महेन्द्र सिंह धोनी ने अपने करियर की शुरूआत दिसंबर महीने में ही की थी© Getty Images
महेन्द्र सिंह धोनी ने अपने करियर की शुरूआत दिसंबर महीने में ही की थी© Getty Images

क्रिकेट की दुनिया में महेन्द्र सिंह धोनी अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं। अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से दुनिया भर में अपनी धाक जमाने वाले धोनी ने कप्तानी में भी इतिहास रचा और भारत के सबसे सफल कप्तान बने। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने सफलता के नए शिखर तक पहुंची। धोनी के लिए दिसंबर का महीना हमेशा कुछ खास रहा। धोनी को उनके क्रिकेटिंग करियर की सबसे बड़ी खुशी इसी महीने में मिली। तो आइए जानते हैं आखिर धोनी के लिए दिसंबर का महीना क्यों इतना खास है।

1. वनडे करियर की शुरूआत:

बांग्लादेश के खिलाफ अपने पहले वनडे मैच में धोनी खाता भी नहीं खोल सके थे © PTI
बांग्लादेश के खिलाफ अपने पहले वनडे मैच में धोनी खाता भी नहीं खोल सके थे © PTI

भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखने वाले धोनी को नीली जर्सी में भारत के लिए खेलने का मौका दिसंबर महीने में ही मिला। 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपने वनडे करियर की शुरूआत की। हालांकि बल्ले से यह मैच उनके लिए कुछ खास नहीं रहा और वह बिना कोई रन बनाए शून्य के स्कोर पर रन आउट होकर पवेलियन लौट आए। मगर देश के लिए क्रिकेट खेलने का उनका सपना इसी माह में पूरा हुआ था या यूं कहे कि भारतीय क्रिकेट का एक सितारा इसी दिन जन्मा था। [Also Read: नंबर 1 से नंबर 11 तक सभी पोजीशन पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी]

2. टेस्ट करियर की शुरूआत:

धोनी के टेस्ट करियर की शुरूआत भी दिसंबर महीने में ही हुई था © Getty Images
धोनी के टेस्ट करियर की शुरूआत भी दिसंबर महीने में ही हुई था © Getty Images

वनडे करियर की तरह धोनी के टेस्ट करियर की शुरूआत भी दिसंबर महीने से हुई। 2 दिसंबर 2005 को धोनी पहली बार सफेद जर्सी में देश के लिए खेलने चेपक स्टेडियम चेन्नई के मैदान पर उतरे थे। इस टेस्ट के पहले 3 दिन का खेल नहीं हो सका था अंतिम दो दिनों में चौथे दिन धोनी को बल्लेबाजी करने का मौका मिला। मगर वनडे की तरह उनके टेस्ट करियर की शुरूआत भी कुछ खास नहीं रही और क्रिकेट के लंबे प्रारूप में भी वह अपने पहले मैच में सिर्फ 30 रन ही बना सके। [Also Read: गलत शॉट खेलने पर विराट कोहली को पड़ते थे थप्पड़]

3. टी20 करियर की शुरूआत:

 पहले टी20 मुकाबले में धोनी खाता नहीं खोल सके थे© Getty Images
पहले टी20 मुकाबले में धोनी खाता नहीं खोल सके थे© Getty Images

वनडे और टेस्ट के बाद धोनी ने भारत के लिए अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला भी दिसंबर महीने में ही खेला। 1 दिसंबर 2006 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ धोनी ने अपने टी20 करियर की शुरूआत की। खास बात यह रही कि यह भारत का भी पहला टी20 मुकाबला था। इस मैच से पहले भारतीय टीम ने एक भी टी20 मैच नहीं खेला था। अब करियर का पहला मैच तो धोनी का बल्ला फ्लॉप होना ही था। धोनी अपने पहले टी20 मैच में भी शू्न्य के स्कोर पर आउट हुए। विकेटकीपिंग के दौरान उन्होंने 1 कैच और एक रन आउट में अपना योगदान दिया। सिर्फ 1 टी20 मैच का अनुभव रखने के बावजूद धोनी को टी20 टीम का कप्तान बनाया गया और बाकि इतिहास है।

4. टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट:

टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के लिए भी धोनी ने दिसंबर का महीना चुना © Getty Images
टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के लिए भी धोनी ने दिसंबर का महीना चुना © Getty Images

क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अपने करियर की शुरूआत दिसंबर के महीने में करने वाले धोनी ने क्रिकेट के लंबे प्रारूप को अलविदा भी इसी महीने में कहा था। 2 दिसंबर 2005 में पहली बार सफेद जर्सी में भारत के लिए खेलने वाले धोनी ने 26-30 दिसंबर 2014 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम टेस्ट मैच खेला। अपने करियर की शुरूआत करते हुए तीनों प्रारूपों में बल्ले से नाकाम रहने वाले धोनी टेस्ट करियर की अंतिम पारी में नॉट आउट रहे। टेस्ट की अपनी अंतिम पारी में धोनी 24 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे।

इसके अलावा अपने टेस्ट करियर में जमाए कुल 6 शतकों में 1 शतक और वनडे करियर में जमाए गए कुल 9 शतकों में 2 शतक दिसंबर में जमाया। यानी धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 3 बार तिहरे अंकों की पारी दिसंबर महीने में ही खेली।