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ग्लेन मैक्ग्रा पर बरस पड़े थे सचिन और युवराज, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रनों से हराया था मैच

इस मैच के साथ ही युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली पारी खेली थी।

user-circle cricketcountry.com Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - July 19, 2017 11:59 AM IST

सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह ©Getty Images
सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह © Getty Images

साल 2000 में केन्या में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट आयोजित किया गया। पहले क्वार्टरफाइनल में टीम इंडिया का मुकाबला उस समय की सबसे चढ़ी- बढ़ी टीम ऑस्ट्रेलिया से हुआ। भारत को इस मैच में जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना जरूरी था। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वॉ ने टॉस जीता और पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। इस मैच में उतरने से पहले ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में आक्रामक तरीके से खेलनी की बात हो चुकी थी। भारतीय टीम की ओर से ओपनिंग करने के लिए सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर आए। सचिन तेंदुलकर ने पारी के तीसरे ओवर से ही मैक्ग्रेथ पर आक्रमण कर दिया और थर्डमेन क्षेत्र का छक्का जड़ दिया। इसके बाद पांचवें ओवर में फिर से सचिन मैक्ग्रेथ के खिलाफ क्रीज के बाहर निकले और गेंद को स्ट्रेट बाउंड्री के बाहर छह रनों के लिए पहुंचा दिया। सचिन यहीं नहीं रुके और अगली गेंद पर हटकर लॉन्ग ऑफ और एक्सट्रा कवर के बीच से करारा चौका जड़ दिया।

इसके बाद उन्होंने सातवें ओवर में मैक्ग्रेथ की गेंद पर शानदार पुल स्ट्रोक खेला और गेंद लॉन्ग लेग क्षेत्र में छह रनों के लिए चली गई और इस तरह सचिन तेंदुलकर ने मैक्ग्रेथ की बखिया उधेड़ दी। सातवें ओवर के बाद गांगुली ने दूसरे छोर से मोर्चा संभाला और ब्रेट ली की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव के माध्यम से चार रन बटोरे। इसके बाद 10वें ओवर में गांगुली ने फिर से ली को निशाना बनाया और चार रन बटोरे और टीम इंडिया के 50 रन पूरे हो गए। सचिन तो जैसे मैक्ग्रेथ पर पूरी तरह से हावी नजर आ रहे थे और उन्होंने 11वें ओवर में मैक्ग्रेथ की गेंद पर बैकफुट पंच मारा और गेंद चार रनों के लिए बाउंड्री लाइन के बाहर चली गई। 12वें ओवर की पहली गेंद पर सचिन ने ब्रेट ली की गेंद पर शानदार लॉन्ग ऑफ का चौका जड़ दिया।

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अब सचिन पूरी तरह से रंग में नजर आ रहे थे। लेकिन इसी ओवर की चौथी गेंद जो ज्यादा तेज थी उसपर वह गच्चा खा गए और गेंद बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लेती हुई स्लिप में लगे डेमियन मार्टिन के हाथों में समा गई और सचिन 37 गेंदों में 38 रन बनाकर आउट हो गए। सचिन ने अपनी इस पारी के दौरान तीन चौके और तीन छक्के जड़े। भारत का पहला विकेट 66 रनों के कुल योग पर गिरा। लेकिन तीन ओवर बाद ही गिलेस्पी की एक गेंद जो लेग स्टंप के बाहर जा रही थी उस पर गांगुली ने स्ट्रोक खेलने का प्रयास किया लेकिन गेंद और बल्ले के बीच अच्छा संपर्क नहीं हुआ और विकेट के पीछे गिली ने अच्छा कैच पकड़ लिया और गांगुली 24 रन बनाकर आउट हो गए और टीम इंडिया के 75 रनों पर दो विकेट गिर गए। [ये भी पढ़ें: जब भारतीय ओपनरों सचिन- गांगुली ने छक्के के साथ पूरे किए अर्धशतक, लेकिन फिर भी मैच हारी टीम इंडिया]

इसके चार ओवर बाद ही राहुल द्रविड़ जो कुछ देर पहले ही बल्लेबाजी करने को आए थे उन्होंने लॉन्ग लेग की दिशा में बड़ा स्ट्रोक खेलने की कोशिश की लेकिन शेन ली ने उनका कैच पकड़ लिया और वह 9 रन बनाकर आउट हो गए। भारत का स्कोर अब 90/3 हो चला था। ऐसी विपरीत परिस्थिति में बल्लेबाजी करने आए युवराज सिंह ने आते ही 20वें ओवर में पहले तो स्ट्रेट ड्राइव के साथ चौका जड़ा और फिर पुल शॉट के सहारे मिड विकेट क्षेत्र का चौका जड़ दिया। दूसरे छोर से विनोद कांबली ने भी अच्छा आक्रमण किया और मौका मिलने पर चौके जड़े। लेकिन स्टीव वॉ की एक बाहर जाती गेंद को वह ढंग से पढ़ नहीं पाए और गिली को कैच दे बैठे। कांबली 29 रन बनाकर आउट हुए। भारत का स्कोर अब 130/4 हो चला था।

लेकिन इस सबसे बावजूद युवराज ने हार नहीं मानी और नए बल्लेबाज रॉबिन सिंह के साथ पारी बढ़ानी जारी रखी। इस दौरान उन्होंने स्टीव वॉ की जमकर धुनाई की और मैदान के चारों ओर चौकों की झड़ी लगा दी। इसी बीच युवराज कि एक जीवनदान भी मिला जब मैक्ग्रेथ की एक गेंद को वह स्लिप की दिशा में खेल गए लेकिन वहां उनका कैच कोई नहीं ले पाया। युवराज ने रॉबिन सिंह के साथ अर्धशतकीय साझेदारी निभाई और भारत को 200 की ओर अग्रसित किया। जब टीम इंडिया का स्कोर 194 था रॉबिन सिंह को ईयान हार्वी ने क्लीन बोल्ड कर दिया। अगले कुछ ओवरों में विजय दहिया भी आउट हो गए। लेकिन युवराज लगातार स्कोर को आगे बढ़ाते रहे और अंततः पारी के 47वें ओवर में 84 रन 80 गेंदों में बनाकर आउट हुए।

युवराज ने इस पारी के दौरान कुल 12 चौके जड़े। अंततः भारत ने इस मैच में 50 ओवरों में 9 विकेट पर 265 रन बनाए। युवराज सिंह का यह दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच था। साथ ही उन्होंने इस मैच के साथ ही पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच में बल्लेबाजी की थी। और उन्होंने पहली पारी में ही 84 रन बना डाले थे। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 46.4 ओवरों में 245 रन बनाकर आउट हो गई और टीम इंडिया ने मैच 20 रनों से अपने नाम कर लिया।