भारतीय टीम वनडे टीम के लिए साल 2015 किसी नाइटमेयर की तरह रहा। वह सिर्फ एक वनडे श्रृंखला जीत सके  © AFP
भारतीय टीम वनडे टीम के लिए साल 2015 किसी नाइटमेयर की तरह रहा। वह सिर्फ एक वनडे श्रृंखला जीत सके © AFP

भारतीय टीम इस साल अपने साल की पहली सीरीज की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे श्रृंखला खेलने के साथ कर रही है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आगामी वनडे सीरीज का पहला मैच 12 जनवरी को पर्थ में खेला जाएगा। पिछले साल भी भारतीय टीम ने साल का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला था। लेकिन तूफानी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज मिचेल स्टार्क  के आगे भारतीय बल्लेबाजी जूझते नजर आई थी। इस त्रिकोणीय वनडे श्रृंखला में इंग्लैंड तीसरी टीम थी। दुर्भाग्य से भारतीय टीम को पूरी श्रृंखला में एक भी जीत नसीब नहीं हुई थी और श्रृंखला में खेले गए  तीनों मैचों में हारकर भारतीय टीम  को बाहर होना पड़ा था। ये भी पढ़ें: भारत के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम घोषित, टीम में दो नए चेहरे शामिल

हालांकि ये और बात है कि विश्व कप 2015 सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध हारने के पहले भारतीय टीम ने लगातार 7 मैच जीतते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया से सेमीफाइनल में भारतीय टीम क्यों हारी? इसका जवाब बेहद साधारण है। त्रिकोणीय वनडे श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाजों पर दबदबा बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई तूफानी गेंदबाज मिचेल स्टार्क को खेलने में भारतीय बल्लेबाज असहज महसूस कर रहे थे। स्टार्क ने त्रिकोणीय सीरीज के पहले मैच में ही 6 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोर कर रख दिया था और बाद में विश्व कप  सेमीफाइनल में भी स्टार्क की गेंदों का सामना करने में भारतीय बल्लेबाज अहसज नजर आए। लेकिन इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों के लिए राहत की बात है कि मिचेल स्टार्क चोट के कारण इस श्रृंखला में नहीं खेलेंगे और ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के पास टी20 विश्व कप 2016 के पहले अपनी बल्लेबाजी की धार को पैना करने  का यह सुनहरा अवसर होगा। ये भी पढ़ें: भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए वनडे-टी20 टीम घोषित

साल 2015 की असफलता को भूलना चाहेगी टीम इंडिया: विश्व कप 2015 को छोड़ दिया जाए तो पिछले साल एकदिवसीय क्रिकेट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। भारत ने पूरे साल में चार वनडे सीरीज खेलीं जिनमें उन्हें मात्र एक में सफलता मिली बल्कि बाकी तीन श्रृंखलाओं में हार का कड़वा स्वाद चखना पड़ा। ये जीत भी भारतीय टीम को जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम के खिलाफ मिली। भारत ने 2015 के शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला खेली थी  जिसमें वह अपने तीनों मैच(चौथा मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) हारकर श्रृंखला से बाहर हो गई थी।

विश्व कप के बाद भारतीय टीम ने बांग्लादेश का दौरा किया जिसमें उसे नवोदित बांग्लादेशी टीम ने 3-2 से हराकर विश्व क्रिकेट में सनसनी फैला दी। बांग्लादेश के हाथों हारने के बाद भारतीय टीम को भारी फजीहत झेलनी पड़ी और अंततः जिम्बाब्वे दौरे  में उन्होंने जिम्बाब्वे को 3-0  से हराकर अपनी प्रतिष्ठा तो बचा ली, लेकिन दक्षिण अफ्रीका दौरा अभी बाकी था जिसमें भारतीय टीम ने अपने घर पर ही 3-2 से सीरीज गंवाकर अपनी रही सही प्रतिष्ठा गंवा दी। साल 2015 में भारत ने कुल 22 वनडे मैच खेले(विश्व कप को मिलाकर) जिसमें उन्हें 15 मैचों में सफलता प्राप्त हुई। वहीं विश्व कप के 8 मैचों को हटा दिया जाए तो भारतीय टीम को 14 वनडे मैचों में से सिर्फ 7 में ही जीत मिली जो 50 प्रतिशत के बराबर है। भारतीय टीम नए  साल में इस प्रदर्शन को कतई नहीं दुहराना चाहेगी। ऐसे में भारतीय टीम पिछले साल के प्रदर्शन को भुलाकर एक नए सिरे से टीम को एक ईकाई में पिरोते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर मात देना चाहेगी।

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी ही सरजमीं पर अंतिम बार साल 2008 में कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज में हराया था। उसके बाद से भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सफलता नहीं मिली है। 2008 के बाद से भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दो बार दौरा कर चुकी है जिसमें उसे दोनों बार हारकर  वापस लौटना पड़ा है। भारत ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर 6 एकदिवसीय मैच खेले हैं जिनमें उसे पांच मैचों में हार का  सामना करना पड़ा है। ऐसे में भारतीय टीम अपने हार के क्रम को तोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर  से अपनी काबिलियत प्रस्तुत करना चाहेगी। वर्तमान वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में व्यापक स्तर पर बदलाव किए गए हैं।

जिनमें  कुछ युवाओं को मौका दिया गया है। मनीष पांडे को घरेलू क्रिकेट में बढ़िया प्रदर्शन का इनाम देते हुए  उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया है। पांडे ने आईपीएल में दुनिया के चोटी के गेंदबाजी की बखिया उधेड़ी है ऐसे में वह अब अपना कमाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिखाना चाहेंगे। पांडे ने भारतीय टीम की ओर से एकमात्र वनडे मैच खेला है जिसमें उन्होंने शानदार 86 रनों की पारी खेली थी। पांडे के नाम आईपीएल में एक शतक भी है और वह अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर करना चाहेंगे। टीम में  ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए शामिल किए गए गुरकीरत मान एक नए चेहरे हैं।

25 साल के गुरकीरत का प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में अच्छा रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा  तो वह 12 जनवरी को पर्थ में भारतीय टीम की  ओर से अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलते नजर आ सकते हैं। वहीं टेस्ट श्रृंखला में बेहतरीन  प्रदर्शन करने वाले हरफनमौला खिलाड़ी रविंद्र जडेजा की भारतीय वनडे टीम में वापसी हुई है और वह अपनी गेंद व बल्ले दोनों से योगदान देने के लिए जरूर बेताब होंगे। बहरहाल, यह तो तय है कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए लगातार विजय श्री हासिल कर रही ऑस्ट्रेलिया टीम से पार पाना आसान तो कतई नहीं होगा। लेकिन दक्षिण अफ्रीका को टेस्ट श्रृंखला में हराकर भारतीय टीम के हौंसले बुलंद हैं।