पाकिस्तान टीम © Getty Images
पाकिस्तान टीम © Getty Images

पाकिस्तान टीम ने श्रीलंका को 3 विकेट से मात देकर चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। वनडे रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद पाकिस्तान के सेमीफाइनल तक पहुंचने के बारे में किसी ने भी नहीं सोचा होगा। पहले लीग मैच में 124 रनों से हारने के बाद पाकिस्तान ने धमाकेदार वापसी की। पहले द.अफ्रीका और फिर श्रीलंका को हराकर वो सेमीफाइनल तक पहुंचे हैं लेकिन अब उनके सामने और भी बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान कल यानि की 14 जून को कार्डिफ में इंग्लैंड के खिलाफ पहला सेमीफाइनल खेलेगा। मेजबान टीम इंग्लैंड चैंपियंस ट्रॉफी की सबसे बड़ी दावेदार है, वहीं आंकड़े भी इंग्लैंड के पक्ष में हैं। हालांकि इंग्लैंड और पाकिस्तान आज तक कभी चैंपियंस ट्रॉफी में नहीं भिड़े हैं लेकिन दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट्स में इनकी कई बार टक्कर हुई है। इंग्लैंड और पाकिस्तान ने आईसीसी टूर्नामेंट में एक दूसरे के खिलाफ कुल 11 मैच खेले हैं, इनमें से 6 में इंग्लैंड को जीत हासिल हुई है और 4 में पाकिस्तान ने बाजी मारी है, वहीं एक मैच रद्द रहा है। आइए आईसीसी टूर्नामेंट में दोनों टीमों के मुकाबले पर एक नजर डालते हैं।

1987 वनडे विश्व कप: आईसीसी द्वारा आयोजित 1987 का विश्व कप पहला मौका था जब इंग्लैंड और पाकिस्तान की टीमें एक बड़े टूर्नामेंट में आमने-सामने आई थीं। 16 जून को इंग्लैंड के लीड्स में खेले गया यह मैच काफी रोमांचक था। इस विश्व कप में नियम काफी अलग थे, तब वनडे मैच 60-60 ओवर के होते थे और विजेता टीम को 2 नहीं बल्कि चार अंक दिए जाते थे। इस मैच में दोनों ही टीमों की ओर से शानदार गेंदबाजी हुई थी। पाकिस्तान के गेंदबाजों खासकर सिकंदर बख्त और मजीद खान ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को 165 के स्कोर पर रोक दिया। वहीं लक्ष्य का पीछा करते समय पाकिस्तान की टीम केवल 151 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड के माइक हैंड्रिक की धारदार गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान टीम 60 ओवर भी नहीं खेल सकी। इंग्लैंड ने इस मैच में 14 रनों से जीत हासिल की। [ये भी पढ़ें: टीम इंडिया की जीत पर झूमा ट्विटर]

1983 वनडे विश्व कप: हर भारतीय फैन के लिए 1983 का विश्व कप बहुत खास है लेकिन पाकिस्तान और इंग्लैंड के प्रशंसक भी इस टूर्नामेंट को भूल नहीं सकते। 1983 के विश्व कप में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दो मैच खेले गए थे। लॉर्ड्स में खेले गए पहले मैच में इंग्लैंड ने 8 विकेट से जीत हासिल की थी। इस मैच में पाकिस्तान की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही कुछ खास नहीं थे। बल्लेबाजों में जहीर अब्बास (83) को छोड़कर कोई भी खिलाड़ी 30 के आंकड़े को पार नहीं कर सका। वहीं गेंदबाजी की बात करें तो राशिद खान और मंसूर अख्तर को छोड़कर सभी का खाता खाली रहा।

17 जून को मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे मैच में भी इंग्लैंड का दबदबा रहा। हालांकि इस मैच में पाकिस्तान ने अच्छी बल्लेबाजी की थी और 60 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 232 रन बनाए थे लेकिन गेंदबाजी में साधारण प्रदर्शन से इमरान खान की टीम लक्ष्य को बचा नहीं सकी। [ये भी पढ़ें: अनुष्का शर्मा के सामने रो पड़े विराट कोहली?]

1987 विश्व कप: 1987 में पाकिस्तान ने पहली बार इंग्लैंड को आईसीसी टूर्नामेंट में हराया था। इस साल के वनडे मैच भी 50-50 ओवर के होने लगे थे। 1987 के विश्व कप में भी इंग्लैंड और पाकिस्कान दो बार भिड़े थे। पहला मैच 12 अक्टूबर को रावलपिंडी में खेला गया था। इस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सलीम मलिक और इयाज अहमद के शानदार अर्धशतक की मदद से 239 रन बनाए। वहीं अब्दुल कादिर के चार विकेट के स्पेल की बदौलत पाकिस्तान ने 48.4 ओवर में ही इंग्लैंड टीम को ऑल आउट कर 18 रन से जीत हासिल की।

एक बार जीत हासिल करने के बाद पाकिस्तान टीम रुकी नहीं। कराची में 20 अक्टूबर को खेले गए दूसरे मैच में भी पाक टीम ने इंग्लैंड टीम को मात दी। इंग्लैंड टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 244 रन बनाए। बिल एथे ने इस मैच में 86 रनों की पारी खेली थी। वहीं पाकिस्तान की ओर से कप्तान इमरान खान ने 4 विकेट चटकाए थे। 245 रनों का पीछा करते हुए पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज रमीज रजा ने धमाकेदार शतक जड़ा। सलीम मलिक ने भी 88 रनों की पारी खेली और पाकिस्तान ने बड़ी आसानी से 7 विकेट से जीत हासिल की। [ये भी पढ़ें: पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका को ले डूबीं ये गलतियां]

1992 वनडे विश्व कप: ऑस्ट्रेलिया में आयोजित 1992 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान ने पहली बार आईसीसी ट्रॉफी जीती थी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल मैच जीता था। 1 मार्च को एडिलेड में दोनों टीमों के बीच खेला गया लीग मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था लेकिन इस मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान टीम को मात्र 74 रन पर ऑल आउट कर दिया। अगर मैच रद्द नहीं होता तो यकीकन इंग्लैंड आसानी से ये मैच जीत लेती। इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान न्यूजीलैंड को हराकर विश्व कप के फाइनल मैच तक पहुंची। 25 मार्च को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर दोनों टीमें खिताबी भिड़त के लिए उतरी। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए। इमरान खान ने 72 रनों की कप्तानी पारी खेली। गेंदबाजी का मोर्चा संभाला वसीम अकरम और मुश्ताक अहमद ने, दोनों ने 3-3 विकेट लेकर इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। पाकिस्तान ने इंग्लैंड टीम को 227 के स्कोर पर ऑल आउट कर अपना पहला विश्व कप जीता।

1996 वनडे विश्व कप: अपना पहला आईसीसी खिताब जीतने के चार साल बाद पाकिस्तान एक बार फिर आईसीसी के मंच पर इंग्लैंड से भिड़ा। इस बार भी बाजी पाक टीम के पक्ष में ही गई। कराची में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान ने इंग्लैड का दिया 250 रनों का लक्ष्य को 14 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। पाकिस्तान टीम की ओर से सईद अनवर (71) और इजाज अहमद (70) ने शानदार बल्लेबाजी की थी। यही वह आखिरी मैच था जब पाकिस्तान ने इंग्लैंड को किसी आईसीसी टूर्नामेंट में हराया। [ये भी पढ़ें: “राजस्थान क्रिकेट बोर्ड से नहीं हटेगा प्रतिबंध”]

2003 वनडे विश्व कप: 23 मार्च 2003 को केपटाउन में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड के पाकिस्तान को 112 रनों से बुरी तरह हराया था। इंग्लैंड के 247 रनों के लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान टीम केवल 134 रनों पर आउट हो गई। इंग्लैंड के एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने इस मैच में पांच विकेट चटकाए थे। 2003 के बाद से अब तक वनडे विश्व कप में पाकिस्तान का सामना इंग्लैंड से नहीं हुआ है।

2009 टी20 विश्व कप: 2009 में टी20 विश्व कप में एक बार फिर पाकिस्तान और इंग्लैंड का सामना हुआ। 7 जून को इस मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 48 रनों से हराया। इंग्लैंड के 185 रनों के जवाब में पाकिस्तान केवल 137 रन बना सकी। पाकिस्तान भले ही इंग्लैंड से हार गई हो लेकिन 2009 का टी20 विश्व कप पाकिस्तान ने जीता था।

2010 टी20 विश्व कप: वेस्टइंडीज में आयोजित इस टी20 टूर्नामेंट में पाकिस्तान एक बार फिर इंग्लैंड से हारी थी। बारबाडोस में 6 मई को खेले गए मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट खोकर 147 रन बनाए। जिसके जवाब में इंग्लैंड ने केवल 4 विकेट खोकर 151 रन बना दिए। इंग्लैंड ने 3 गेंदें शेष रहते ही ये मैच जीत लिया और फिर 2010 टी20 विश्व कप की ट्रॉफी भी इंग्लैंड ने अपने नाम की। [ये भी पढ़ें:ट्विटर पर युवराज सिंह ने की ज़हीर खान की खिंचाई]

आईसीसी टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड खास अच्छा नहीं है। वैसे क्रिकेट के खेल में मैदान पर उतरते ही आंकड़े पीछे रह जाते हैं। जो टीम मैच के दिन अच्छा खेल जाती है वही विजेता होती। देखना होगा कि 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान और इंग्लैंड में से किसकी जीत होती है।