India tour of England 2020: England v India Test series talking points
(Getty images)

बुधवार से शुरू होने वाली ट्रेंट ब्रिज में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में इंग्लैंड का सामना भारत से होगा, जिसमें जो रूट की टीम भारत दौरे पर 1-3 से मिली करारी हार का बदला लेने उतरेगी। वहीं विराट कोहली एंड कंपनी के पास इंग्लैंड की जमीन पर टेस्ट सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं कि इस सीरीज के दौरान किन पांच बातों पर सभी की नजरें होंगी।

विराट कोहली का हालिया फॉर्म: भारतीय कप्तान विराट कोहली पर ना केवल अपनी टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी है बल्कि वो टेस्ट टीम के प्रमुख बल्लेबाज भी हैं। ऐसे में उनका हालिया खराब फॉर्म भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

भारत के कप्तान कोहली ने पिछले इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने 593 रन बनाए थे। लेकिन 2020 से अब तक खेल आठ टेस्ट में, कोहली ने 24.64 के औसत से केवल 345 रन बनाए हैं। वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में कोहली युवा तेज गेंदबाज काइल जेमीसन की सीम गेंदबाजी का शिकार हुए थे, जिस पर इंग्लिश पेसर्स की नजर होगी।

बेन स्टोक्स की गैरमौजूदगी: विश्व कप और एशेज के नायक रहे इंग्लिश ऑलराउंडर बेन स्टोक्स भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे। स्टोक्स ने अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए क्रिकेट से अनिश्चितकाल का ब्रेक लिया है। उनकी गैरमौजूदगी इंग्लैंड के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

71 टेस्ट में, उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में 37.04 की औसत से पर 4,631 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक शामिल हैं, और 31.38 की औसत से 163 विकेट लिए हैं। लेकिन आंकड़ों को भुला भी दें तो स्टोक्स के रहने से इंग्लैंड टीम को जो संतुलन मिलता है वो अमूल्य है। इंग्लैंड अब अपने स्टार ऑलराउंडर की जगह एक विशेषज्ञ स्पिनर को उतार सकता है।

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कमजोर शीर्ष क्रम: जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में 1-0 से मिली हार के दौरान इंग्लैंड की बल्लेबाजी की समस्या उजागर हुई। हालांकि इंग्लैंड के कप्तान रूट का औसत 48.68 का है लेकिन उनके सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स का औसत 33.23 का है, जबकि डॉम सिबली, जैक क्रॉली और ओली पोप का हालिया फॉर्म भी टीम के आत्मविश्वास को प्रेरित नहीं करता है।

पाकिस्तान के खिलाफ शानदार 267 रन बनाने के बाद क्रॉली के टेस्ट फॉर्म में काफी गिरावट आई है। उसके बाद खेली 12 पारियों में उन्होंने 10.25 की औसत से मात्र 123 रन बनाए।

व्यस्त कार्यक्रम: हालांकि ये पांच मैचों की सीरीज है लेकिन ये कुल 42 दिनों तक चलेगी जिससे दोनों पक्षों के तेज गेंदबाजों पर दबाव बढ़ेगा। कोविड महामारी और उससे संबंधी नियमों को ध्यान में रखते हुए भारत इंग्लैंड दौरे पर एक बड़ा स्क्वाड लाया है। इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह फिर से टीम में शामिल होने के लिए तैयार हैं, वहीं ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी भी अपनी सटीकता के साथ मेजबानों को परेशान करने में सक्षम हैं।

इंग्लैंड के सामने जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की अनुभवी जोड़ी पर भरोसा करने का प्रलोभन है। भारत के खिलाफ सीरीज के दौरान इन दोनों सीनियर गेंदबाजों को दबाव और भी ज्यादा होगा क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में उनके दो प्रमुख गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और क्रिस वोक्स चोटिल हैं।

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घरेलू हालातों का फायदा: घरेलू सीरीज के दौरान मेजबान टीम को अतिरिक्त फायदा मिलना क्रिकेट के इतिहास में कोई नई बात नहीं है। हालांकि टीम इंडिया के लिए इस बार हालात और भी मुश्किल होंगे चूंकि भारत ने 2007 के बाद से इंग्लैंड में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। 2011 और 2018 के पिछले दोनों दौरे क्रमशः 4-0 और 4-1 की हार के साथ खत्म हुए।

लेकिन विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली ये टीम साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में टेस्ट सीरीज हरा चुकी है। जिसके बाद भारतीय फैंस को आगामी सीरीज में एक और ऐतिहासिक जीत की उम्मीद होगी।