भारत बनाम पाकिस्तान © PTI
भारत बनाम पाकिस्तान © PTI

चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच टक्कर होगी। भारत और पाकिस्तान 10 साल बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में एक दूसरे से भिड़ेंगे। इससे पहले साल 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत और पाकिस्तान की टक्कर हुई थी जिसमें भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया था। अब एक बार फिर इन दोनों चिर प्रतिद्धंदियों के बीच मुकाबला होने वाला है। मौजूदा टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। दोनों टीमों ने 4 में से 3 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है। फाइनल मुकाबला लंदन के ओवल मैदान पर खेला जाएगा जहां जीत का सबसे बड़ा फॉर्मूला बेहद ही आसान है, लेकिन उसके लिए किस्मत का साथ होना बेहद जरूरी है। आइए आपको बताते हैं क्या है ओवल में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल जीतने का मंत्र।

टॉस जीतो, फील्डिंग करो

लंदन के ओवल मैदान पर अगर टीम इंडिया को चैंपियन बनना है तो उसे टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करनी चाहिए। वो इसलिए क्यों अबतक ओवल मैदान पर खेले गए 5 में से 3 मैचों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती है। जबकि एक मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है और एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ है। मतलब चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में यहां अबतक 4 मैचों का नतीजा निकला है और 3 में पहले फील्डिंग करने वाली टीम जीती है।

ओवल मैदान पर पहला मैच इंग्लैंड और बांग्लादेश के बीच खेला गया था जिसमें इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग चुनी। बांग्लादेश ने इंग्लिश टीम को 306 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था जिसे उसने बड़े आराम से 47.2 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। दूसरा मुकाबला श्रीलंका और द.अफ्रीका के बीच हुआ इस मैच में द.अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम को 96 रनों से हराया। बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया तीसरा मैच बारिश के चलते रद्द हुआ। ये भी पढ़ें-भारत पर जीत के लिए इमरान खान ने पाकिस्तान को दिए ‘विजय मंत्र’!

ओवल में खेला गया चौथा मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच हुआ। मैच में सिक्के की बाजी श्रीलंका ने जीती और पहले फील्डिंग चुनी। टीम इंडिया ने 50 ओवर में 321 रन बनाए, लेकिन इस मैदान पर ये विशाल लक्ष्य भी बौना साबित हो गया। श्रीलंका ने 8 गेंद पहले ही 322 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। भारत और द.अफ्रीका के बीच हुए मुकाबले में भी टीम इंडिया ने ओवल के मैदान पर टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी और उसने पहले द.अफ्रीका को 191 रनों पर समेटा और उसके बाद 38 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। साफ है ओवल के मैदान पर टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने में ही फायदा है।