Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - January 13, 2016 10:54 PM IST


इमरान खान एक क्रिकेट फैमली से आए थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई लाहौर के प्रसिद्ध ‘एचिसन स्कूल’ से की और उसके बाद मास्टर डिग्री ऑक्सफोर्ड से की। उन्होंने पाकिस्तान टीम की ओर से टेस्ट क्रिकेट में पर्दापण साल 1971 में 19 साल की उम्र में किया। लेकिन इसके बाद वह क्रिकेट टर्फ से एक दम से गायब हो गए और एक बार फिर से साल 1974 में टीम में वापस आए। साल 1971 में जब उन्होंने टीम में पर्दापण किया तो उन्हें इंग्लैंड की महारानी से मिलवाते वक्त टीम के कप्तान इंतिखाब आलम उनका नाम भूल गए जिसे बाद में टीम के अन्य खिलाड़ियों ने याद करवाया। तब शायद ही इंतिखाब आलम को इस बात का आभास था कि जिस इमरान का नाम आज वह भूले हैं कुछ सालों के बाद वही नाम पूरी दुनिया उन्हें भूलने नहीं देगी।
टीम में वापस लौटने के बाद कप्तान मुश्ताक मोहम्मद के मार्गदर्शन व मित्र सरफराज नवाज के संरक्षण में वह पाकिस्तानी गेंदबाजी के सबसे नुकीले हथियार बने। उनका पहला सबसे बेहतरीन प्रदर्शन साल 1976 में ऑस्ट्रेलिया दौरे में दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के दौरान देखने को मिला। सीरीज में पाकिस्तान 1-0 से पीछे चल रहा था। लेकिन दूसरे टेस्ट मैच में खान ने 12 विकेट लिए और पाकिस्तान को ऐतिहासिक मैच में जीत दिलाई।
इसी टेस्ट के दौरान खान ने विवाद का स्वाद भी चखा। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज विशेष रूप से तेज गेंदबाज डेनिस लिली और विकेटकीपर रॉडनी मॉर्श पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर स्लेजिंग कर रहे थे। यह सिलसिला पहले ही मैच से शुरू हो गया था। पाकिस्तान के कप्तान मुश्ताक मोहम्मद ने वक्त की नजाकत को देखते हुए अपने गेंदबाजों को भी ढील दे दी और कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाजों को बाउंसर से परेशान करो।
एक तरफ से सरफराज ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को अपनी सख्त पंजाबी में गालियां दे रहे थे तो वहीं दूसरी ओर इमरान खान लगातार उछाल भरती हुई शॉर्ट गेंदें डाल रहे थे। वह गेंद फेंकने के बाद बल्लेबाज तक जाते और उन्हें धमकी भरे लहजे में घूर करके निकल जाते थे। जब भी इमरान यह करते तो 19 साल के जावेद मियांदाद जो उस समय सिली प्वाइंट पर फील्डिंग कर रहे थे। मार्श और लिली को कहते, ‘he will kill you, now he really will kill you’। जब खान की एक बाउंसर लिली को लग गई तो अंपायर ने खेल को रोक दिया। मुश्ताक ने हस्तक्षेप करते हुए अंपायर से कहा कि उन्होंने खेल को तब क्यो नहीं बंद किया जब लिली पाकिस्तानी पुछल्ले बल्लेबाजों को अपनी बाउंसर गेंदों का निशाना बना रहे थे।
इसके बाद मुश्ताक ने चिल्लाते हुए खान को कहा कि बाउंसर फेंकना बंद करो। हालांकि जब इमरान खान अपने गेंदबाजी छोर पर पहुंचे तो मुश्ताक ने उनसे कहा, ‘नामुराद की आंखों को निशाना बनाओ’। इस सीरीज में इमरान बेहतरीन प्रदर्शन के बाद देश-दुनिया में छा गए। उनके लुक की भी कई हुस्न की मल्लिकाएं मुरीद हो गईं और वह ऑस्ट्रेलिया व खुद उनके देश में ‘सेक्स सिम्बल’ बन गए। लेकिन जब वह पाकिस्तान टीम में एक बार फिर से वापस आए(ऑस्ट्रेलिया में केरी पेकर की लीग में शामिल होने के कारण बैन होने के बाद) उनके क्रिकेट स्टार से ज्यादा विश्व भर में छा जाने के कारण विश्व भर में लोग उन्हें देखने के लिए उद्यत हो पड़े।
कई न्यूजपेपरों ने उनके यूके में लव अफेयर को प्रकाशित करने को तरजीह दी। साल 1979 में भारत-पाक सीरीज के लिए जब पाकिस्तान टीम ने भारत का दौरा किया तो भारत के डेबलॉइड अखबारों ने इमरान के लिए प्लेबॉय शब्द का इस्तेमाल किया। इसी दौरे के दौरान इमरान खान ने अपने टीम मेट्स के साथ बैंगलुरू में ड्रेसिंग रूम में 27वां जन्मदिन मनाया। लेकिन कुछ भारतीय डेबलॉयड अखबारों ने खबर छापी कि इस दौरान उनके साथ शाम को तब की बॉलीवुड की बॉम्बशेल जीनत अमान नजर आई थीं।
दूसरे टेस्ट मैच में इंमरान खान ने दो ओवर गेंदबाजी की और कमर में तकलीफ होने की शिकायत करते हुए मैदान से बाहर चले गए। इसी बीच जीनत अमान की खबर को पाकिस्तान के एक उर्दू अखबार ने हवा दी। अखबार ने टीम के खिलाड़ियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लिखा कि वे अनैतिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं और रातें भारतीय अभिनेत्रियों के साथ क्लबों में गुजार रहे हैं। हालांकि सच तो यह था कि इसके पहले 1976-77 के ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज टूर के दौरान टीम के खिलाड़ियों ने खूब पार्टी की थी। लेकिन इस दौरान अंतर सिर्फ इतना था कि वह पहले जैसा इस श्रृंखला में प्रदर्शन नहीं कर रहे थे।
अंततः पाकिस्तान सीरीज 2-0 से हार गया। इसके बाद उर्दू अखबार ने पाकिस्तान की हार का जिम्मेदार जीनत अमान को ठहराया। अखबार के मुताबिक जीनत अमान इमरान खान के लिए दुर्भाग्यशाली रहीं। बहुत सालों के बाद भारतीय ऑथर शोभा डे ने जीनत अमान से उनके इमरान के साथ रिश्तों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया उनके व इमरान के बीच कुछ भी सीरियस नहीं था। यहां तक की उन्हें इमरान का व्यवहार भी अच्छा नहीं लगा था क्योंकि वह अपने फैन्स के साथ अभिमानी, कठोर और अशिष्ट तरीके से व्यवहार करते थे। साल 1984 में इंडिया टुडे ने रिपोर्ट किया कि उनके बीच अफेयर इतना क्लोज था कि दोनों ने शादी करने तक की योजना बना ली थी।
This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.
Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings.
If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again.
