महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images
महेंद्र सिंह धोनी © Getty Images

आमतौर पर मैदान में अपने कूल व्यवहार के लिए प्रसिद्ध महेंद्र सिंह धोनी आजकल मैदान के बाहर अपने बर्ताव से सबको चौंका रहे हैं। हाल ही में एक मीडिया कॉन्फ्रेन्स के दौरान एक पत्रकार के सवाल पर धोनी इस तरह बिफरे कि वहां मौजूद अन्य पत्रकार बस भौंचक्के से रह गए लेकिन अब सवाल खड़ा होता है कि क्या धोनी का भड़कना जायज था। तो इसके दो पक्ष निकलकर के सामने आते हैं। लेकिन इसके पहले ये जान लेते हैं कि उस पत्रकार ने धोनी से क्या सवाल पूछा था? पत्रकार ने धोनी पर सवाल दागते हुए पूछा था कि इस मैच को बड़े रन रेट से जीतने की बात हो रही थी ताकि टीम का रेन रेट बढ़ाया जा सके लेकिन आप किसी तरह से जीत पाए। इस टीम के प्रदर्शन से आप कितने संतुष्ट हैं? ये भी पढ़ें: जानिए कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया सेमीफाइनल में

इस बीच जब उस पत्रकार ने दूसरा सवाल पूछना चाहा तो धोनी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और धोनी ने सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आपके सवाल से नहीं लगता कि टीम इंडियाा के जीतने से आपको खुशी हुई है? बहरहाल अगर पत्रकार के सवाल को गहराई से जांचे तो पता चलता है कि सवाल कतई उलटा नहीं था, बल्कि टीम इंडिया के बांग्लादेश के खिलाफ मैच में किए गए प्रदर्शन पर एक प्रकाश डाल रहा था। ये देखने वाली बात है कि टीम इंडिया जो इस विश्व कप टी20 की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी वह पहला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ एक बड़े अंतर से हारने के बाद तीसरे मैच में बांग्लादेश से जैसे तैसे जीत पाई और इस बीच टीम का टॉप ऑर्डर तीनों मौकों में फेल हुआ।

क्या कप्तान धोनी की जिम्मेदारी नहीं बनती है कि वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के पहले अपनी जिम्मेदारी को समझें और टीम में उन खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा करें जो अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहे हैं। साथ ही एक और सवाल पैदा होता है कि क्या अब धोनी उनके और उनकी टीम के प्रदर्शन पर उठ रहे सवालों से डरने लगे हैं? क्या वे नहीं जानते कि इन सवालों को मथकर ही वह आगे आने वाले मैचों के लिए एक सही और मंजी हुई टीम तैयार कर सकते हैं। जिस प्रकार से धोनी ने अपना कूल प्रेस के सामने खोया शायद ही इसके पहले उन्होंने खोया हो। लेकिन धोनी को अब सवालों से डरने की नहीं बल्कि उनसे हल निकालने की जरूरत है।

अगला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जाना है और यह मैच धोनी और टीम इंडिया के लिए कतई आसान नहीं होने वाला। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में टीम इंडिया ने बेहद खराब क्षेत्ररक्षण किया था और तमीम इकबाल के अकेले 2 आसान से कैच छूटे थे। जिसके बाद उन्होंने जसप्रीत बुमराह के एक ओवर में 4 चौके लगाते हुए बांग्लादेश को ड्राइविंग सीट पर बिठा दिया था। अगर तमीम शुरुआत में ही आउट हो जाते तो शायद धोनी को इस तरह के सवालों का सामना ना करना पड़ता। तमीम ही नहीं शाकिब अल हसन और सौम्य सरकार के भी कैच छूटे और मिसफील्ड भी देखने को मिली। अगर ऐसा ही चला तो क्या टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया की सशक्त टीम को पटखनी दे पाएगी? इस पर सवालिया निशान जरूर खड़ा हो जाता है। जाहिर है ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए टीम इंडिया को अपने खेल में सुधार की जरूरत है। गौरतलब है कि अगर टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचना है तो उसे 27 मार्च को ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में हराना होगा।