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केदार जाधव…वैसे तो टीम इंडिया का ये मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज अपनी क्लीन हिटिंग और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है लेकिन अपनी गेंदबाजी के जरिए ये खिलाड़ी इन दिनों खूब सुर्खियों में है। ऑफ स्पिनर केदार जाधव के नाम वैसे तो सिर्फ 16 ही विकेट हैं लेकिन इन विकेटों में कई दिग्गज बल्लेबाजों के नाम शामिल हैं। वो बल्लेबाज जिनके आगे मंझे हुए गेंदबाज पानी भरते हैं, केदार उन्हीं तूफानी बल्लेबाजों को पैवेलियन की राह दिखाते हैं।

केदार जाधव अपने 16 वनडे विकेटों में स्टीवन स्मिथ, डेविड वॉर्नर, एंजेलो मैथ्यूज, केन विलियमसन, तमीम इकबाल, मुश्फिकर रहीम और बाबर आजम जैसे बल्लेबाजों को पैवेलियन की राह दिखा चुके हैं। वैसे तो केदार महज एक पार्ट टाइम गेंदबाज हैं लेकिन अगर पिछले एक साल के वनडे रिकॉर्ड पर नजर डालें तो केदार सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय स्पिनर्स की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। जी हां पिछले साल अक्टूबर से लेकर अबतक केदार जाधव कुल 16 विकेट ले चुके हैं। 18 विकेट लेकर पहले नंबर पर चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव हैं। तीसरा नंबर अमित मिश्रा का है जिनके नाम 15 विकेट हैं और 11 विकेट लेकर युजवेंद्र चहल चौथे नंबर पर हैं।

एम एस धोनी ने दिया मौका

केदार जाधव ने बतौर विकेटकीपर टीम इंडिया के लिए अपना डेब्यू किया था। साल 2014 में वो विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू किया था लेकिन पिछले साल जब एम एस धोनी कप्तान थे तो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में केदार जाधव को गेंद थमा दी। एम एस धोनी का ये प्रयोग रंग लाया और धर्मशाला वनडे में केदार जाधव ने 3 ओवर में 6 रन देकर 2 विकेट लिए। केदार जाधव का पहला शिकार जिम्मी नीशम थे और उसके बाद उन्होंने मिचेल सैंटनर को पैवेलियन की राह दिखाई। इसके बाद मोहाली वनडे में तो जाधव ने कमाल ही कर दिया। उन्होंने अपने करियर का बेस्ट प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट झटक लिए, जिसमें केन विलियमसन जैसे बड़ा विकेट शामिल था।

बतौर गेंदबाज क्यों सफल हैं केदार जाधव?

हैरानी की बात ये है कि केदार जाधव ने घरेलू मैचों में कभी गेंदबाजी नहीं की, लेकिन वो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाज के तौर पर खासे सफल साबित हो रहे हैं। आखिर क्यों? इसका जवाब है उनका छोटा कद और उनका गेंदबाजी एक्शन। केदार जाधव सिर्फ 5 फीट 4 इंच लंबे हैं और उनका एक्शन भी काफी राउंड आर्म है। आम तौर पर एक ऑफ स्पिनर गेंदबाज का हाथ 90 डिग्री एंगल या 85 डिग्री एंगल से गेंद को छोड़ता है, लेकिन जाधव का हाथ बहुत ही ज्यादा राउंड आर्म आता है जिससे उनकी गेंद बहुत नीची रह जाती है और बल्लेबाज चकमा खा जाता है।  ये भी पढ़ें: 50 साल तक क्रिकेट खेलेंगे ब्रैड हॉग!

केदार की सफलता की एक वजह ये भी है कि बल्लेबाज उन्हें पार्ट टाइम गेंदबाज संभलकर रन बनाने की कोशिश करते हैं और उनकी गेंदों पर जोखिम भरे शॉट लगाने की कोशिश करते हैं। इसी बीच केदार जाधव विकेट ले जाते हैं। इसके अलावा केदार जाधव एक बल्लेबाज की मानसिकता से गेंद करने की कोशिश करते हैं। केदार जाधव इस बात का अंदाजा लगाते हैं कि बल्लेबाज के जहन में किस गेंद को लेकर क्या विचार चल रहे हैं और वो उसे पढ़ने में सफल भी होते हैं।