Happy Birthday Jasprit Bumrah, Ravindra Jadeja; two peas in Indian team’s pod
जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा।

6 दिसंबर का दिन भारतीय क्रिकेट टीम और उनके फैंस के लिए बेहद खास है। आज के दिन उन दो खिलाड़ियों का जन्म हुआ था जो आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम के सबसे बड़े मैचविनर बने। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, 6 दिसंबर को एक साथ अपना जन्मदिन मनाते हैं।

गुजरात में हुआ जन्म

वैसे तो इन दोनों खिलाड़ियों का खेल और टीम में इनकी भूमिका बिल्कुल अलग है लेकिन दोनों ही क्रिकेटरों की जिंदगी की कहानी काफी हद तक एक जैसी है। बुमराह और जडेजा, दोनों ही भारत के शहर गुजरात के रहने वाले हैं। जडेजा का जन्म 1988 में सौराष्ट्र में हुआ था, वहीं बुमराह 1993 में अहमदाबाद में पैदा हुए थे।

छोटी उम्र में गिरा दुखों का पहाड़

दोनों ही खिलाड़ियों का जन्म एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था और कम उम्र में उन्होंने बड़ी परेशानियों का सामना किया। बुमराह जब केवल सात साल के थे तब उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी मां ने उनकी देखभाल की। वहीं जडेजा ने भी छोटी उम्र में अपनी मां को खो दिया था जो कि नर्स का काम करती थी।

क्रिकेट नहीं था पहला करियर ऑप्शन

इन दोनों खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट पहला करियर विकल्प नहीं था। जडेजा के पिता अनिरुद्ध सिंह जो कि सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे, वो चाहते थे कि जडेजा भारतीय सेना में जाएं। दूसरी तरफ बुमराह भारत छोड़ कनाडा में सेट होना चाहते थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए ये अच्छा रहा कि दोनों ही खिलाड़ियों ने समय पर क्रिकेट का रुख किया।

करियर की शुरुआत से ही प्रतिभाशाली रहे 

जडेजा और बुमराह दोनों के राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने की राह संघर्ष से भरी रही लेकिन दोनों खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय टीम तक का सफर तय पूरा किया। जडेजा उन कुछ खिलाड़ियों में से हैं जो भारत के साल 2006 और फिर 2008 में दो अंडर-19 विश्व कप खेले है। गौरतलब है कि दोनों ही बार टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी। वहीं साल 2008 में विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्व कप जीता था।

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दूसरी ओर बुमराह ने साल 2013-14 सीजन में शानदार डेब्यू कर करियर की शुरुआत की थी। विदर्भ के खिलाफ पहले ही मैच में बुमराह ने कुल सात विकेट लिए थे और अपने अनोखे गेंदबादी एक्शन से उस सीजन गुजरात के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने थे। जिसके बाद तत्कालीन मुंबई इंडियंस कोच जॉन राइट की नजर बुमराह पर पड़ी और उनके करियर ने नया मोड़ लिया।

आईपीएल से करियर को मिला जंपस्टार्ट

बुमराह और जडेजा दोनों खिलाड़ियों के करियर में इंडियन प्रीमियर लीग ने बड़ी भूमिका निभाई है। जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के साथ आईपीएल करियर की शुरुआत की थी लेकिन उन्हें असली पहचान पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स टीम में आने के बाद मिली। इसी दौरान साल 2009 में जडेजा ने टीम इंडिया में भी इंट्री की और सीमित ओवर फॉर्मेट में कप्तान धोनी के पसंदीदा स्पिन ऑलराउंडर बने।

बुमराह ने भी साल 2013 में मुंबई इंडियंस के लिए धमाकेदार आईपीएल डेब्यू किया। 19 साल के बुमराह ने विराट कोहली का विकेट लेकर आईपीएल के मंच पर अपना लोहा मनवाया। और अगले तीन सीजन में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर 2016 में टीम इंडिया में इंट्री की। बुमराह भी सीमित ओवर फॉर्मेट में टीम इंडिया के प्रमुख गेंदबाज बन गए।

तीनों फॉर्मेट के धुरंधर

बुमराह-जडेजा मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम उन कुछ खिलाड़ियों में हैं, जो की राष्ट्रीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट खेलते हैं। सीमित ओवर फॉर्मेट में बादशाहत हासिल करने के बाद जडेजा ने 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर टेस्ट के साथ क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में कदम रखा।

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प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीन तिहरे शतक लगा चुके जडेजा ने ना केवल गेंद बल्कि बल्ले से प्रदर्शन के दम पर टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की की। साल 2019 में सबसे तेज 200 टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर बने जडेजा आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में गेंदबाजों की सूची पर 18वें स्थान पर हैं और ऑलराउंडर खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं।

बुमराह ने भी जडेजा की तरह सीमित ओवर फॉर्मेट डेब्यू की के सालों बाद टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। बुमराह ने साल 2016 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेले गए सिडनी टेस्ट के साथ टेस्ट करियर का आगाज किया। 14 टेस्ट मैचों में 68 विकेट ले चुके बुमराह साल 2018 में ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के नायक रहे और मौजूदा टेस्ट टीम के पेस अटैक के लीडर हैं।