भारतीय महिला क्रिकेट टीम © Getty Images
भारतीय महिला क्रिकेट टीम © Getty Images

महिला क्रिकेटरों को सन् 1934 में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का गौरव प्राप्त हुआ। इसके चार दशकों के बाद एक इंग्लिश बिजनेसमैन के. हेयहार्ड के प्रयासों की बदौलत सन् 1973 में पहला विश्व कप टूर्नामेंट आयोजित किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि यह विश्व कप पुरुषों के क्रिकेट विश्व कप से दो सालों पहले आयोजित किया गया। इस विश्व कप में इंग्लैड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड सहित कुल छह टीमों ने भाग लिया। पूरे विश्व कप में इंग्लैंड ने बेहतरीन खेल दिखाया।

पहला महिला विश्व कप, 1973: इंग्लैंड ने अपने पांच में से चार मैच जीते लेकिन उन्हें लीग मैचों में न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वहीं टूर्नामेंट की दूसरी बड़ी टीम साबित हुई ऑस्ट्रेलिया। ऑस्ट्रेलिया ने भी पांच में से चार मैच जीते और ऑस्ट्रेलिया का एक मैच रद्द हो गया। इसके बाद खेले गए एक मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को बर्मिंघम में 92 रनों से हरा दिया।

चूंकि यह टूर्नामेंट राउंड रॉबिन के आधार पर खेला गया था तो विजेता का चुनाव प्वाइंट के आधार पर किया गया। प्वाइंट टेबल के आधार पर इंग्लैंड को 20 प्वाइंट प्राप्त हुए वहीं ऑस्ट्रेलिया को 17 प्वाइंट। इस तरह क्रिकेट के जनक इंग्लैंड ने पहला महिला विश्व कप अपने नाम किया। ये विडंबना है कि इंग्लैंड के पुरुष क्रिकेटर अभी तक विश्व कप जीतने में कामयाब नहीं हो पाए हैं।

दूसरा महिला विश्व कप, 1978: दूसरा महिला क्रिकेट विश्व कप इसके ठीक पांच साल बाद 1978 में भारत में आयोजित किया गया। इस बार फिर से टूर्नामेंट को राउंड रॉबिन के आधार पर आयोजित किया गया। प्वाइंट टेबल में ऑस्ट्रेलिया ने सर्वाधिक 6 प्वाइंट प्राप्त किए और इंग्लैंड को 2 प्वाइंट से हराकर पहली बार महिला विश्व कप का विजेता ऑस्ट्रेलिया बना। महिला विश्व कप की खासियत यह रही कि इस विश्व कप को शुरू से ही विभिन्न देशों में आयोजित किया गया। वहीं पुरुषों के शुरू के तीन विश्व कप इंग्लैंड में ही आयोजित किए गए।

तीसरा महिला विश्व कप, 1983: तीसरे महिला क्रिकेट विश्व कप को चार साल के अंतराल के बाद न्यूजीलैंड में आयोजित किया गया। इस विश्व कप में एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली और लगातार तीसरे विश्व कप में इन दोनों टीमों के बीच खिताब के लिए अंतिम जंग हुई। विश्व कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 60 ओवरों में 5 विकेट पर 151 रन बनाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य को 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया और इस तरह लगातार दूसरे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जीत दर्ज की।

चौथा महिला विश्व कप: इसके बाद अगले विश्व कप के आयोजन में कुल 6 सालों का समय लगा और अंततः विश्व कप को फिर से एक नए देश ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अपनी घरेलू परिस्थितियों का खूब फायदा उठाया और पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाकर रखा। विश्व कप फाइनल एक बार फिर से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के मध्य खेला गया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 60 ओवरों में 7 विकेट पर 127 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने मैच को 2 विकेट खोकर 44.2 ओवरों में जीत लिया। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने महिला विश्व कप में जीत की हैट-ट्रिक पूरी की। साथ ही विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी।

पांचवां महिला विश्व कप, 1993: 1993 में इंग्लैंड में पांचवें महिला विश्व कप का आयोजन किया गया। इस विश्व कप में पहली बार तीसरी टीम ने एक गजब का प्रदर्शन किया और फाइनल में जगह बनाई। यह तीसरी टीम थी न्यूजीलैंड। इस विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया।

फाइनल में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 60 ओवरों में 5 विकेट पर 195 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की पूरी टीम 55.1 ओवरों में 128 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरह इंग्लैंड ने विश्व कप 1993 का फाइनल मैच 67 रनों से जीत लिया। साथ ही इंग्लैंड ने दूसरा विश्व कप खिताब अपने नाम किया।

छठवां महिला विश्व कप, 1997: 1997 में महिला क्रिकेट विश्व कप का आयोजन एक बार फिर भारतीय सरज़मी पर किया गया। हालांकि इस विश्व कप में भारतीय टीम कुछ खास नहीं कर सकी और अंततः फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और पूर्व उप-विजेता न्यूजीलैंड पहुंची। महिला विश्व कप क्रिकेट इतिहास में यह पहला विश्व कप था जिसमें 50-50 ओवरों के मैच खेले गए। विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड 49.3 ओवरों में 164 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने मैच को 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की पिछले 6 विश्व कप में यह चौथी खिताबी जीत थी।

सातवां महिला विश्व कप, 2000: इस विश्व के ठीक तीन साल बाद सन् 2000 में न्यूजीलैंड में सातवें महिला क्रिकेट विश्व कप का आयोजन किया गया। इस विश्व में पहली बार तीसरी टीम(इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया) को छोड़कर विजयी हुई। फाइनल में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच भिड़ंत हुई। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड 48.4 ओवरों में 184 रनों पर ऑलआउट हो गई। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया 49.1 ओवरों में 180 रनों पर ऑल आउट हो गई। इस कड़े मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 4 रनों से न्यूजीलैंड के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी।

आठवां महिला विश्व कप: आठवें महिला विश्व का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया। यह विश्व कप अन्य विश्व कप के मुकाबले बहुत अलग रहा। इस विश्व कप में महिला क्रिकेट खिलाड़ियों की तकनीकि ने विश्व क्रिकेट में छाप छोड़ दी। भारतीय टीम ने पूरे विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन किया और फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में भारत का मुकाबला सशक्त टीम ऑस्ट्रेलिया से हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट पर 215 रन बनाए। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के आगे ज्यादा देर ठहर नहीं पाई और 117 रनों पर ढेर हो गई। भारत यह मैच 98 रनों से हार गया।

नौंवां महिला विश्व कप, 2009: 2009 में अगला विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया। महिला विश्व कप इतिहास में यह दूसरा वाकया था जब ऑस्ट्रेलिया फाइनल में नहीं पहुंचा। इस विश्व कप में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीमों ने विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया। न्यीजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.2 ओवरों में 166 बनाए और उनकी टीम ऑलाउट हो गई। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने मैच को 46.1 ओवरों में 7 विकेट खोकर जीत लिया।

दसवां महिला विश्व कप, 2013: 2013 में महिला क्रिकेट विश्व कप एक बार फिर से भारतीय सरजमीं पर आयोजित किया। इस विश्व कप में फिर से ऑस्ट्रेलिया एक्शन में नजर आई और फाइनल में जगह बनाई। ऑस्ट्रेलिया के साथ फाइनल में एक नई टीम ने जगह बनाई और यह नई टीम थी वेस्टइंडीज। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड 259/7 का स्कोर बनाया। यह स्कोर अभी तक खेले गए विश्व कप के फाइनल में बनाया सबसे ज्यादा स्कोर था। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 43.1 ओवरों में 143 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने अपने नाम 114 रनों से बड़ी जीत दर्ज की।

विश्व कप चाहे वह पुरुषों का हो या महिलाओं का ऑस्ट्रेलिया उसमें सबसे आगे है। अभी तक आयोजित किए गए कुल 10 महिला विश्व कप में से 6 विश्व कप के खिताब ऑस्ट्रेलिया के नाम हैं। वहीं पुरुष क्रिकेट विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के नाम पांच विश्व कप खिताब हैं।