© Getty Images
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दुनिया की नंबर 2 वनडे टीम ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया के खिलाफ पहले वनडे में हार का मुंह देखा। चेन्नई वनडे में स्टीवन स्मिथ की सेना 26 रन से हार गई। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 281 रन बनाए। भारतीय पारी के बाद बरसात ने दखल दिया और डकवर्थ लुइस नियम के मुताबिक कंगारू टीम को जीत के लिए 21 ओवर में 164 रन का लक्ष्य मिला। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकी और पूरी टीम 21 ओवर में 137 रन ही बना सकी।

क्रिकेट के मैदान में हार जीत लगी रहती है लेकिन जिस तरह से ऑस्ट्रेलियाई टीम ने चेन्नई वनडे गंवाया उससे देखकर काफी हैरानी होती है। चेन्नई वनडे के दौरान कंगारू टीम की पोल खुल गई और उसकी हार को देखते हुए ये लगने लगा कि कंगारू टीम के अंदर टीम इंडिया को टक्कर देने का दम नहीं है और उसका सीरीज में क्लीन स्वीप भी हो सकता है। आइए जानते हैं इसकी 3 बड़ी वजहें।

स्पिन के खिलाफ ‘बेदम’- चेन्नई वनडे में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के सामने जूझते नजर आए। कंगारू बल्लेाज दोनों रिस्ट स्पिनर्स की गेंद को पढ़ पाने में पूरी तरह नाकाम रहे। वॉर्नर, मैक्सवेल, स्टोइनिस, मैथ्यू वेड, किसी भी बल्लेबाज को फिरकी गेंदबाजों की गेंद का पता ही नहीं चल रहा था। एक टीवी चैनल से बातचीत में मदनलाल ने तो यहां तक कह दिया कि ये ऑस्ट्रेलियाई टीम अबतक की सबसे कमजोर टीम है और इसके बल्लेबाजों को स्पिनर्स खेलने आते ही नहीं हैं।

मार्कस स्टोइनिस© Getty Images
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सिर्फ 3 बल्लेबाजों के भरोसे ऑस्ट्रेलियाई टीम- ऑस्ट्रेलियाई की मौजूदा टीम में सिर्फ 3 बल्लेबाज ऐसे हैं जो भारतीय स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ टिकने का दमखम रखते हैं। डेविड वॉर्नर, कप्तान स्टीवन स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल के पास फिरकी गेंदबाजों को पढ़ पाने का हुनर है। बाकी दूसरे बल्लेबाजों के अंदर स्पिन गेंदबाजी खेलने की तकनीक दिखाई नहीं देती। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड, कार्टराइट, स्टोइनिस, वेड जैसे बल्लेबाज उछाल भरी पिच पर तो कारगर हैं लेकिन घूमती गेंदों के आगे इनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, चेन्नई वनडे: जब केदार जाधव की गलती पर भड़क उठे धोनी]

मैथ्यू वेड © Getty Images
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ऑस्ट्रेलिया के पास अच्छा गेंदबाजी अटैक नहीं- भले ही चेन्नई वनडे में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने टीम इंडिया के शुरुआती 5 विकेट सिर्फ 87 रन पर निपटा दिए थे लेकिन बीच के ओवर्स में कंगारू टीम के पास कोई विकेट लेने वाला गेंदबाज नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के पास ऐसा कोई गेंदबाज नहीं है जो मिडिल ओवर्स में भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सके। ऑस्ट्रेलियाई टीम मिडिल ओवर्स में लेग स्पिनर एडम जंपा पर भरोसा दिखा रही थी लेकिन पहले मैच में हार्दिक पांड्या और धोनी ने उनकी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ा दी। फॉकनर की गेंदबाजी से भी धार गायब है, इसी का नतीजा है कि टीम इंडिया ने विराट, रहाणे, पांडे जैसे बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बावजूद अपना स्कोर 281 रनों तक पहुंचा दिया।