सुरेश रैना और एमएस धोनी  © Getty Images
सुरेश रैना और एमएस धोनी © Getty Images

भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज 15 जनवरी से खेलनी है। ऐसे में टीम इंडिया की रणनीति पर सबकी निगाहें होंगी। क्योंकि इंग्लैंड एक सशक्त टीम है और भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए अंतिम तीन वनडे मैचों में एक में भी जीत दर्ज नहीं की है। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को अंतिम बार साल 2014 में बर्मिंघम में खेले गए वनडे मैच में हराया था और तबसे टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ हार ही झेलती रही है। ऐसे में टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को 4- 0 से हराने के बाद टीम इंडिया के पास मौका है कि वह अपनी पुरानी हारों का हिसाब इस वनडे सीरीज में बराबर कर ले। लेकिन क्या ये इतना आसान होने वाला है? कतई नहीं क्योंकि इंग्लैंड के पास वनडे में आतिशी बल्लेबाजी करने वाले क्रिकेटरों की पूरी फौज है जो टीम इंडिया के खिलाफ कभी भी मोर्चा खोलने में माहिर हैं। ऐसे में टीम इंडिया को इन पांच बातों पर पूरी सीरीज में गौर फरमाने की जरूरत है।

1. एमएस धोनी नंबर चार पर ही बल्लेबाजी के लिए आएं: भारतीय वनडे टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को अपनी टीम की बल्लेबाजी को स्थिरता देने के लिए चौथा नंबर अपने लिए फिक्स कर लेना चाहिए। धोनी ने पिछली सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम तीन मैचों में चौथे नंबर पर आकर बल्लेबाजी की थी और इसका असर भी टीम इंडिया के स्कोर में देखने को मिला था। साथ ही धोनी ने इस दौरान 80 और 47 रनों की पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी का एक अच्छा नमूना पेश किया था। जैसा कि नंबर तीन पर विराट कोहली बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं तो नंबर चार पर धोनी के होने से पारी को एकदम से लुढ़कने के खतरे से बचाया जा सकता है। चूंकि, इस सीरीज में कई ऐसे खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावनाएं हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए हो सकते हैं। ऐसे में धोनी को अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाने की जरूरत होगी ताकि वे दबाव में बिखर न जाएं। [ये भी पढ़ें: भारतीय टीम में ओपनिंग जोड़ी के लिए 5 बड़े दावेदार]

2. फिनिशर की भूमिका का निर्धारण: भारतीय टीम में फिनिशर की भूमिका को लेकर लंबे समय से विचार विमर्श चलता रहा है। चूंकि, धोनी की जरूरत अब ऊपरी क्रम में पड़ने लगी है तो उनकी जगह कौन इस भूमिका में अपने आपको ढालेगा? अगर इस पर गहराई से विचार करें तो सुरेश रैना इस रोल के लिए बिल्कुल ठीक बैठते हैं। रैना पिछली वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ बुखार के कारण एक भी वनडे नहीं खेल पाए थे लेकिन वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं। रैना ने अपने वनडे करियर में छठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे अच्छी औसत से रन बनाए हैं। वैसे तो उनका सबसे अच्छा औसत(45.00) चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए रहा है। लेकिन छठवें नंबर पर रहते हुए रैना ने 35.54 की औसत से रन बनाए। रैना ने इस पोजीशन पर 223 वनडे में से 61 मैचों में बल्लेबाजी की है और 35.54 की औसत से 1,706 रन बनाए हैं। इस पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए रैना ने 36 छक्के भी जड़े हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ एमएस धोनी के मुख्य हथियार के रूप में वह फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। जो उनके लिए माकूल भी साबित हो सकती है।

3. मध्यक्रम में सुधार की भारी गुंजाइश: न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज की बात करें तो टीम इंडिया का मध्यक्रम हर मैच में चरमराता नजर आया। यही कारण रहा कि जिस मैच में विराट कोहली नहीं चले उसमें टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। जाहिर है कि टीम इंडिया को कोहली पर से अतिआत्मनिर्भर रहना बंद करना होगा। टीम इंडिया को मध्यक्रम में कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भरने की जरूरत है जो दबाव की परिस्थिति में बिना हड़बड़ाए संतुलन ला दें। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में मनीष पांडे और केदार जाधव इस रोल को निभान में पूरी तरह से विफल रहे थे। ऐसे में चयनकर्ताओं को इन दोनों की जगह कुछ जिम्मेदारी निभाने वाले खिलाड़ियों को जगह देने की जरूरत है। इन खिलाड़ियों में एक नाम करुण नायर का हो सकता है जिन्होंने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में तिहरा शतक जड़ा था। वहीं दूसरा नाम ईशान किशन का हो सकता है जो रणजी ट्रॉफी में धड़ाधड़ रन बटोर रहे हैं।

4. ओपनरों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी: इस सीरीज के लिए टीम इंडिया के ओपनर कौन होंगे इसको लेकर संशय विद्यमान है। चूंकि, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे चोटिल चल रहे हैं। ऐसे में कप्तान एमएस धोनी केएल राहुल से ओपनिंग करवा सकते हैं। क्योंकि पिछले कुछ समय में राहुल बतौर ओपनर बेहतरीन साबित हुए हैं। लेकिन इस बीच सवाल पैदा होता कि राहुल का जोड़ीदार कौन होगा? क्या चयनकर्ता आउट ऑफ फॉर्म चल रहे शिखर धवन को मौका देंगे? या रणजी में कातिलाना प्रदर्शन कर रहे ईशान किशन या रिषभ पंत को टीम में जगह मिलेगी? बहरहाल ये तो समय ही तय करेगा। लेकिन अगर इन तीनों में किसी को भी मौका मिलता है उन्हें इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना होगा। क्योंकि पिछली सीरीज में भारत की ओपनिंग जोड़ी एक भी मैच में अच्छी शुरुआत नहीं दे पाई थी जिसके कारण रोहित- रहाणे को आलोचना का भी सामना करना पड़ा था। ऐसे में टीम इंडिया की भविष्य के लिए ओपनिंग जोड़ी क्या होगी उसका निर्धारण भी इस सीरीज के प्रदर्शन पर काफी कुछ निर्भर करता है।

5. तेज गेंदबाजी पर अतिरिक्त जिम्मेदारी: खबरों की मानें तो इस सीरीज में वापसी करने के लिए तेज गेंदबाज आशीष नेहरा पूरी तरह से तैयार हैं और अगर वह टीम में वापसी कर लेते हैं तो टीम इंडिया के लिए इससे अच्छी कोई और बात नहीं होगी। वहीं अगर अश्विन इस सीरीज के लिए उपलब्ध रहते हैं तो टीम इंडिया को अतिरिक्त बल मिलेगा। क्योंकि इंग्लैंड के पास आतिशी बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों की फौज है और अगर टीम इंडिया ने अनुशासनात्मक गेंदबाजी नहीं की तो उन्हें लेने के देने पड़ सकते हैं। पिछली सीरीज में अमित मिश्रा ने पूरी सीरीज में सर्वाधिक विकेट लिए थे। वहीं तेज गेंदबाजों में उमेश यादव खासे सफल रहे थे। ऐसे में एक बार फिर से टीम इंडिया को अपने गेंदबाजों से कुछ ऐसी ही अपेक्षाएं होंगी।