Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - January 22, 2016 1:43 PM IST


सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया पांचवें और सीरीज के अंतिम वनडे मैच में शनिवार को एक दूसरे के आमने सामने होंगे। भारतीय टीम पहले चार मैचों में दुर्भाग्यशाली रही और लगातार उसे अच्छा खेलने के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा। अब तक सीरीज में भारत के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली खूब चमके हैं, वहीं शिखर धवन व अजिंक्य रहाणे ने भी अच्छा योगदान दिया है। लेकिन बाकी भारतीय खिलाड़ियों ने बुरी तरह से निराश किया है। अगर इन चारों को छोड़कर भारतीय टीम के प्रदर्शन को आकलन किया जाए तो पूरी टीम ने मिलकर इस सीरीज में कुछ खास नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया है और गेंदबाजी में वह भारत के मुकाबले आगे रहे हैं। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, पांचवां एकदिवसीय, सिडनी, लाइव स्कोरकार्ड के क्लिक करें
इस सीरीज में कप्तान धोनी में भी वह बात नजर नहीं आई जिसके लिए वह जाने जाते हैं। ना ही वह बैट से कमाल दिखा पाए और ना ही उनका जादू मैदान में दिखाई दिया। भारतीय गेंदबाज लगातार रन लुटाते रहे और धोनी की सभी योजनाओं पर पानी फिरता रहा। धोनी ने इस दौरान टीम में कुछ ऐसे परिवर्तन किए जो टीम को भारी पड़े। इनमें से एक है रविचंद्रन अश्विन को दूसरे वनडे मैच के बाद से टीम से बाहर कर देना और दो गैर-तर्जुबे वाले खिलाड़ियों रिषी धवन और गुरकीरत मान को टीम में जगह देना। ये भी पढ़ें: 10 मौके जब ताश के पत्तों की तरह ढह गई भारतीय बल्लेबाजी
धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम का यह पहला खराब प्रदर्शन नहीं है बल्कि यह कहानी पिछले डेढ़ साल से चली आ रही है। भारत ने धोनी की कप्तानी में अंतिम द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला वेस्टइंडीज के खिलाफ साल 2014 में जीती थी। हालांकि इसी बीच भारत ने कोहली की कप्तानी में श्रीलंका को 5-0 और रहाणे की कप्तानी में जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया। ये बात और है कि विश्व कप 2015 में भारतीय टीम के सितारे बुलंदी पर थे और विश्व कप में लगातार 7 मैच जीतते हुए अपने बेहतरीन खेल का सुबूत पेश किया था। जिनमें उसने विपक्षी टीम को सातों बार ऑलआउट भी किया था। लेकिन इसकी कसर विश्व कप के बाद भारतीय टीम ने फिर से निकाली और बांग्लादेश के हाथों द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला 2-1 से हार गए। ऐसे में धोनी जो भारत के बेहतरीन कप्तानों में से एक हैं वह ऑस्ट्रेलिया खिलाफ श्रृंखला का अंतिम मैच जीतकर दुनिया को संदेश देना चाहेंगे कि पहले चार मैचों का हारना भाग्य का खराब होना था।
भारतीय टीम अगर सीरीज में अपना सूपड़ा साफ होने से बचाना चाहती है तो अंतिम वनडे मैच में टीम में कुछ परिवर्तनों की जरूरत है। धोनी को गुरकीरत मान और भुवनेश्वर कुमार की जगह टीम में आर. अश्विन और बरिंदर स्रान को जगह देनी चाहिए। वहीं मनीष पांडे चोटिल अजिंक्य रहाणे की जगह लेने को तैयार हैं। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में अब तक धमाकेदार बल्लेबाजी की है, साथ ही केनबरा में अपनी गेंदबाजी का करिश्मा भी दिखाकर बता दिया कि वे किसी भी परिस्थिति में भारतीय टीम से मुकाबला करने को तैयार हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जब भारत का स्कोर 277/1 था, तब किसी भी विपक्षी टीम के हौंसले पस्त हो जाते, लेकिन स्टीवन स्मिथ की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया टीम ने अंतिम समय तक हार नहीं मानी और हारी बाजी को जीत में बदल दिया। केन रिचर्डसन ने जिस तरह 5 विकेट अपने नाम किए और डेथ ओवरों में घातक गेंदबाजी की वह अगले कुछ सालों तक चर्चा का विषय बना रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया की मैच जिताऊ टीम को देखते हुए यह कहना लगभग नामुमकिन लगता है कि वह अपनी टीम में कोई परिवर्तन करेंगे। जिसका मतलब है कि फॉर्म में चल रहे शॉन मार्श को बतौर दर्शक एक बार फिर से मैदान के बाहर से ही मैच का मजा लेना होगा। अगर जॉन हेस्टिंग्स और केन रिचर्डसन को छोड़ दिया जाए तो ऑस्ट्रेलिया की पिछले मैच में गेंदबाजी कुछ खास नहीं रही थी, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों को बांधने की कला अच्छी तरह से जान चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया पांचवें वनडे मैच के शुरू होने से पहले जीत की प्रबल दावेदार है और उनके पास 5-0 से सीरीज जीतने का मौका भी है। वहीं भारत साल 2012 के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में अपनी पहली जीत को लेकर आतुर है। ऐसे में भारतीय टीम को शारीरिक व मानसिक दोनों प्लेटफॉर्म पर उत्कृष्ट खेल दिखाना होगा।
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