Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - March 14, 2016 8:12 PM IST


भारतीय टीम टी20 विश्व कप का आगाज 15 मार्च से न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले मैच के साथ कर रही है। न्यूजीलैंड के वर्तमान प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया लगातार अपने प्रदर्शन को निखार रही है और यह कारण था कि टीम इंडिया ने हाल ही में हुए अभ्यास मैचों में जबरदस्त बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश करके दिखा दिया कि वे इस विश्व कप टी20 को कतई हल्के में नहीं लेना चाहते। खैर, न्यूजीलैंड जिनके खिलाफ टीम इंडिया को इस छोटे प्रारूप में आजतक जीत नहीं प्राप्त हुई है अगर जीत प्राप्त हो भी जाती है तो क्या यहां से टीम इंडिया की राह आसान हो जाएगी? अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो आप सरासर गलत सोच रहे हैं। जिस ग्रुप में भारतीय टीम को इस बार रखा गया है उसमें विश्व क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ टीमें हैं। कहने का मतलब है कि ये आग का दरिया है जिसे तैर के जाना है। अब टीम इंडिया इस दरिया को कैसे पार करती है ये देखना दिलचस्प होगा। अगर टीम इंडिया इन टीमों को हराते हुए सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उसे इंग्लैंड से सेमीफाइनल में जबरदस्त टक्कर मिलने की संभावनाए हैं। इंग्लैंड ने पिछले कुछ समय में जिस तरह से अपने आपको क्रिकेट के इस छोटे फॉर्मेट में ढाला है वह प्रशंसनीय है। साक्ष्य के रूप में आप हाल ही में उनके वॉर्म अप मैचों के प्रदर्शन को ले सकते हैं। ये भी पढ़ें: टी20 विश्व कप 2016, भारत बनाम न्यूजीलैंड प्रिव्यु: जीत के साथ शुरूआत करना चाहेगा भारत
12 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए इस वॉर्म अप मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक 63 रन बनाए और उनकी टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 169 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। लेकिन जिस तरीके से इंग्लैंड टीम ने इस स्कोर को चेज किया शुरू से अंत तक नहीं लगा कि जैसे उन्हें इस लक्ष्य को पाने में कोई दिक्कत हो रही हो। ध्यान देने वाली बात यह भी रही कि न्यूजीलैंड की इसी गेंदबाजी के आगे कुछ दिनों पहले जो ऑस्ट्रेलियाई और श्रींलंकाई बल्लेबाज पनाह मांग रहे थे वह इंग्लैंड की इस टीम के आगे बेहद बौने नजर आए। यहां तक की न्यूजीलैंड के स्टार गेंदबाज टिम साऊदी ने महज 3.2 ओवरों में 33 रन लुटा दिए। इंग्लैंड की टीम में जिन 11 नामों को जगह दी गई है उनमें से हर खिलाड़ी टी20 क्रिकेट में अपनी विशेषज्ञता साबित कर चुका है। ये भी पढ़ें: न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया के संभावित अंतिम 11 खिलाड़ी
25 साल के जेसन रॉय ने महज दो साल पहले ही इंग्लैंड टीम में अपना पर्दापण किया था। नेटवेस्ट टी20 ब्लास्ट में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाने वाले रॉय ने घरेलू टी20 क्रिकेट में बहुत थोड़े से समय में अच्छा नाम कमाया है। वहीं इंग्लैंड टीम की ओर से 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले रॉय धीरे- धीरे अपने कदम जमा रहे हैं। रॉय ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में 36 गेंदों में 55 रनों की आतिशी पारी खेली थी। ऐसे में वह इंग्लैंड के लिए एक बार फिर से विश्व कप टी20 में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं उनके ओपनिंग जोड़ीदार एलेक्स हेल्स ने अपनी टी20 स्टाइल बैटिंग से विश्व क्रिकेट में लगभग सभी को अपना मुरीद बना रखा है। हेल्स ने अब तक इंग्लैंड के लिए 39 टी20 मैच खेले हैं जिनमें 135 के स्ट्राइक रेट के ऊपर से बल्लेबाजी करते हुए 854 रन बनाए हैं। हेल्स के नाम टी20 क्रिकेट में एक शतक भी है उनका सर्वोच्च स्कोर 116 रन है। हेल्स और रॉय ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच में 8.2 ओवरों में पहले विकेट के लिए 77 रन जोड़े थे। ऐसे में ये दोनों विश्व की दूसरी टीमों के लिए एक बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं।
जो रूट का नाम जैसे जेहन में आता है तो ऐसा मालूम पड़ता है जैसे उनके भीतर केविन पीटरसन और माइकल वॉन दोनों की प्रतिभा भर गई हो। वह ऐसे बल्लेबाज हैं जो परिस्थिति के हिसाब से अपने शॉट्स चयन और बल्लेबाजी स्टाइल को परिवर्तित कर देते हैं। मध्यक्रम के बल्लेबाज रूट अपनी निरंतरता के लिए जाने जाते हैं। अभी तक 14 टी20 मैचों की 12 पारियों में बल्लेबाजी करने वाले रूट ने अब तक 345 रन बनाए हैं जो 34.50 के अच्छे औसत के साथ बने हैं। साथ ही इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी लाजवाब रहा है। रूट छक्के कम ही मारते हैं, लेकिन चौके जड़ने के मामले में इंग्लैंड टीम में उनका कोई सानी नहीं है। वहीं अगर बात करें इंग्लैंड टी20 कप्तान ईयोन मॉर्गन की तो वे आजकल पूरे रंग में हैं। साथ ही गौर वाली बात यह है कि मॉर्गन इंग्लैंड टीम के ऐसे बल्लेबाजों में से एक हैं जो अक्सर छक्का मारने की फिराक में रहते हैं। वहीं मध्यक्रम में उनके साथ जोस बटलर और बेन स्टोक्स जैसे बल्लेबाज हैं जो किसी भी टीम के खिलाफ बड़े शॉट्स खेलने में माहिर हैं। वहीं निचले क्रम में मोइन अली अपनी क्षमता को कई बार साबित कर चुके हैं। वर्तमान फॉर्म को देखते हुए यह कहना कतई असंभव नहीं है कि भारत की मुलाकात सेमीफाइनल में इंग्लैंड से ना हो। खैर, अगर इंग्लैंड भारत सेमीफाइनल में भिड़ते हैं तो विश्व क्रिकेट जरूर क्रिकेट का एक अलग रंग देखेगा।
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