एशिया कप फाइनल और विश्व कप से पहले भारतीय टीम ने यूएई के खिलाफ अपने बेंच स्ट्रेंथ की ताकत को आजमाया © Gettty Images
एशिया कप फाइनल और विश्व कप से पहले भारतीय टीम ने यूएई के खिलाफ अपने बेंच स्ट्रेंथ की ताकत को आजमाया © Gettty Images

भारतीय टीम एशिया कप के फाइनल में पहुंच चुकी है। 6 मार्च को भारतीय टीम मेजबान बांग्लादेश के साथ एशिया कप के ताज के लिए भिड़ेगी। भारतीय टीम ने पिछले दो दौरे पर लगभग एक ही एकादश के साथ खेली है। ऐसे में हरभजन सिंह, भुवनेश्वर कुमार, पवन नेगी, पार्थिव पटेल जैसे खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल सका है। ऐसे में टीम की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मजबूत है इसका पता नहीं चल पाया है। यूएई के खिलाफ भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने बेंच स्ट्रेंथ को आजमाते हुए रविचन्द्रन अश्विन, रविन्द्र जडेजा, आशीष नेहरा को आराम देते हुए हरभजन सिंह, पवन नेगी, और भुवनेश्वर कुमार को अंतिम एकादश में शामिल किया। तो आइए जानते हैं कि इन तीनों ने कैसा प्रदर्शन किया और टीम के लिए किन विकल्पों को जोड़ा। ALSO READ: रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना कितनी मजबूत भारतीय बल्लेबाजी

1.भुवनेश्वर कुमार:

भुवनेश्वर का फॉर्म में आना भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है © AFP
भुवनेश्वर का फॉर्म में आना भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है © AFP

यूएई के खिलाफ भुवनेश्वर ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर के अपने कोटे में सिर्फ 8 रन देकर 2 विकेट भी चटकाए। भुवी ने अपने पहले 2 ओवर मेडन डालते हुए एक विकेट चटकाया। पिछले कुछ समय में भारतीय तेज गेंदबाजी का दारोमदार अनुभवी आशीष नेहरा और युवा जसप्रीत बुमराह के कंधों पर है। दोनों ने शानदार गेंदबाजी की है। लेकिन विश्व कप से पहले दोनों गेंदबाजों को आराम देना जरूरी था। भुवी ने लय में आकर भारतीय टीम को इस समस्या से भी निजात दिला दिया की नेहरा या बुमराह के चोटिल होने की स्थिति में विकल्प कौन होगा। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज आकिब जावेद ने हाल ही में बुमराह के अजीबोगरीब एक्शन को चोटिल करने वाला बताया था। ऐसे में अगर ऐसा कुछ होता है तो विकल्प के रूप में भारतीय टीम भुवनेश्वर को आजमा सकती है। ALSO READ: स्पेशलिस्ट ऑलराउंडर के रूप में उम्मीद जगाते हार्दिक पांड्या

2. हरभजन सिंह:

हरभजन सिंह ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि वो अभी भी रन रोकने और विकेट चटकाने की कला जानते हैं © AFP
हरभजन सिंह ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि वो अभी भी रन रोकने और विकेट चटकाने की कला जानते हैं © AFP

हरभजन ने भी यूएई के खिलाफ मिले मौके को भुनाते हुए शानदार गेंदबाजी की। जैसा की हम सब जानते है कि इस साल का टी20 विश्व कप भारतीय पिचों पर खेला जाना है जिन पर स्पिनर काफी असरदार हो सकते हैं। ऐसे में हरभजन का टीम में होना टीम इंडिया के लिए प्लस प्वाइंट है। अश्विन, जडेजा के साथ हरभजन की जोड़ी विपक्षी टीमों पर कहर बरपा सकती है। सबसे बड़ी बात ये की तीनों अलग-अलग तरह के स्पिनर हैं। हरभजन 2007 टी20 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य भी रह चुके हैं इसलिये इस बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव भी टीम के लिए काफी फायदेमंद होगा।

3. पवन नेगी:

पवन नेगी भारतीय टीम को एक ऑलराउंडर का विकल्प देते हैं  © AFP
पवन नेगी भारतीय टीम को एक ऑलराउंडर का विकल्प देते हैं © AFP

पवन नेगी को भारतीय टीम में ऑलराउंडर के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। नेगी एक चालाक स्पिनर के साथ-साथ लोवर आर्डर के विस्फोटक बल्लेबाज भी हैं। यूएई के खिलाफ अपना करियर शुरू करने वाले नेगी ने अपना पहला विकेट भी चटकाया। हालांकि टीम इंडिया के ऑलराउंडर की समस्या को काफी हद तक हार्दिक पांड्या ने सुलझा दिया है। पांड्या शानदार गेंदबाजी करने के अलावा विस्फोटक बल्लेबाजी भी कर रहे हैं ऐसे में नेगी को टीम में जगह मिलना बहुत मुश्किल है लेकिन अगर पांड्या नाकाम रहते हैं तो विकल्प के रूप में नेगी कप्तान की पहली पसंद होंगे।