वह अगले कुछ दिनों में स्वस्थ हो गए। राम बाबू हरियाणा के रहने वाले हैं और वह पंजाब की ओर से जिला स्तर तक क्रिकेट भी खेल चुके हैं। उनके पिता की 2007 में मृत्यु के बाद उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा, क्योंकि उनकी तीन छोटी बहनों और तीन छोटे भाईयों की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर थी। क्रिकेट छोड़ने के बाद वह एक नौकरी करने लगे, लेकिन वह अपने आपको क्रिकेट से दूर नहीं रख पाए और बाद में वह धोनी के सबसे बड़े फैन के रूप में उभरे। वह अपने आपको सचिन तेंदुलकर के सबसे बड़े फैन सुधीर की तरह पेश करते हैं, वह भी सुधीर की तरह अपने शरीर को तीन रंगों से रंगते हैं वह शरीर में धोनी का नाम गुदवाते हुए जर्सी नंबर लिखते हैं।
5. ग्रेवी द इंटरटेनर: लगभग डेढ़ दशक तक वेस्टइंडीज क्रिकेट के पर्याय के रूप में पहचान बनाने वाले ग्रेवी क्रिकेट मैदान पर अपने बैंड के आर्टिस्टों के साथ जिस अंदाज में प्रवेश करते थे वह दर्शकों के साथ खिलाड़ियों को खूब भाता था। वह इस दौरान विभिन्न प्रकार के परिधानों में नजर आते थे। उनकी सफेद रंग की वेडिंग ड्रेस के साथ मैदान में आना लोगों ने खूब पसंद किया था। वह मैदान पर विभिन्न प्रकार के डांस भी करते थे जो अक्सर दर्शकों को लुभाते थे। यही कारण था कि वह वेस्टइंडीज क्रिकेट के प्रतीक के रूप में उभरे थे। उन्हें अन्य क्रिकेटरों की तरह उनके क्रियाकलापों के लिए कभी किसी क्रिकेट बोर्ड ने पैसा नहीं दिया। ग्रेवी ने 1988 से साल 2000 तक क्रिकेट क्राउड को इंटरटेन किया और अब वह सेंट जोन्स, एंटीगुआ हार्डवेयर स्टॉल चलाते हैं। फरवरी 2004 में उनके हाथ में किसी ने गोली मार दी थी। बाद में उन्होंने इस बारे में स्पष्टिकरण देते हुए बताया कि वह गलती से हो गया क्योंकि उन्हें किसी से कोई समस्या नहीं है।
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