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भारत तो जीत रहा है पर सूर्यकुमार यादव के फॉर्म पर चिंता होना लाजमी है

India vs South Africa: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरे टी20 इंटरनेशनल में सूर्यकुमार यादव सिर्फ 11 रन बना सके.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - December 10, 2025 12:22 PM IST

भारत ने साउथ अफ्रीका को बारबती में खेले गए सीरीज के पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में 101 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. भारतीय टीम का टी20 इंटरनेशनल में रिकॉर्ड अच्छा है. वह मौजूदा चैंपियन है. लेकिन अब टीम के सामने एक असमंजस है. टीम की जीत में एक चर्चा उसके कप्तान के फॉर्म की हो रही है. सूर्यकुमार यादव जिन्हें टी20 इंटरनेशनल के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में गिना जाता है, अब अपने रंग में नहीं दिख रहे हैं. अब भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले सिर्फ नौ मैच और खेलने हैं. अपना सही कॉम्बिनेशन तलाशने के लिए टीम लगातार प्रयोग कर रही है. लेकिन कप्तान का फॉर्म वाकई परेशान करने वाला है.

साल 2024 के अक्टूबर में सूर्यकुमार यादव ने टी20 इंटरनेशनल में अपनी आखिरी हाफ सेंचुरी लगाई थी. और अब जब टी20 वर्ल्ड कप नजदीक आता जा रहा है टीम इंडिया के इस धाकड़ बल्लेबाज का फॉर्म कई सवाल खड़े कर रहा है. टीम प्रबंधन के लिए यह एक ऐसी उलझन बन गई है जिसका जल्द सुलझाया जाना जरूरी है.

मंगलवार को जब सूर्या ने छक्का लगाया तो लगा आज तस्वीर बदलेगी. लेकिन वह 11 गेंद पर 12 रन बनाकर आउट हो गए. लुंगी नगिडी की गेंद को वह सही टाइम नहीं कर पाए. नतीजा एडिन मार्करम का आसान सा कैच. भारत 101 रन से जीत गया. और सूर्या के फॉर्म पर सवाल फिर हल्के हो गए. बतौर कप्तान वह जरूर खुश होंगे आखिर अगस्त 2023 से भारत कोई टी20 इंटरनेशनल सीरीज नहीं हारा है- लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर उन्हें भी पता है कि रन नहीं बन रहे हैं.

टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने सूर्या को लेकर एक अहम सवाल उठाया है. उथप्पा का कहना है कि सूर्या को लगातार अपना बल्लेबाजी क्रम नहीं बदलना चाहिए. उनकी नजर में सूर्यकुमार यादव को हमेशा नंबर तीन पर ही खेलना चाहिए. बीते कुछ अर्से में सूर्या लगातार नंबर तीन और नंबर चार के बीच फ्लोट होते रहे हैं. मौजूदा टीम प्रबंधन बल्लेबाजी क्रम को लेकर गंभीर नहीं है. वह इसे ओवररेटेड बता चुका है. मुख्य कोच गौतम गंभीर के अलावा सूर्या भी कह चुके हैं कि ओपनर्स के अलावा बाकी सभी बल्लेबाजों को लचीला रुख अपनाना होगा.

लेकिन सूर्या पर इसका असर दिख रहा है. टी20 इंटरनेशनल में अपनी पिछली 19 पारियों में सूर्या ने सिर्फ 222 रन बनाए हैं. और यह आंकड़े अच्छे नहीं कहे जा सकते. खास तौर पर उस बल्लेबाज के लिए जिसने टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी को नया आयाम दिया. सूर्या का स्ट्राइक-रेट भी इस दौरान गिर कर सिर्फ 120 तक आ गया है. जो उनके करियर स्ट्राइक-रेट 164.05 से काफी कम है. यानी न तो सूर्या रन बना पा रहे हैं और न ही आक्रामक रुख ही अपना पा रहे हैं. कुल मिलाकर पुराने सूर्या की परछाई ही नजर आ रही है.

बीती 19 में 12 पारियों में सूर्या में नंबर तीन पर बल्लेबाजी की है. और सात पारियों में वह नंबर चार पर खेले हैं. और इन दौरान सिर्फ दो बार ही उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेलीं. एक बार पाकिस्तान के खिलाफ 47 और दूसरी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 39. ये दोनों पारियां उन्होंने नंबर तीन पर खेलीं. तो, बात फिर वही आती है कि क्या सूर्या के लिए नंबर तीन ही सही पोजिशन है. और लचीलेपन के चक्कर में वह अपने नैसर्गिक खेल से दूर होते जा रहे हैं.

साल 2025 में T20I में सबसे खराब औसत वाले भारतीय बल्लेबाज:

सूर्यकुमार यादव: 196 रन, औसत 15.6
संजू सैमसन: 185 रन, औसत 18.50
अक्षर पटेल: 139 रन, औसत 19.85
शिवम दुबे: 159 रन, औसत 22.71
हार्दिक पांड्या: 160 रन, औसत 22.85

रॉबिन उथप्पा ने स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में सूर्या पर चर्चा भी की. उन्होंने कहा, ‘वह एक क्लास प्लेयर हैं. एक मैच विनर हैं. वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें कोई भी अपनी टीम में चाहेगा. मुझे लगता है कि बैटिंग ऑर्डर में ऊपर-नीचे जाने से उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह क्या सोच रहे हैं लेकिन उन्हें नंबर तीन पर ही बल्लेबाजी करनी चाहिए. वह भारतीय टीम के लिए स्थायी तौर पर वहीं बल्लेबाजी करनी चाहिए. बैटिंग ऑर्डर में बदलाव नहीं करना चाहिए.’

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भारत ने सूर्या और तिलक वर्मा को लगातार नंबर तीन और चार पर आजमाया है. तिलक वर्मा को भी नंबर तीन पर आजमाया है. और उन्होंने वहां अच्छा प्रदर्शन भी किया है. लेकिन उथप्पा का कहना है कि सूर्यकुमार को बल्लेबाजी क्रम में नीचे आने की कोई जरूरत नहीं है. तिलक के लिए उनका कहना है कि वह नंबर चार के लिए ही बनें हैं. वे मुश्किल वक्त में शांत-स्थिर रहते हैं. और शुरुआती विकेट गिरने के बाद भी पारी को संभाल सकते हैं.