आज है भारतीय टीम के सबसे सफल सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का जन्मदिन।
आज है भारतीय टीम के सबसे सफल सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का जन्मदिन।

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में आजतक कई ऐसे खिलाड़ी आए हैं, जिन्होंने अपने बल्ले से अपनी और भारतीय क्रिकेट दोनों की किस्मत बदली है। उन्ही में से एक है गौतम गंभीर जिनका आज जन्मदिन है। भारत के सबसे सफल सलामी बल्लबाजों में से एक गौतम गंभीर ने भारत के लिए कई शानदार पारियां खेली हैं। कई बार अपनी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत उन्होंने भारतीय टीम को जीत दिलाई है। साल 2003 को पहली बार गंभीर ने टीम इंडिया की जर्सी पहनी थी, तब से लेकर अब तक गंभीर ने अपने करियर में कई उतार चढ़ाव देखें हैं। कई बार फॉर्म में होने के बावजूद उन्हें टीम से बाहर रहना पड़ा है, इसी वजह से कई सारे विवाद भी उनके नाम के साथ जुड़े हैं। गौतम गंभीर से जुड़ी कई ऐसी बातें हम आपको बताने वालें है जो आप नहीं जानते।

1- टेस्ट में नंबर वन

हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में गंभीर ने शानदार कमबैक करते हुए अर्धशतक जमाया। भारत ये मैच जीता और साथ ही टेस्ट सीरीज में कीवीज को 3-0 से हराकर टेस्ट रैंकिग में नंबर वन भी बना। पर शायद आपको पता नहीं होगा पर गंभीर खुद  टेस्ट रैंकिग में शीर्ष का स्थान पा चुके हैं। साल 2009 में गंभीर को आईसीसी टेस्ट रैंकिग में नंबर वन बल्लेबाज का खिताब दिया गया। और उसी साल गंभीर को माननीय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अर्जुन अवार्ड से भी नवाजा था। ये गंभीर के करियर का सबसे बेहतरीन दौर था, क्योंकि 2008 में बॉर्डर गावस्कर टॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोटला में खेले गए तीसरे टेस्ट में गंभीर ने 206 रन बनाए थे। ये उनके करियर की बेहतरीन टेस्ट पारियों में से एक थी।

2- माता पिता से दूर बिताया बचपन

गौतम के पिता दीपक गंभीर बिजनेसमैन हैं।
गौतम के पिता दीपक गंभीर बिजनेसमैन हैं।

गंभीर का जन्म 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में हुआ था। गौतम गंभीर के पिता दीपक गंभीर कपड़े के व्यापारी हैं और उनकी मां हाउसवाइफ। गंभीर जब 18 दिन के थे तब उनके दादा ने उन्हें गोद ले लिया था। गौतम ने अपना पूरा बचपन अपने माता पिता से अलग रहकर बिताया है। गंभीर और महेन्द्र सिहं धोनी के बीच झगड़े और विवाद की बातें अक्सर मीडिया में आती रहती हैं पर एक बात है जो दोनों को एक करती है। धोनी की तरह ही गंभीर को भी भारतीय सेना से काफी लगाव हैं। गंभीर भी बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहते थे पर किस्मत उन्हें क्रिकेट के मैदान पर ले आई और ये बात क्रिकेट फैन्स के लिए अच्छी साबित हुई।

3-2007 विश्वकप से बाहर होने के बाद टूट गए थे गंभीर

गंभीर का टेलेन्ट किसी एक फॉर्मेट से बंधा हुआ नही है। उन्होंने ये साबित किया है कि वो टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट के सभी प्ररूपों में खेल सकते है लेकिन 2007 विश्वकप में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। सिलेक्टर्स ने सलामी बल्लेबाजी के लिए सहवाग और सचिन को चुना। अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि 2007 विश्वकप से बाहर होने के बाद वह बुरी तरह से टूट गए थे। उन्होंने प्रैक्टिस करना भी बंद कर दिया था। उन्होने क्रिकेट छोड़ने के बारे में भी सोचा था पर उनके पास क्रिकेट के अलावा कुछ और नहीं था इसलिए वह क्रिकेट में ही लगे रहे।   उन्होंने किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपने खेल को आगे बढ़ाया और नतीजा हम सब जानते हैं। 2007 वनडे विश्वकप से बाहर होने के बाद भारत ने उसी साल पहला टी20 विश्वकप जीता था। फाइनल मैच में गंभीर ने पाकिस्तान के खिलाफ 75 रनों की शानदार पारी खेली थी। उस सीरीज में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी गौतम गंभीर ही थे।

4- बतौर कप्तान 100 फीसदी सफल

बतौर कप्तान गंभीर ने दो आईपीएल खिताब जीते। © IANS (File Photo)
बतौर कप्तान गंभीर ने दो आईपीएल खिताब जीते। © IANS (File Photo)

गौतम गंभीर केवल एक सलामी बल्लेबाज ही नही बल्कि एक बेहतरीन कप्तान भी हैं। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान के रूप में गंभीर ने दो बार आईपीएल का खिताब जीता है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि गंभीर कई मौकों पर भारतीय टीम की कमान भी संभाली है और टीम को जीत दिलाई है। गंभीर ने बतौर कप्तान 6 एकदिवसीय मैच खेलें हैं और सारे ही मैच जीतें हैं। जिसमें से पांच मैच उन्होंने कीवीज के खिलाफ खेलें हैं और एक वेस्ट इंडीज के खिलाफ। कीवीज के खिलाफ नवंबर 2010 में पांच वनडे की सीरीज भारतीय टीम ने 5-0 से जीती थी। उस सीरीज में गौतम गंभीर ने बतौर बल्लेबाज कई शानदार पारिेयां भी खेली थी। दूसरे वनडे में गंभीर ने 138 रन बनाए थे तो तीसरे वनडे में 126 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। वहीं वेस्ट इंडीज के खिलाफ 2011 में भारत ने पांच वनडे की सीरीज खेली थी। पांचवे वनडे में कप्तानी की जिम्मेदारी गंभीर के दी गई थी। जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और भारत ये सीरीज 4-1 से जीत गया।

5- वीरू के साथ साझेदारी

भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजी जोड़ी है गंभीर और सहवाग।
भारत के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजी जोड़ी है गंभीर और सहवाग।

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज विरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर की साझेदारी मैदान पर तो सभी ने देखी है। क्रीज पर इनकी जोड़ी विरोधी गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिया करती है लेकिन मैदान से इतर भी दोनो की जोड़ी कमाल है। सहवाग भारतीय टीम में गंभीर के सबसे करीबी दोस्त हैं। सहवाग के रिटायरमेंट के बाद गंभीर को बहुत दुख पहुंचा था। उनका मानना है कि सहवाग ने उन्हें हमेशा अपने छोटे भाई की तरह समझा और उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा था कि सहवाग के रिटायर होने के साथ ही मेरी जिन्दगी का अहम हिस्सा मुझसे दूर हो गया है। वीरू ने भी हमेशा ही गंभीर को अपने भाई की तरह माना है। हालांकि दोनों का व्यक्तित्व काफी अलग है, गंभीर शांत स्वभाव के हैं तो वहीं सहवाग मस्तमौला हैं। फील्ड पर भी दोनो का अलग तरीका है खेलने का। सहवाग का खेल हमेशा से ही आक्रामक रहा है जबकि गंभीर धैर्य के साथ पारी को संभालते हैं। शायद दोनों के इतने अलग स्वभाव ही उन्हें अच्छा दोस्त और बेहतरीन सलामी जोड़ीदार बनाता है।