टीम इंडिया को हर हाल में जीतना होगा बैंगलौर टेस्ट  © Getty Images
टीम इंडिया को हर हाल में जीतना होगा बैंगलौर टेस्ट © Getty Images

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का दूसरा टेस्ट मैच कल बैंगलौर के प्रसिद्ध चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। भारत को पहले मैच में 333 रनों की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही विराट कोहली का अजेय रथ स्टीव स्मिथ ने रोक दिया है अब कोहली सीरीज में वापसी करना चाहेंगे। पहले टेस्ट में टीम इंडिया की हार का जिम्मेदार पिच को ठहराया जा रहा है लेकिन कई और कारण है जिनपर विराट सेना को ध्यान देना होगा। जिस पिच पर ऑस्ट्रेलिया टीम ने दोनों पारियों में 250 रन बनाए वहीं पर भारत 150 का आंकड़ा पार करने में भी नाकाम रहा। साथ ही भारत के प्रमुख स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा भी विपक्षी टीम को कुछ खास परेशान नहीं कर सके।

बैंगलौर टेस्ट में पिच भी अलग होगी और परस्थिति भी और यहां जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया टीम सीरीज पर मजबूत पकड़ बना लेगी। वहीं आंकड़ों को खंगाला जाय तो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर भारत 21 में से 6 मैच जीता है वहीं 6 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है बाकी सभी मैच ड्रॉ रहे है। हालांकि इसे जीत का अच्छा प्रतिशत नहीं कहा जा सकता। यही वह मैदान है जहां भारत ने 626 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया था। इस मैदान को बल्लेबाजी के लिए अनुकूल कहा जा सकता है। वहीं इस मैदान पर सर्वाधिक विकेट लेने वाले शीर्ष पांच गेंदबाज भारतीय है जिनमें से तीन प्रमुख स्पिनर है। इससे ये बात भी साफ होती है कि स्पिनर इस मैच में भी अहम भूमिका में रहेंगे। अब बात करते हैं उन भारतीय खिलाड़ियों की जो बैंगलौर में टीम इंडिया की जीत से स्तंभ साबित हो सकते हैं। [ये भी पढ़ें: अच्छा है कि भारतीयों के दिमाग में मिचेल स्टॉर्क का डर है: मिशेल मार्श]

विराट कोहली: पुणे टेस्ट में भले ही कप्तान विराट कोहली का प्रदर्शन भले ही निराशाजनक रहा हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क के बयान ने साफ जाहिर कर दिया कि विपक्षी टीम में अब भी कोहली को खौफ बरकरार है। स्टॉर्क ने कहा था कि उनकी टीम को कोहली की जबरदस्त वापसी का डर सता रहा है। कंगारू टीम ये अच्छे से जानती है कि कोहली पहले मैच का बदला जरूर पूरा करेंगे। कोहली अब तक खेली चार टेस्ट सीरीज में चार दोहरे शतक लगा चुके हैं, इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कितने खतरनाक बल्लेबाज है। कोहली को पिछले मैच में की गलतियों पर गौर करना होगा और यकीनन वह बैंगलौर टेस्ट में मजबूत वापसी कर सकते हैं।

चेतेश्वर पुजारा: पुणे में भारतीय बल्लेबाजी के नाकाम होने की सबसे बड़ी वजह रहा चेतेश्वर पुजारा का जल्दी आउट होना। अब तक खेली गई तीनों टेस्ट सीरीज में पुजारा शीर्ष क्रम के सबसे मजबूत बल्लेबाज की भूमिका में नजर आए हैं। लगभग हर मैच में भारत की सलामी जोड़ी फ्लॉप हुई है और फिर पुजारा ने मुरली विजय के साथ मिलकर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई है। सही मायनों में यही दोनों भारत के सलामी बल्लेबाज हैं। पुणे में पुजारा ने पहली पारी में 6 और दूसरी में केवल 31 रन बनाए थे। अगर बैंगलौर टेस्ट में भारत को जीत हासिल करनी है तो पुजारा का बड़ी पारी खेलना जरूरी है। ऐसे में सभी की नजरें कल इस बल्लेबाज पर टिकी रहेंगी। [ये भी पढ़ें: हॉलीवुड अभिनेता ह्यू जैकमैन ने भारतीय क्रिकेट टीम के प्रति जताया समर्थन]

रविचंद्रन अश्विन: इस बात में कोई दो राय नहीं है कि रविचंद्रन अश्विन की सफलता भारत की जीत का कारक रही है। अश्विन ने इस टेस्ट में कुल सात विकेट हासिल किए थे लेकिन वह उतने असरकार नहीं दिखे जितने वह अब तक की टेस्ट सीरीज में थे। हालांकि पिच भी स्पिन की मददगार थी लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए। बैगलोंर के मैदान पर अश्विन का प्रदर्शन अच्छा रहा है। साल 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 69 रन देकर उन्होंने पांच विकेट चटकाए थे। कल के मैच में भी उन्हें इसी तरह का प्रदर्शन करना होगा जिससे भारत की जीत सुनिश्चित हो सके।

रवींद्र जडेजा: अश्विन के जोड़ीदार और भारत के प्रमुख स्पिन गेंदबाज रवींद्र जडेजा पर भी कल प्रशंसकों की नज़र होगी। गेंदबाजी में जडेजा को अश्विन का साथ देते ही हैं साथ ही यह दोनों खिलाड़ी मिलकर निचले क्रम की बल्लेबाजी को भी संभालते हैं। पुणे टेस्ट में जडेजा दोनों ही मोर्चों पर नाकाम रहे थे। जडेजा ने पुणे टेस्ट में केवल पांच विकेट लिए थे वहीं बल्ले से साथ भी वह कोई कमाल नहीं कर पाए। टीम इंडिया को दूसरे टेस्ट में जीत हासिल करने के लिए जडेजा के अच्छे प्रदर्शन की जरूरत पड़ेगी। जडेजा एक ऐसे खिलाड़ी है जो मैच का रुख बदल सकते हैं और भारत को जीत की ओर ले जा सकते हैं। कल के मैच में प्रशंसकों को जडेजा की तलवारबाजी देखने का इंतजार रहेगा। [ये भी पढ़ें: भारत अगर पहले बल्लेबाजी करता है तो, ऑस्ट्रेलिया के लिए आसान नहीं होगा: माइकल क्लार्क]

अजिंक्य रहाणे: भारतीय टीम के मध्यक्रम के अहम बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे पुणे टेस्ट में अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। पहली पारी में 13 और दूसरी पारी में 18 रन पर आउट होने वाले रहाणे पिछले काफी समय से उस तरह का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे है जिसकी उम्मीद उनसे की जाती रही है। वहीं तिहरा शतक जड़ चुके करुण नायर की जगह टीम में शामिल होने से उनपर दबाव भी बढ़ गया है। साथ ही रोहित शर्मा के फिट होकर वापस आने से रहाणे की मुश्किलें और बढ़ी हैं। बैंगलौर टेस्ट में ना सिर्फ टीम के लिए बल्कि अपने लिए भी उन्हें बड़ी पारी खेलनी होगी। रहाणे आमतौर पर कोहली को जोड़ीदार की भूमिका निभाते हैं और ऐसे में उनके पास बढ़िया मौका होता है रन बनाने का लेकिन वह इस अवसर को भुनाने में नाकामयाब रहे हैं। कल के मैच में अगर यह दोनों बल्लेबाज लंबे समय के लिए क्रीज पर टिक जाते हैं तो मेहमान टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

टीम इंडिया के लिए बैंगलौर टेस्ट काफी महत्वपूर्ण हैं वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए भी खुद पर से सीरीज हार को खतरा टालने का सबसे बड़ा मौका। अगर मेहमान टीम यह मैच जीत जाती है तो चार मैचों की सीरीज में वह 2-0 से आगे हो जाएंगे जिसके बाद भारत बाकी दो मैच जीतकर भी केवल सीरीज ड्रॉ ही करा पाएगा।