विराट कोहली और एमएस धोनी    © Getty Images
विराट कोहली और एमएस धोनी © Getty Images

पांच मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के हाथों लगातार पहले दो मैच मैच हारकर भारतीय टीम अब पिछले कदमों पर आ गई है। जब वह कल रविवार को ऑस्ट्रेलिया से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में सीरीज का तीसरा मैच खेलेंगे तो उनके दिमाग में तीसरे एकदिवसीय मैच को किसी भी हालत में जीतने का दबाव होगा। पहले दोनों मैचों में 300 से ज्यादा स्कोर बनाने के बावजूद भारतीय टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। इसकी वजह उनकी खराब गेंदबाजी व कुछ हद तक खराब क्षेत्ररक्षण रहा जिसने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का दूसरे वनडे मैच में बरिंदर स्रान को खिलाना व दो स्पिनरों की रणनीति में कोई बदलाव ना लाना अब शक के घेरे में है। ऐसे में टीम इंडिया के उत्साही फैन्स तीसरे एकदिवसीय के लिए टीम में क्या परिवर्तन देखना चाहेंगे? आइए जानते हैं। फुल स्कोरकार्ड: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरा एकदिवसीय ब्रिस्बेन 

शीर्ष क्रम: भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में चोटी के तीन बल्लेबाज शामिल हैं। तीन बल्लबाजों में से दो बल्लेबाजों ने पिछले दो एकदिवसीय मैचों में गजब की बल्लेबाजी की है। हालांकि शिखर धवन जरूर अभी तक अपना रंग नहीं दिखा पाए हैं। स्टार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा आजकल बेहतरीन फॉर्म में हैं और लगातार शतक लगा रहे हैं। शर्मा ने शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करते हुए लंबी पारियां ही नहीं खेलीं बल्कि टीम को बड़े स्कोर तक भी पहुंचाया है। पहले मैच में वह 171 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। हालांकि उनके लिए यह बेहद दुर्भाग्यशाली रहा कि बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। यही बात विराट कोहली के लिए लागू होती है जिन्होंने दोनों मैचों में अर्धशतकीय पारियां खेली हैं। ये भी पढ़ें: भारत के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय के लिए ऑस्ट्रेलिया की संभावित अंतिम एकादश

हालांकि धवन अभी अपना जादू दिखाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। बेहतरीन दक्षिण भारत के बल्लेबाज धवन अब तक इस सीरीज में बुरी तरह से असफल रहे हैं, जिसका विपरीत प्रभाव भारतीय बल्लेबाजी पर पड़ा है। अगर धवन जल्दी विकेट ना गंवाएं तो भारतीय टीम शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बना सकती है। उनकी खराब फॉर्म को देखते हुए हो सकता है कप्तान धोनी उनकी जगह रहाणे को बतौर सलामी बल्लेबाज भेजें और धवन की जगह किसी अन्य ऑलराउंडर खिलाड़ी को टीम में खिलाया जाए। लेकिन ऐसा होता कतई नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि धवन को कप्तान व टीम प्रबंधन का पूरा समर्थन प्राप्त है। वह तीसरे एकदिवसीय में अपने बल्ले से कमाल दिखाना चाहेंगे। ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा एकदिवसीय प्रिव्यू: तीसरे एकदिवसीय में जीत के लिए बेकरार भारत

मध्यक्रम: रहाणे ने दूसरे एकदिवसीय मैच में अपनी ख्याति के अनुरूप बल्लेबाजी करते हुए 80 गेंदों में 89 रन बटोरे थे। उनकी इस पारी में सिर्फ एक खामी नजर आई कि वह अंत तक टिके ना रह सके, क्योंकि उनके कुछ देर पहले आउट हो जाने से भारतीय टीम के लगभग 20 रन कम बने। अगर 20-25 रन भारतीय टीम के पास और होते तो ऑस्ट्रेलिया को लगातार दूसरे वनडे मैच से बेरंग लौटाया जा सकता था। लेकिन यही कम रन भारतीय टीम को खल गए और टीम इंडिया को दूसरा मैच भी गंवाना पड़ा। मनीष पांडे को कुछ ही ओवर खेलने को मिले इसका मतलब है कि उन्हें तीसरे एकदिवसीय से बाहर नहीं किया जा सकता। इसका मतलब है कि गुरकीरत सिंह को अपने मौके के लिए अभी और इंतजार करना होगा। धोनी नंबर 6 में आकर मध्यक्रम की कमी को पूरी करेंगे।

ऑलराउंडर्स/ स्पिनर्स: भारतीय स्पिनर्स अभी तक कुछ खास नहीं कर पाए हैं। स्पिनर्स की पर्थ और ब्रिस्बेन में खूब धुनाई हुई है। वे ना ही विकेट ले पाए और ना ही रन का बहाव रोकने में सफल हो पाए। धोनी का रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के साथ खेलने की हठ चौंकाने वाली है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की पिचें स्पिनर्स के अनुकूल कतई नहीं हैं। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टीम में किसी भी विशेषज्ञ स्पिनर को जगह नहीं दी है। परेशान भारतीय कप्तान ने साफ कर दिया है कि 3-2(तेज गेंदबाज-स्पिनर) का मिश्रण भारतीय टीम के बेहतर है, जिसका मतलब है कि अभी भी हिमाचल प्रदेश के हरफनमौला खिलाड़ी रिषी धवन के लिए टीम में शामिल होना को कोई मौका नहीं है, जिन पर कप्तान को भी कम भरोसा है। ऐसे में लगता है कि टीम एक बार फिर से अश्विन और जडेजा के साथ तीसरे एकदिवसीय में खेलते नजर आएगी।

तेज गेंदबाज: अगर स्पिनर नाकाम हुए हैं और उनकी आलोचना की जा रही है तो इस फेहरिस्त में तेज गेंदबाज भी ज्यादा पीछे नहीं है। तेज गेंदबाज उनकी अनुकूल परिस्थिति में भी बुरी तरह से असफल हुए हैं। स्रान ने पहले मैच में बढ़िया प्रदर्शन किया था, लेकिन ब्रिस्बेन में खेले गए दूसरे वनडे में वह रनों के बहाव में कमी नहीं ला सके और पूरी तरह से अप्रभावशाली नजर आए। ईशांत ने चोट से उबरने के बाद वापसी की और उम्मीद की जा रही थी कि वह भारतीय गेंदबाजी की अगुआई करेंगे, लेकिन वह मैच में लगातार अपनी दिशा से भटकते नजर आए और 8 वाइड गेंदें फेंकी। उमेश यादव बेहद खर्चीले साबित हुए हैं, ऐसे में उनकी जगह भुवनेश्वर कुमार ले सकते हैं, जो पहले मैच में कम खर्चीले साबित हुए थे।

कुल मिलाकर, शायद ही तीसरे एकदिवसीय के लिए भारतीय टीम में कोई परिवर्तन देखने को मिले। अगर परिवर्तन किया जाता है तो उसे सिर्फ संयोग कहा जाएगा। हो सकता है कि रिषि व गुरुकीरत सिंह पर विचार किया जाए। साधारण परिस्थितियों में, इन्हें अंतिम XI में स्पिनरों व खराब फॉर्म में चल रहे शिखर धवन की जगह टीम में शामिल किया जा सकता था। लेकिन धोनी का टीम चुनाव करने का एक अलग ही तरीका है। अगर स्पिनर्स और धवन दौरे के एक भी मैच में ना खेले तो इसे सिर्फ एक संयोग कहा जाएगा।

तीसरे एकदिवसीय के लिए भारत की संभावित अंतिम एकादश: रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, एमएस धोनी(कप्तान/विकेटकीपर), मनीष पांडे, रविंद्र जडेजा, ईशांत शर्मा, उमेश यादव/भुवनेश्वर कुमार और बरिंदर स्रान।