भारत के ऊपर सीरीज जीतने का दबाव भी होगा © AFP
भारत के ऊपर सीरीज जीतने का दबाव भी होगा © AFP

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज के दो मैच खेले जा चुके हैं और अब सीरीज का कारवां पंजाब की तरफ बढ़ चुका है। सीरीज के पहले मैच में जहां भारत ने न्यूजीलैंड को आसानी से हरा दिया था तो दूसरे मैच में न्यूजीलैंड ने जबर्दस्त वापसी करते हुए भारत को रोमांचक मुकाबले में 6 रन से हरा दिया। भारत में अपनी पहली जीत को तरस रही कीवी टीम की ये पहली जीत थी। अगर भारतीय टीम पंजाब वनडे को भी हार जाती है तो ऐसे में अगर भारत सीरीज में एक भी मैच हार जाता है तो भारत का एक बड़ा सपना चकनाचूर हो जाएगा। आखिर किस सपने की बात कर रहे हैं हम, बाकी बचे तीन मैचों में अगर एक हार भी मिलती है तो क्या हो जाएगा भारतीय टीम के साथ। तो आइए जानते हैं।

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए कावियों को धूल चटाते हुए सीरीज के तीनों मैच जीते थे और सीरीज में क्लीन स्वीप किया था। सीरीज में क्लीन स्वीप करने का फायदा भारत को आईसीसी रैंकिंग में मिला और भारत ने आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक का स्थान हासिल कर लिया। ये भी पढ़ें: मोहाली वनडे में इन 4 खामियों को करना होगा दूर

ऐसे में जब भारतीय टीम वनडे में उतरी तो भारत के पास धोनी की कप्तानी में नंबर चार से नंबर तीन पर आने का मौका था। भारतीय टीम की मौजूदा रैंकिंग नंबर चार है और अगर टीम इंडिया न्यूजीलैंड को पांच मैचों की वनडे सीरीज में 4-1 से हरा देता है तो वो नमबर तीन पर पहुंच जाएगा। सीरीज में फिलहाल भारत एक मैच जीत चुका है और एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है।

ऐसे में सीरीज में अब कुल तीन मैच ही बचे हैं और अगर भारत को न्यूजीलैंड को 4-1 के अंतर से हराना है तो सीरीज में बचे सभी मैच जीतने होंगे और अगर भारत एक मैच में भी हारता है तो वह आईसीसी रैंकिंग में नंबर तीन नहीं बन पाएगा। ऐसे में भारत को हर हाल में सीरीज में बाकी मैचों को जीतना होगा। वहीं रैंकिंग की बात करें तो न्यूजीलैंड की टीम रैंकिंग में भारत से एक स्थान ऊपर नंबर तीन पर काबिज है तो भारत नंबर चार पर।

आईसीसी रैंकिंग में न्यूजीलैंड के अभी 113 अंक हैं और भारत के 110। अगर भारत न्यूजीलैंड को 4-1 से हराता है तो तीसरे नंबर पहुंच जाएगा। आईसीसी रैंकिंग में पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया और दूसरे पर दक्षिण अफ्रीका है।

ऐसे में भारत के सामने चुनौती काफी मुश्किल है क्योंकि सीरीज में अब सिर्फ तीन ही मैच बचे हैं और भारत के सामने इस वक्त प्राथमिकता सीरीज जीतने की होगी। क्योंकि अगर भारत सीरीज हार जाता है तो धोनी की कप्तानी पर फिस से सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में धोनी के ऊपर सीरीज जितवाने का भी दबाव होगा। पहले मैच में जहां भारत ने आसानी से न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हरा दिया था और सीरीज में आगाज बड़े ही शानदार अंदाज में किया था तो दूसरे मैच में भारतीय टीम जीत की दहलीज तक आते-आते हार गई थी। दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने जबर्दस्त वापसी की थी और टीम को 6 रन जीत दिला दी थी।

सीरीज का तीसरा मैच पंजाब के मोहाली में खेला जाना है, दोनों टीम एक बार फिर तैयार हैं अपने जौहर दिखाने के लिए। भारत की कोशिश जहां मैच जीतकर सीरीज में बढ़त और रैंकिंग में आगे बढ़ने का होगा तो न्यूजीलैंड की कोशिश भारत को धूल चटाकर टेस्ट सीरीज में हार का बदला लेने की होगी।

भारत के लिए तीसरा मैच इसलिए भी अहम है क्योंकि भारतीय टीम का चयन अभी सिर्फ तीन मैचों के लिए ही हुआ था और उसके बाद चयनकर्ता एक बार फिर टीम का चयन करेंगे। ऐसे में हर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के आधार पर टीम में अपनी जगह स्थापित करना चाहेंगे। पहले तीन वनडे के लिए चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को मौका दिया था और टीम में काफी युवा चेहरों को शामिल किया गया था।

आपको बता दें न्यूजीलैंड कभी भी भारत से भारत में द्विपक्षीय सीरीज नहीं सका है। न्यूजीलैंड ने इससे पहले भारत में चार सीरीज खेली हैं और चारों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। टेस्ट मैचों में हार का दर्द झेल रही न्यूजीलैंड टीम की कोशिश वनडे सीरीज को जीतकर भारत से टेस्ट में हार का बदला लेने की होगी। हाल ही में टेस्ट सीरीज में भी भारत ने न्यूजीलैंड को 3-0 से हरा दिया था।