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भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे श्रृंखला, किसमें है कितना दम

इस श्रृंखला में दोनों टीमों ने युवाओं को मौका दिया है।

user-circle cricketcountry.com Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - January 7, 2016 11:24 PM IST

भारतीय टीम ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं में पिछले 8 सालों से वनडे श्रृंखला में जीत नहीं पाई है
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं में पिछले 8 सालों से वनडे श्रृंखला में जीत नहीं पाई है

इस साल की सबसे महत्वपूर्ण एकदिवसीय श्रृंखला में भारत वनडे की सर्वश्रेष्ठ टीम ऑस्ट्रेलिया से आगामी 12 जनवरी से शुरू हो रही वनडे श्रृंखला में दो-दो हाथ करते नजर आएगा। यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया में आयोजित की जा रही है ऐसे में भारतीय टीम को और भी सतर्क रहने की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया दौरे को देखते हुए टीम चयनकर्ताओं ने अनुभवी और युवा क्रिकेटरों की मिश्रित फौज को इस बार दौरे पर भेजा है। सुरेश रैना को टीम से बाहर निकालते हुए टीम में तीन नए चेहरे रिषि धवन, गुरकीरत सिंह और बरिंदर सरान शामिल किए गए हैं। टीम के चयनकर्ताओं ने नए सिरे से टीम का चयन करते हुए टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को साफतौर पर संदेश दे दिया है कि टीम में खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए कोई जगह नहीं है। फुल स्कोरकार्ड दक्षिण अफ्रीका बनाम इंग्लैंड, दूसरा टेस्ट क्लिक करें…

ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ भारतीय चयनकर्ताओं ने ही युवाओं को टीम में नहीं शामिल किया बल्कि ऑस्ट्रेलिया टीम के चयनकर्ताओं ने भी युवाओं को मौका देने में कोई कौताही नहीं बरती है। पहले तीन वनडे के लिए ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में वरिष्ठ खिलाड़ी शेन वॉटसन को मौका नहीं दिया गया है और उनकी जगह दो नए चेहरों को टीम में शामिल किया है। ये दो नए चेहरे दाहिने हाथ के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जोएल पेरिस हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इनके पास घरेलू स्तर पर भी क्रिकेट खेलने का बहुत कम अनुभव है। ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर इन 5 भारतीय खिलाड़ियों पर रहेगी नजर

खैर, 12 जनवरी को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ में पहला एकदिवसीय मैच खेला जाना है। तो आइए तुलना करते हैं दोनों टीमों के शीर्ष बल्लेबाजों के प्रदर्शन की। इसमें कोई दो राय नहीं है कि दोनों टीमों के बल्लेबाजी विभाग बेहद सशक्त हैं ऐसे में टक्कर दिलचस्प होगी।

शिखर धवन-रोहित शर्मा(ओपनिंग पर दारोमदार): शिखर धवन और रोहित शर्मा पिछले तीन सालों से वनडे क्रिकेट में एक साथ पारी की शुरुआत करते आ रहे हैं। औसत के हिसाब से दोनों की जोड़ी भारत की दूसरी सबसे बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी में से एक है। यहां तक की इन्होंने इस मामले में सचिन-सहवाग की जोड़ी को भी पीछे छोड़ दिया है। दोनों अब तक एक साथ 49 बार पारी की शुरुआत कर चुके हैं। जिसमें उन्होंने 45 के ऊपर के औसत से 2,202 रन बनाए हैं। दोनों ने अगर अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा तो ये भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर आठ साल बाद वनडे श्रृंखला जीतने को बेताब टीम इंडिया

तीसरे नंबर पर चलेगा विराट का जादू: भारतीय टीम में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने वाले विराट कोहली ने पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे में टेस्ट मैचों में गजब की बल्लेबाजी की थी। इस बार भी उनसे ऐसी ही उम्मीदें हैं। कोहली का वनडे में बैटिंग औसत 50 के ऊपर है और उनका स्ट्राइक लगभग 90 है। जो बताता है कि कोहली किसी भी परिस्थिति में अपनी टीम की जीत में महती भूमिका निभा सकते हैं।

चौथे नंबर पर दिखेगा अजिंक्य रहाणे का दम: हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ संपन्न हुई टेस्ट सीरीज में टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले रहाणे ने वनडे श्रृंखला के आखिरी मैच में धुआंधार 87 रनों की पारी खेली थी। रहाणे को विदेशी सरजमीं कुछ ज्यादा ही भाती है। ऐसे में वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधे पर लेने को तैयार हैं। रहाणे का वनडे में बैटिंग औसत 32 से ऊपर है और स्ट्राइक रेट लगभग 80 का है।

पांचवें नंबर पर बोलेगा धोनी का बल्ला: भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ दिनों से अपनी कप्तानी को लेकर आलोचना झेल रहे हैं। ऐसे में धोनी ऑस्ट्रेलिया को उसी की मांद में हराकर अपने आलोचकों को करारा जवाब देना चाहेंगे। पिछली बार भारतीय टीम ने धोनी की ही अगुआई में ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर सीबी सीरीज में साल 2008 में हराया था। धोनी ने पिछली कुछ सीरीजों में बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने के संकेत दिए हैं। ऐसे में भारतीय कप्तान अपनी बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी को नेस्तनाबूद करने की पूरी तैयारी में लगे हुए हैं। धोनी ने वनडे में 52 के ऊपर के औसत से रन बनाए हैं, वहीं उनका स्ट्राइक रेट भी 90 के आस-पास है।

ऑस्ट्रेलिया के इन रणबांकुरों पर लगाना होगा अंकुश-

ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर-एरन फिंच: इसमें कोई दो राय नहीं है कि डेविड वॉर्नर और एरन फिंच की जोड़ी इस समय विश्व क्रिकेट की बेहतरीन सलामी जोड़ी में से एक है। बाएं और दाएं हाथ के बेहतरीन कॉम्बिनेशन के साथ दोनों आतिशी बल्लेबाजी करने में माहिर हैं। इनमें से अगर एक का भी बल्ला चल गया तो ऑस्ट्रेलिया को 300 के नीचे रोकना नामुमकिन होगा। वॉर्नर का वनडे में बैटिंग औसत 36 के करीब है और स्ट्राइक रेट 89.2 का है। वहीं फिंच का वनडे में बैटिंग औसत 38.1 का है और स्ट्राइक रेट 87.4 का है। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को इन्हें शुरुआती ओवरों में ही पवेलियन भेजा होगा। बहरहाल भारतीय टीम के लिए तेज गेदबाज शमी की टीम में वापसी राहत की बात है। गौरतलब है कि शमी ने विश्व कप 2015 में भारतीय टीम की ओर से दूसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे।

स्टीवन स्मिथ: युवा ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ आजकल बेहतरीन फॉर्म में हैं। साल 2015 के टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर रहे स्मिथ का बल्ला वनडे क्रिकेट में भी खूब बोल रहा है। विश्व कप सेमीफाइनल में वॉर्नर के जल्दी आउट होने के बाद स्मिथ ने ही एक छोर पर टिककर बल्लेबाजी करते हुए 93 गेंदों में आतिशी 105 रन बनाए थे और भारतीय टीम की हार को तय कर दिया था। भारत के खिलाफ स्मिथ का बल्ला कुछ ज्यादा ही बोलता है ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के इनको लेकर एक सुनियोजित रणनीति तैयार करनी होगी। स्मिथ विश्व कप 2015 में मैन ऑफ द सीरीज रहे थे।

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जॉर्ज बेली: दहिने हाथ के तूफानी बल्लेबाज जॉर्ज बेली एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो मैच को अकेले दम पर मोड़ने का माद्दा रखते हैं। साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में पर्दापण करने वाले बेली ने 63 वनडे मैचों में 42 के ऊपर के औसत से रन बनाए हैं। यही कारण है कि बहुत कम समय में वह ऑस्ट्रेलिया टीम के पर्मानेंट सदस्य बन गए। आगामी भारत दौरे में वह भारतीय गेंदबाजों के लिए बहुत बड़ा खतरा होंगे। आखिरी ओवरों में अपनी जबरदस्त हिटिंग के लिए प्रसिद्ध बेली ने कई मौकों पर विपक्षी टीम के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ी है। लेकिन स्पिन गेंदबाजी को लेकर बेली अधिकतर मौकों पर झेंपते नजर आते हैं। ऐसे में आर. अश्विन और जडेजा बेली पर नकेल कसने की तैयारी कर रहे होंगे।