एमएस धोनी  © Getty Images and AFP
एमएस धोनी © Getty Images and AFP

पिछले दशकों में क्रिकेट के मैदान में टेक्नोलॉजी की पैठ बढ़ी है और नतीजतन क्रिकेट मैदान में हो रही हर घटना चाहे व भौतिक हो या शाब्दिक, हर बात पर मैदान में लगे माइक्रोफोन और कैमरों की निगाह रहती है। मैदान में क्रिकेटर एक दूसरे की कैसे टांग खींचते हैं ये कमेंट कभी-कभार विकेटकीपर के पास लगे माइक्रोफोन में रिकॉर्ड हो जाते हैं। आपने भारत के महेंद्र सिंह धोनी का ‘ओए’ और पाकिस्तान के कामरान अकमल का ‘शाबाश भाई शाबाश’ तो सुना ही होगा। हालांकि ये तो साधारण कमेंट हैं, लेकिन कई बार टीम के दूसरे खिलाड़ी सामने वाली टीम के खिलाड़ियों को दबाव में लाने के लिए कमेंट करके उत्तेजित करने की कोशिश करते हैं ताकि वह कोई खराब शॉट खेले और आउट हो जाए। ऐसे ही कुछ मजेदार क्रिकेट मैदान के कमेंटों से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं।

1. ब्रावो और फ्लिंटॉफ ने एक दूसरे का उड़ाया मजाक:

यह बात 2004 की है जब इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेला जा रहा था। बल्लेबाजी कर रहे थे एंड्रयु फ्लिंटॉफ जो उस समय इंग्लैंड के बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक थे। इसी बीच वेस्टइंडीज के ड्वेन ब्रावो जो हाल ही में टीम में आए ही थे वह फ्लिंटॉफ को आउट करने के लिए अपने टीम के खिलाड़ियों को उत्साहित करने लगे और कहने लगे, ‘कम ऑन जल्दी से इस बड़े खिलाड़ी को आउट करो’, इसको देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कि वह फ्लिंटॉफ को जल्दी से पवेलियन भेजने को लेकर उतावले हों। इसके कुछ देर बाद फ्लिंटॉफ ब्रावो की ओर पलटे और बेहतरीन जवाब दिया।

फ्लिंटॉफ ने कहा, ‘मैं एक बात बताऊं ब्रावो…यह देखने वाली बात होगी कि अगले तीन सालों में तुम टीम में नजर आओगे कि नहीं। मैंने इस खेल में कई साल गुजारे हैं और मैं इससे अच्छी तरह से वाकिफ हूं मैं कहता हूं कि अगले सालों में तुम यहां नहीं होगे।’ हालांकि ब्रावो ने आने वाले सालों में टीम वेस्टइंडीज को कई सालों तक अपनी सेवाएं दीं और वह वेस्टइंडीज के बेस्ट क्रिकेटर बने। इस तरह फ्लिंटॉफ की भविष्यवाणी गलत साबित हुई।

2. शॉन पोलक को मैदान में चिढ़ाने लगे संगकारा:

यह बात 2003 विश्व कप की है जब श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक बड़ा मुकाबला खेला जा रहा था। दक्षिण अफ्रीका को सुपर-6 में पहुंचने के लिए इस मैच में श्रीलंका को हराना अति आवश्यक था। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और 268 रनों का स्कोर बनाया जीत के लिए 269 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका टीम ने मैच के 30वें ओवर में 149 रनों पर अपने पांच विकेट गंवा दिए।

इस तरह दक्षिण अफ्रीका की पारी बेहद मुश्किल में नजर आ रही थी। इसी बीच टीम के कप्तान शॉन पोलक बल्लेबाजी के लिए आए। संगकारा ने विकटों के पीछे से शॉन पोलक पर शब्दबाण चलाना शुरू कर दिए। संगकारा ने कहा, ‘शॉन पर सारी उम्मीदों का दारोमदार, पूरे 42 मिलियन समर्थकों की उम्मीदें शॉन पर टिकी हुईं।’ संगकारा के इस ह्यूमर पर पोलक भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। पोलक ने इस मैच में 25 रन बनाए और मैच टाई हो गया।

3. जब बाउचर ने मारा ताइबू को ताना:

जिम्बाब्वे क्रिकेट में उथल-पुथल के बाद जिम्बाब्वे जो एक समय विश्व की बढ़िया टीमों में से एक मानी जाया करती थी 2005 तक आते-आते एक दोयम दर्जे की टीम बन कर रह गई। इसका सबसे बड़ा कारण उसके कई उच्च स्तर के क्रिकेटरों का एक दम से संन्यास ले लेना था। 2005 में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच एक टेस्ट मैच खेला जा रहा था और बल्लेबाजी कर रहे थे टीम के कप्तान तांतेदा ताइबू।

इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर मार्क बाउचर ने ताइबू का मजाक उड़ाने का सोचा। निकी बॉय ने अपनी पहली गेंद फेंकी तो विकेटों के पीछे से बाउचर बोले, ‘तुम तभी अच्छा स्कोर करते हो जब मैदान में सिर्फ एक तेज गेंदबाज हो’। इसके बाद वाली गेंद को ताइबू ने हल्के हाथों से कवर्स की ओर खेला, बाउचर ने उन्हें फिर से ताना मारते हुए कहा, ‘क्या बड़ा शॉट मारा है तांतेदा। तुम्हारा साहस उस वक्त कहां था जब केपटाउन में हमारे पास पूरा तेज गेंदबाजों का आक्रमण था और अब जब हमारे पास सिर्फ एक तेज गेंदबाज है तुम अपने आपको बड़ा तीसमारखां समझ रहे हो।’

बाउचर यहां नहीं रुके और इसके बाद भी उनके ताने जारी रहे। ‘मुझे अब यहां से जाना होगा क्योंकि तुम्हारा इस दौरे में औसत सिंगल फिगर से ज्यादा नहीं रहने वाला। तुम किस औसत से रन बना रहे हो? तुम्हे जरूर तुम्हारा औसत पता होगा। क्या वह नौ है? 10 है? मुझे लगता है यह नौ है। शायद 9.5..इसीलिए हम तुम्हें 10 देते हैं।’ इस तरह ताइबू का बाउचर ने खूब मजाक बनाया, लेकिन ताइबू शांति से बल्लेबाजी करते रहे और बाउचर की किसी भी बात का जवाब देना उन्होंने उचित नहीं समझा। दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच एक पारी और 62 रनों से जीत लिया।

4. जब कैफ ने मोहम्मद युसुफ को याद कराया उनका स्ट्राइक रेट:

भारत और पाकिस्तान का जब भी मैच होता है दोनों टीमों के खिलाड़ियों के अंदर उथल-पुथल सी मच रही होती है। कभी-कभार यह उथल-पुथल खिलाड़ियों के बीच विवाद को भी जन्म दे देती है। कालांतर में जावेद मियांदाद-किरन मोरे के किस्से इन्हीं बातों का साक्ष्य है। लेकिन फिर भी खिलाड़ी दूसरी टीम के खिलाड़ी को उत्तजित करने का कोई मौका नहीं चूकते। एक ऐसे ही मौके पर भारत के मोहम्मद कैफ ने मौके पर चौका मारा।

यह बात सन् 2005 की है जब भारत और पाकिस्तान के बीच एक टेस्ट मैच खेला जा रहा था। पाकिस्तान के मोहम्मद युसुफ बल्लेबाजी कर रहे थे और उनके पास ही सिली मिड ऑफ पर कैफ फील्डिंग कर रहे थे। इसी बीच कैफ ने युसुफ को बोला, ’87 गेंदें खेल ली अभी तक एक भी चौका नहीं मारा’, यह कैफ ने बल्लेबाज को बड़ा शॉट मारने के लिए उत्तेजित करने को कहा था ताकि बड़ा शॉट मारने के चक्कर में युसुफ अपना विकेट गंवा बैठे। हालांकि इसका युसुफ पर कोई असर नहीं पड़ा और वे शांत होकर क्रिकेट खेलते रहे।

5. धोनी के कमेंटों ने विपक्षी टीम के खिलाड़ियों का उड़ाया मजाक:

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान में भले बड़े शांत नजर आते हों, लेकिन जब वह अपने खिलाड़ियों को मैदान में निर्देश देते हैं वह बहुत ही हास्य से भरपूर होता है। वे मैदान में अपने खिलाड़ियों को निर्देश देने के दौरान ज्यादातर हिंदी का इस्तेमाल करते हैं ताकि वह क्या बोल रहे हैं इसका विपक्षी टीमों को पता ना चल पाए। वह इंग्लैंड के इयान बेल को हिंदी में शाब्दिक अर्थ का इस्तेमाल करते हुए घंटी कहते थे और एक बार उन्होंने मैदान में अपने खिलाड़ियों से कहा, ‘घंटी बजाओ इसकी’ और ‘घंटी को लेकर जाएंगे’। एक बार न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में धोनी जडेजा को फील्डिंग के बारे में समझा रहे थे जो और भी हास्य से भरपूर था। धोनी ने कहा, ‘ये घूमेगा तो पुजारा को इसीलिए इधर रखा है।’