ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच आज खेला जाएगा मुकाबला © Getty Images
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच आज खेला जाएगा मुकाबला © Getty Images

चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे मैच में जब आज ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी, तो दर्शकों को भारतपाक मुकाबले जैसा रोमांच देखने को मिलेगा। दोनों देशों के बीच हमेशा ही जबरदस्त और कड़ी टक्कर देखने को मिलती है। दोनों टीमों के बीच साल 2015 के विश्व कप में 2 मुकाबले हुए थे और इस दौरान दोनों टीमों ने 1-1 मुकाबला जीता था। हालांकि फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त देकर खिताब जीत लिया था। एक बार फिर से मौका है आईसीसी टूर्नामेंट का और इस बार न्यूजीलैंड का इरादा फाइनल में मिली हार का बदला लेने का होगा, तो वहीं ऑस्ट्रेलिया आईसीसी टूर्नामेंट में कीवी टीम पर अपना प्रभुत्व बनाए रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। ये भी पढ़ें: वीरेंद्र सहवाग समेत 5 बड़े नामों ने टीम इंडिया का कोच बनने के लिए आवेदन दिया-सूत्र

शानदार आगाज करने उतरेंगे कंगारू: कंगारू टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच का रुख पलटने का माद्दा रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम काफी संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। टीम के पास क्रिस लिन, डेविड वॉर्नर के रूप में विस्फोटक बल्लेबाज हैं, तो वहीं तीसरे नंबर पर स्टीवन स्मिथ के रूप में दुनिया का सबसे शानदार बल्लेबाज है। इसके अलावा टीम के मध्यक्रम में मोइसिस हेनरीक्स, एरॉन फिंच, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू वेड जैसे धुरंधर हैं। वैसे अभी ये साफ नहीं है कि वॉर्नर के साथ सलामी बल्लेबाजी कौन करेगा।

गेंदबाजी में भी टीम के पास एक से बढ़कर एक धुरंधर हैं। जेम्स पैटिंसन के आने से टीम की गेंदबाजी और मजबूत हुई है। पैटिंसन के अलावा टीम के पास मिचेल स्टार्क, पेट कमिंस, जोश हेजलवुड और स्पिनर एडम जंपा हैं। इन सभी गेंदबाजों का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। ऐसे में टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही काफी मजबूत नजर आ रही है।

भले ही ऑस्ट्रेलियाई टीम सबसे मजबूत नजर आ रही है। इसके बावजूद टीम की कुछ कमजोरियां हैं जो उनके लिए खतरा पैदा कर सकतीं हैं। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड चोटिल होने के बाद सीधा चैंपियंस ट्रॉफी में वापसी करेंगे, ऐसे में इतने बड़े टूर्नामेंट में वापसी करना दोनों के लिए आसान नहीं रहेगा।

चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन: चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती दो चरणों में टीम क्वॉर्टरफाइनल से ही बाहर हो गई थी। इसके बाद भी टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया का सफर अच्छा नहीं रहा और टीम को 2000-01, 2002-03 और साल 2004 में भी टूर्नामेंट से निराश होकर ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि इसके बाद टीम ने वापसी की और 2006-07 और फिर 2009-10 में खेले गए टूर्नामेंट को जीतकर इतिहास रच दिया। 2013 में टीम को शुरुआती दौर से ही बाहर होना पड़ गया था।

ऑस्ट्रेलिया की संभावित प्लेइंग इलेवन: डेविड वॉर्नर, एरॉन फिंच, स्टीवन स्मिथ, क्रिस लिन, ट्रेविस हेड, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू वेड, मार्कस स्टोइनिस, मिचेल स्टार्क, पेट कमिंस, जोश हेजलवुड  ये भी पढ़ें-टीम इंडिया के तेज गेंदबाजी कोच बनाना चाहते हैं जहीर खान!

कीवी टीम दिखाएगी अपना दम: न्यूजीलैंड टीम ने पिछले एक साल में कुल 22 वनडे मैच खेले हैं जिनमें से 12 में उन्होंने जीत दर्ज की है। विदेशी जमीन पर खेले 10 मैचों में से चार में न्यूजीलैंड टीम विजयी रही है। साथ ही अगर इंग्लैंड में कीवी टीम के रिकॉर्ड की बात करें तो पिछले पांच सालों में खेले गए 9 में से चार वनडे मैचों में टीम को सफलता मिली है। शीर्ष 10 वनडे बल्लेबाजों में न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल और केन विलियमसन शामिल हैं। साथ ही ट्रेंट बोल्ट और मैट हैनरी भी शीर्ष 10 वनडे गेंदबाजों की सूची में मौजूद हैं। न्यूजीलैंड वनडे में खासी सफल टीम साबित हुई है।

आयरलैंड से त्रिकोणीय सीरीज जीत कर लौटी न्यूजीलैंड टीम पहले अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ 45 रनों से हार गई। इस मैच से दौरान न्यूजीलैंड टीम की काफी कमियां उभरकर सामने आईं। ल्यूक रॉन्की को छोड़कर शीर्ष बल्लेबाजी क्रम के सभी बल्लेबाज 15 के स्कोर के अंदर आउट हो गए। वहीं सात खिलाड़ी तो दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। ज्यादातर बल्लेबाज तेज गेंदबाजों के शिकार बने।

न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल के रिकॉर्ड पर अगर नजर डालें तो वनडे क्रिकेट में उन्हें सबसे ज्यादा बार आउट करने वाले शीर्ष दो गेंदबाज पेसर हैं। वहीं अगर कप्तान केन विलियमसन की बात करें तो वह भी तेज गेंदबाजों के सामने परेशान होते हैं। पिछले एक साल में खेले 18 मैचों में विलियमसन 9 बार तेज गेंदबाजों का शिकार बन चुके हैं। न्यूजीलैंड के प्रमुख बल्लेबाजों अगर इंग्लैंड की उछाल भरी पिचों पर तेज गेंदबाजो के सामने अपना विकेट गंवा देंगे तो टीम का खिताब तक का सफर काफी मुश्किल हो जाएगा।

चैंपियंस ट्रॉफी में प्रदर्शन: न्यूजीलैंड टीम ने 1998 से लेकर 2013 तक सभी चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भाग लिया है। चैंपियंस ट्रॉफी में खेले 21 मैचों में से न्यूजीलैंड ने 12 मैच जीते हैं और 8 में हार का सामना किया है। साल 2000 में न्यूजीलैंड ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर खिताब पर कब्जा किया था। न्यूजीलैंड ने स्टीफन फ्लैमिंग की कप्तानी में फाइनल मैच में टीम इंडिया को हराकर पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इस मैच में क्रिस केर्न्स ने मैच विनिंग शतकीय पारी खेली थी। न्यूजीलैंड 2009 में उप विजेता भी रही थी। उस सीजन में ऑस्ट्रेलिया ने अपना दूसरा चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीता था।

न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग इलेवन: मार्टिन गप्टिल, केन विलियमसन, कोरी एंडरसन, ल्यूक रॉन्की, रॉस टेलर, नील ब्रूम, जेम्स नीशम, मिचेल सैंटेनर, टिम साऊदी, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, ट्रेंट बोल्ट

2015 विश्व कप के बाद दोनों के बीच के नतीजे: साल 2015 विश्व कप के बाद दोनों टीमें 9 मुकाबलों में एक दूसरे से भिड़ चुकीं हैं। इस दौरान दोनों टीमों ने 4-4 बार बाजी मारी है, वहीं 1 मैच का कोई नतीजा नहीं निकल सका।

चैंपियंस ट्रॉफी में दोनों टीमों के नतीजे: चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा है। इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों का सामना 4 बार हुआ है और चारों ही मौकों पर ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराने में कामयाबी पाई है। इस दौरान साल 2009 में दोनों टीमों के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल भी खेला गया था और मुकाबले को ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया था। ये भी पढ़ें: ‘अनिल कुंबले को हेड कोच बनाए जाने को लेकर शुरू से ही खिलाफ थे विराट कोहली’

आखिरी 5 मैचों में ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन: आखिरी 5 मैचों में ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन की बात करें तो टीम ने 3 में जीत हासिल की है, तो वहीं 2 मुकाबले उन्हें हारने पड़े हैं। हालांकि आखिरी दोनों मैच ऑस्ट्रेलिया ने गंवाए हैं।

आखिरी 5 मैचों में न्यूजीलैंड का प्रदर्शन: आखिरी 5 मैचों में कीवी टीम के प्रदर्शन की बात करें तो टीम को 3 में जीत और 2 में हार मिली है। इस दौरान आखिरी 2 मैचों में टीम ने 1 मैच जीता है और 1 हारा है।