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भारतीय टीम के जीत के चार कारण
मनीष पांडे ने 81 गेंदों का सामना करते हुए 104 रन ठोक डाले
Written by Vivek Kumar
Last Updated on - February 20, 2016 3:55 PM IST


आखिरकार भारतीय टीम अपना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी मैच जीतने में सफल रही। ऑस्ट्रेलिया टीम ने सीरीज पर पहले ही अजेय बढ़त बना ली हैं। टीम इंडिया के लिए ये जीत भले ही मायने नही रखती हो, लेकिन ये जीत आगे होने वाली 3 टी-20 मैच के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने का काम जरुर करेगी। आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट खो कर 330 रनों की चुनौती रखी थी। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 331 रन 6 विकेट शेष रहते जीत को पूरा कर लिया। आइए जानते हैं टीम इंडिया के जीत के चार कारण-
रोहित और धवन की साझेदारी
किसी भी टीम को जीत के लक्ष्य को पूरा करने के लिये एक कामयाब साझेदारी की जरुरत होती है जो आज इन भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह से किया। 300 रनों का पीछा करने उतरे रोहित और धवन ने 18 ओवर में 123 रनों की बेहतरीन साझेदारी कर ली थी जिसके बदौलत टीम इंडिया ने जीत की बुनियाद रखी।
बुमराह की बेहतरीन गेंदबाजी
गुजरात के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के लिए आज का दिन बेहद ख़ास रहा । अपने पहले डेब्यू मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 40 रन दिए और इसके साथ ही साथ भारत के लिए 2 विकेट भी झटके। डेथ ओवेर्स में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया और कंगारू बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया। आखिरी के पांच ओवरों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सिर्फ 38 रन ही जोड़ सके। अंतिम के दो ओवर में बूमराह और ईशांत ने महज सात रन दिए और टीम इंडिया की जीत के लिहाज से यह निर्णायक साबित हुआ। शतक के करीब पहुंचने के बाद मिशेल मॉर्श का धीमा पड़ना भी ऑस्ट्रेालिया के लिए घातक साबित हुआ।
मनीष पांडे की विस्फोटक बल्लेबाजी
बेहद सूझ-बूझ के साथ खेलते हुए मनीष पांडे ने टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम् भूमिका निभाई। मनीष पांडे ने 81 गेंदों का सामना करते हुए 104 रन ठोक डाले जिसमें 8 चौका व 1 छक्का भी शामिल है। बेहद जिम्मेदारी से शॉट्स खेलते हुए टीम इंडिया को अपने आखिरी वनडे मैच में जीत दिलाने का श्रेय मनीष पांडे को जाता है। पांडे ने रोहित के साथ मिलकर 97 रनों की साझेदारी खेली जिसके कारण टीम इंडिया जीत मिल सकी। धोनी के आउट होने के बाद भी पांडे आखिर तक डटे रहे और टीम को जीत दिलाई।
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धोनी का अंत तक डटे रहना
भारतीय वनडे कप्तान ने आज पूरी सूझ-बूझ से बल्लेबाजी की और आखिरी तक डटे रहे। मैच के अंतिम ओवर में उन्होंने अपने बल्ले से आक्रामक शॉट लगाए जिसमें एक छक्का भी शामिल है। धोनी ने 42 गेंदों पर 34 रन बनाए।
