India-Vs-Australia-3rd-odi-preview

रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाने वाला सीरीज का तीसरा मैच भारत के लिए करो य मरो वाला होगा। भारतीय टीम पहले ही श्रृंखला में शुरुआती दो मैच हारकर 0-2 से पिछड़ चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम को यदि श्रृंखला में अपनी उम्मीदें जिंदा रखनी है तो इस मैच को हर हाल में जीतना होगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया इस मैच में जीत हासिल करके 5 एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में 0-3 की अजेय बढ़त लेना चाहेगी। भारत पहले दो एकदिवसीय मैचों में बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद हार गया। ऐसे में भारतीय टीम को व्यापक स्तर पर मानसिक धैर्य की आवश्यकता होगी। साथ ही भारत को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। ये भी पढ़ें: भारत बनेगा अंडर 19 विश्व कप का विजेता: सरफराज

ब्रिस्बेन में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में ऑस्ट्रेलिया ने दो बड़े चेहरों जॉश हेजलवुड और मिचेल मार्श को नहीं खिलाया था। बावजूद इसके उनकी टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया और भारतीय टीम को आसानी से हरा दिया। अब तीसरे वनडे मैच में वह फिर से अपने नियमित खिलाड़ियों के साथ खेलेंगे। ऐसे में उनके जीतने की संभावनाएं और भी बढ़ जाएंगी इसमें कोई गुरेज नहीं है। एम एस धोनी भारतीय गेंदबाजी को लेकर अपनी निराशा खुलेतौर पर बयां कर चुके हैं। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के द्वारा 300 के ऊपर के स्कोरकार्ड को न बचा पाने की असमर्थथता को लेकर भी अपनी निराशा व्यक्त की है।

यह अपने आप में एक साक्ष्य है कि भारतीय टीम यह मानती है कि उन्होंने एक विभाग(बल्लेबाजी) में अच्छा प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी को बेहतर बनाने के लिए उन्हें दो अच्छे गेंदबाजों की जरूरत है जो उन्हें शुरुआती सफलताएं दिलवाने के साथ-साथ बीच के ओवरों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को बड़े स्ट्रोक लगाने से रोक पाएं। दोनों मैचों में धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन दोनों मौकों पर धोनी को हार का मुंह देखना पड़ा। ऐसे में इस मैच में धोनी भारतीय बल्लेबाजों की फॉर्म को देखते हुए टॉस जीतकर स्कोर चेज़ करने का फैसला कर सकते हैं। ये भी पढ़ें: जानें दक्षिण अफ्रीका बनाम इंग्लैंड के दूसरे टेस्ट मैच का रिपोर्ट

साथ ही भारत अपनी रणनीति में एक और परिवर्तन कर सकता है जैसे रविंद्र जडेजा व रविचंद्रन अश्विन में से किसी एक की जगह एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को खिला सकता है। ऐसे में भारतीय तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया की तेज उछाल भरी पिचों पर विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को काबू में लाने में सफल हो सकते हैं। हालांकि तेज गेंदबाजों की सटीकता अभी भी चिंता का कारण है, अभी उन्हें अपने आपको साबित करना बाकी है। ऑस्ट्रेलिया यह बहुत अच्छी तरह से जानता है कि उनके गेंदबाजों ने भी कोई ज्यादा बढ़िया गेंदबाजी नहीं की है। एक छोटे से विश्राम के बाद लौटने वाले हेजलवुड और मिचेल मार्श टीम में स्कॉट बोलैंड और जोएल पेरिस की जगह ले सकते हैं। ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरे वनडे..जानें फुल स्कोर 

दोनों टीमों की सपाट पिचों में गेंदबाजी कोई खास नहीं रही है वहीं बल्ला दोनों ओर से खूब बोला है। जॉर्ज बेली ने दोनों मैचों में अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई है। वहीं भारत के लिए रोहित शर्मा बेहतरीन फॉर्म में हैं व दो मैचों में लगातार दो शतक ठोंक चुके हैं। साथ ही स्टीवन स्मिथ, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे , शॉन मार्श और एरन फिंच ने अपनी-अपनी टीम के लिए बैट से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। दोनों टीमों के लिए बड़ी बड़ी पारियां खेली गई हैं। अगर इस सीरीज में रोमांच बरकरार रहना है तो यह जरूरी है कि भारत जीते। लेकिन इसे नकारा नहीं जा सकता कि ऑस्ट्रेलिया टीम भारत के मुकाबले ज्यादा योग्य दिखाई देती है। ऐसे में श्रृंखला बराबरी के लिए भारतीय टीम को एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। ये भी पढ़ें: जानिए दूसरे वनडे मैच में भारतीय टीम के हार के 6 कारण

टीमें:

भारत: शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, मनीष पांडे, एम एस धोनी(कप्तान/विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, अक्षर पटेल, ईशांत शर्मा, उमेशयादव, गुरुकीरत सिंह मान, रिषि धवन, बरिंदर स्रान

ऑस्ट्रेलिया: एरन फिंच, उस्मान ख्वाजा, स्टीवन स्मिथ(कप्तान), शॉन मार्श, मिचेल मार्श, जॉर्ज बेली, ग्लेन मै्सवेल, मैथ्यू वेड(विकेटकीपर), जेम्स फॉकनर, केन रिचर्डसन, जॉश हेजलवुड, स्कॉट बोलैंड, जोएल पेरिस, जॉन हेस्टिंग्स, डेविड वॉर्नर(तीसरे एकदिवसीय के लिए उपलब्ध नहीं)