पाकिस्तान टीम  © Getty Images
पाकिस्तान टीम © Getty Images

चैंपियंस ट्रॉफी का बिगुल बजते ही सभी टीमें खिताबी जंग के लिए तैयार हो गई हैं, इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान एक ऐसी टीम है जो आठ बार टूर्नामेंट का हिस्सा होने के बाद भी अपने पहले चैंपियंस ट्रॉफी खिताब के लिए खेल रही है। हालांकि श्रीलंका ने भी अकेले खिताब नहीं जीता है लेकिन 2002 के टूर्नामेंट में उन्हें भारत के साथ ट्रॉफी बांटने का मौका मिला था। 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेने वाली आठ टीमों में पाकिस्तान भले ही आखिरी स्थान पर मौजूद हो लेकिन वह इस प्रतियोगिता में कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। सरफराज अहमद के नेतृत्व में इस टूर्नामेंट में उतर रही पाक टीम के पास अच्छे बल्लेबाज, विकेट लेने वेले गेंदबाज और कई हरफनमौला खिलाड़ी भी हैं। पाकिस्तान टीम आईसीसी वनडे रैंकिग में आठवें स्थान पर है इसलिए उसे कुछ खोने का डर नहीं है, ऐसे में ये टीम खतरनाक साबित हो सकती है। कप्तान अहमद ने बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच से पहले इंटरव्यू में भी यही कहा था कि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है इसलिए वह पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे।

पाकिस्तान टीम की ताकत: पाकिस्तान टीम हाल ही में वेस्टइंडीज का सफल दौरा करके लौटी है। इस दौरे पर खेले गई वनडे और टी20 सीरीज में पाकिस्तान टीम ने जीत हासिल की थी। जाहिर है अगर कोई टीम किसी टीम को उसी के घरेलू मैदान में हराती है तो उसका हौसला काफी बढ़ जाता है। पाक टीम भी जीत के हौसले के साथ टूर्नामेंट में प्रवेश करेगी। पाक के पास युवा बाबर आजम और हैरिस सोहेल के साथ साथ शोएब मलिक जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी हैं।

पाकिस्तान की ताकत उसकी गेंदबाजी है। पिछली बार मोहम्मज आमिर और मोहम्मद सामी ने एशिया कप और टी विश्वकप में कमाल की गेंदबाजी की थी, खासकर के भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। गेंदबाजों के साथ साथ पाकिस्तान के पास बाबर आजम, अहमद शहजाद और सरफराज अहमद जैसे बल्लेबाज हैं जो कि बड़ा स्कोर खड़ाकर मैच जिताने का माद्दा रखते हैं। [ये भी पढ़ें: ब्रायन लारा ने इंग्लैंड को चैंपियंस ट्रॉफी का प्रबल दावेदार बताया]

पाकिस्तान की कमजोरी: पिछले एक साल में पाकिस्तान ने कुल 17 वनडे मैच खेले हैं जिसमें से 8 में उन्हें जीत मिली है तो 9 में हार का सामना करना पड़ा है। जाहिर है हारे हुए मैच जीते हुए मैचों से ज्यादा हैं और ये पाकिस्तान के लिए खतरे की बात है। पाकिस्तान के पिछले दोनों बड़े टूर्नामेंट की बात करें तो एशिया कप और टी20 विश्वकप 2016 दोनों में ही पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम बुरी तरह फ्लॉप हुआ था। उनके पास प्रतिभावान बल्लेबाज तो हैं लेकिन उनमें अनुभव की कमी है। मोहम्मद हफीज, शोएब मलिक और वहाब रियाज को छोड़कर कोई भी खिलाड़ी पिछली चैंपियंस ट्रॉफी का हिस्सा नहीं था।

कप्तान सरफराज के लिए भी ये उनका पहला बड़ा आईसीसी टूर्नामेंट है, ऐसे में टीम पर दबाव तो जरूर होगा। 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में खेले तीन लीग मैचों में पाक टीम 170 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी थी। एक दो बल्लेबाजों को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ी फ्लॉप रहे थे और तीनों ही मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बड़े टूर्नामेंट में दबाव में आकर पाकिस्तान टीम का बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर जाता है और ये उनकी सबसे बड़ी परेशानी है। [ये भी पढ़ें: युवराज-धोनी बनाएंगे टीम इंडिया को चैंपियन?]

इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर: इस बार जिस पाकिस्तानी खिलाड़ी पर सबसे ज्यादा नजरें होगी वह है बाबर आजम। पाकिस्तान के इस शीर्ष क्रम बल्लेबाज ने केवल दो साल में 25 वनडे मैचों में 1,322 रन बना दिए। इसमें पांच शतक भी शामिल हैं। वनडे में बाबर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 125 है जो उन्होंने इसी साल वेस्टइंडीज के दौरे पर बनाया था। आजम इस समय गजब की फॉर्म में हैं और वह पाकिस्तान टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। वहीं पाकिस्तान टीम में एक और खिलाड़ी है जो इस बार लाइमलाइट में रहेगा। शोएब मलिक जो अपनी छठी चैंपियंस ट्रॉफी खेलने वाले हैं, पाकिस्तान टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। मलिक ने वेस्टइंडीज दौरे पर खेले तीन वनडे मैचों में कुल 163 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। वहीं मलिक के पास चैंपियंस ट्रॉफी का अच्छा खासा अनुभव है जो पाक टीम के काम आ सकता है। [ये भी पढ़ें: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017, दूसरा अभ्यास मैच: बांग्लादेश के खिलाफ आज होगी पाकिस्तान की ‘अग्निपरीक्षा’]

चैंपियंस ट्रॉफी में प्रदर्शन: पाकिस्तान ने 1998 से लेकर 2013 तक हर चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में भाग लिया है। इस टूर्नामेंट में खेले 18 मैचों में पाकिस्तान ने केवल 7 मैच जीते हैं वहीं 11 में उन्हें हार मिली है। पाक टीम आज तक चैंपियंस ट्रॉफी नहीं जीत पाई है।

चैंपियंस ट्रॉफी में कार्यक्रम: पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी में अपना सफर चार जून को बर्मिंघम में भारत के खिलाफ मैच से शुरू करेगा। पाकिस्तान का अगला मैच भी बर्मिंघम में ही 7 जून को साउथ अफ्रीका से है। वहीं पाक टीम का आखिरी लीग मैच 12 जून को श्रीलंका के खिलाफ कार्डिफ है।

चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की टीम: हैरिस सोहेल, अहमद शहजाद, बाबर आज़म, फखर जमान, इमाद वासिम, मोहम्मद अमीर, शदाब खान, वहाब रियाज, सरफराज अहमद (कप्तान/विकेटकीपर), अजहर अली, फहीम अशरफ, हसन अली, जुनैद खान, मोहम्मद हाफ़िज, शोएब मलिक।