ICC World Cup 2019: Virat Kohli, Rohit Sharma and Shikhar Dhawan’s performance will be key for india
Virat Kohli, Rohit Sharma and Shikhar Dhawan

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले गए पिछले विश्व कप के बाद भारत ने जो 86 वनडे मैच खेले उनमें बल्लेबाजी टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज मुख्य रूप से रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के इर्द गिर्द घूमती रही। आईसीसी विश्व कप में भी भारतीय नैया पार लगाने की मुख्य जिम्मेदारी इन तीनों पर ही रहेगी।

पिछले चार सालों में टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने मिडिल ऑर्डर की तुलना में 6030 रन अधिक बनाए हैं। इस बीच टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के 45 शतकों की तुलना में मध्यक्रम के बल्लेबाज केवल छह शतक लगा पाए। यही नहीं चोटी के तीन बल्लेबाजों ने मध्यक्रम के 35 अर्धशतकों से लगभग दुगुना 67 अर्धशतक जमाए। इससे पता लगता है कि 30 मई से शुरू होने वाले विश्व कप में शीर्ष क्रम की सफलता भारत के लिए कितने मायने रखती है।

पिछले चार साल में भारत की प्रदर्शन

भारत ने पिछले चार वर्षों में खेले गए 86 मैचों में से 56 में जीत दर्ज की और इसकी मुख्य वजह शीर्ष क्रम यानि पहले से तीसरे नंबर के बल्लेबाज का अच्छा प्रदर्शन रहा। भारत ने इन मैचों में शीर्ष क्रम में 14 बल्लेबाज आजमाए जिन्होंने कुल मिलाकर 13055 रन बनाए। इस बीच मध्यक्रम के 24 बल्लेबाजों के नाम पर केवल 7025 रन ही दर्ज रहे।

रोहित, धवन और कोहली का प्रदर्शन शानदार

शीर्ष क्रम में भी केवल कोहली, रोहित और धवन ही 1000 से अधिक रन बना पाए। कप्तान कोहली इन चार वर्षों में 65 मैचों में शीर्ष क्रम में उतरे जिनमें उन्होंने 83.76 की औसत 98.54 के स्ट्राइक रेट से 4272 रन बनाए, जिसमें 19 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में वह दुनिया में शीर्ष क्रम के अकेले बल्लेबाज रहे जिन्होंने 4000 से अधिक रन बनाए।

रोहित का नंबर उनके बाद आता है जिन्होंने 71 मैचों में 61.12 की औसत से 3790 रन बनाए। उन्होंने इस बीच 15 शतक और 16 अर्धशतक जमाए। रोहित के सलामी जोड़ीदार धवन ने 67 मैचों में 45.20 की औसत से 2848 रन बनाए, जिसमें आठ शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं।

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केएल राहुल को तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में विश्व कप टीम में शामिल किया गया है लेकिन वह पिछले चार वर्षों में केवल नौ मैचों में शीर्ष क्रम में उतरे जिसमें उन्होंने 310 रन बनाए। इसमें एक शतक और दो अर्धशतक भी शामिल है। राहुल को बल्लेबाजी क्रम में चौथे नंबर का प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने पिछले चार वर्षों में मध्यक्रम में खेले गये पांच मैचों में केवल 33 रन ही बनाए।

मिलिड ऑर्डर में धोनी पर जिम्मेदारी

मध्यक्रम यानि चार से सात नंबर के बल्लेबाजों में भारत का दारोमदार निश्चित तौर पर महेंद्र सिंह धोनी पर टिका रहेगा। जिन्होंने पिछले विश्व कप के बाद 79 मैचों में 44.46 की औसत से 2001 रन बनाए। जिसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। धोनी के अलावा केवल केदार जाधव (58 मैचों में 1154 रन) ही इन चार वर्षों में 1000 रन के पार पहुंचे।