ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज शॉन मॉर्श ने बदल दिया खेल का रुख © Getty Images
ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज शॉन मॉर्श ने बदल दिया खेल का रुख © Getty Images

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया बैंगलौर टेस्ट का दूसरा दिन मेहमान टीम की 48 रनों की बढ़त पर खत्म हुआ। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने छह विकेट के नुकसान पर 237 रन बना लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा 66 रन बनाए शॉन मॉर्श ने। वहीं सलामी बल्लेबाजस मैथ्यू रैनशॉ ने भी 60 रनों की शानदार पारी खेली। भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो सबसे सफल रहे रवींद्र जडेजा जिन्होंने 17 ओवरों में 49 रन देकर तीन अहम विकेट झटके। जिनमें स्टीव स्मिथ और मैथ्यू रैनशॉ का अहम विकेट शामिल है। दिन खत्म होने तक मिचेल स्टॉर्क 14 रन पर और मैथ्यू वेड 25 रन बनाकर क्रीज पर टिके हैं।

वहीं रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव और इशांत शर्मा ने भी एक-एक विकेट लिया। लंच से पहले का सत्र ड्रॉ रहा जबकि लंच के बाद के सत्र में भारतीय टीम का बोलबाला रहा लेकिन चायकाल के बाद मेहमान टीम ने जबरदस्त वापसी की। टीम इंडिया एक बार मुश्किल में आ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया ने बढ़त पा ली है और अब भी उनके चार विकेट शेष हैं। आज के खेल में कई रोमांचक मोड़ आए, यहां हम आपको दिन की हाईलाइट्स के बारे में बताने जा रहे हैं। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, दूसरा टेस्ट, दूसरे दिन का खेल खत्म: ऑस्ट्रेलिया 48 रनों की बढ़त पर]

अहम साझेदारियां: ऑस्ट्रेलिया टीम दिन की शुरुआत अच्छी की थी। दोंनों ही सलामी बल्लेबाज सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे। डेविड वॉर्नर और मैथ्यू रैनशॉ के बीच 52 रनों की साझेदारी बनी। रविचंद्रन अश्विन ने जैसे ही 22वें ओवर में डेविड वॉर्नर को बोल्ड किया ऑस्ट्रेलियाई पारी को झटका लगा। इसके बाद टीम इंडिया के गेंदबाजों ने मैच पर शुरु से ही मजबूत पकड़ बनाना शुरू कर दिया। एक एक रन के लिए बल्लेबाजों को संघर्ष करना पड़ रहा था हालांकि रैनशॉ और कप्तान स्टीवन स्मिथ विकेट भी आसानी से नहीं देने वाले थे। मैच में रोमांचक मोड़ तब आया जब 42वें ओवर में जडेजा ने राउंड द विकेट आकर स्मिथ को विकेट के पीछे कैच आउट किया। लंच से कुछ देर पहले ही बड़ा विकेट गिरने के बाद मेहमान टीम की मुश्किलें और बढ़ गई।

भोजनकाल के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम ने 67-80 ओवर के बीच तीन विकेट खो दिए। लगातार गिरते विकेटों के बीच शॉन मॉर्श ने लगातार पारी को संभाला और साझेदारियां बनाई। पुणे टेस्ट में टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम बिखरने की सबसे बड़ी वजह थी साझेदारी ना बन पाना। आज के मैच में ऑस्ट्रेलिया की ओर से तीन 50 से अधिक रनों की साझेदारियां बनी। यही कारण रहा कि दूसरे सत्र में पिछड़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे सत्र में जबरदस्त वापसी करी। ऑस्ट्रेलिया ने इस सीरीज में अब तक 50 या उससे ज्यादा रनों की कुल सात साझेदारियां बनाई है जबकि भारत ने सिर्फ दो। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया बैंगलौर टेस्ट का पूरा स्कोरकार्ड]

शॉन मॉर्श का शानदार प्रदर्शन, भारत के छूटे मौके: जब ऑस्ट्रेलिया टीम मुश्किल में थी तब शॉन मॉर्श ने 66 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर अपनी टीम की वापसी मैच में कराई। टीम इंडिया ने मॉर्श को आउट करने के एक नहीं बल्कि कई मौके गंवाए। सबसे पहले उमेश यादव ने 85वें ओवर में मॉर्श को पगबाधा आउट कर दिया था लेकिन मॉर्श ने डीआरएस का सहारा लिया और बच गए। तीसरे अंपायर के मुताबिक गेंद और पैड का संपर्क लाइन के बाहर हुआ था। इसके बाद अगले ही ओवर में इशांत शर्मा की गेंद पर मॉर्श विकेटों के सामने पाए गए लेकिन इससे पहले की इशांत पगबाधा की अपील करते अंपायर ने नो बॉल का इशारा कर दिया। वहीं 87वें ओवर में जब अश्विन की गेंद पर मॉर्श के बल्ले से गेंद लगी थी।

इसके अलावा अश्विन के 96वें ओवर की चौथी गेंद पर मॉर्श कैच आउट होते होते बचे। मॉर्श के बल्ले से लगी गेंद स्लिप पर खड़ विराट कोहली के पास से निकल गई और थर्ड मैन की तरफ चली गई। हालांकि कोहली बहुत अच्छे फील्डर है लेकिन इस बार वह मौके को भुना नहीं पाए। मॉर्श ने शानदार बल्लेबाजी की। आखिरकार 101वें ओवर में जब उमेश यादव ने आउट किया तब तक वह अपनी टीम को बढ़त पर ला चुके थे। गौरतलब है कि मॉर्श छठीं बार उमेश की गेंद पर आउट हुए। [ये भी पढ़ें: लगातार झटकों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने कसा शिकंजा, बड़ी बढ़त की ओर अग्रसर]

गलत गेंदबाजी चुनाव: इस मैच में भारत केवल चार गेंदबाजों के साथ खेल रहा है। दो स्पिनर अश्विन-जडेजा और दो तेज गेंदबाज उमेश-इशांत। ऐसे में हर एक गेंदबाज पर अतिरिक्त ओवर कराने का भार आ गया था। कोहली हालांकि सही रणनीति से इस परेशानी को कम कर सकते थे। वह सभी गेंदबाजों को बराबर मौका दे सकते थे खासकर जब चारों ही बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हों। हालांकि कोहली ने अजीब ही रणनीति अपनाते हुए अश्विन को सबसे ज्यादा 41 ओवर दिए जबकि तीन विकेट लेने वाले जडेजा को केवल 17 ओवर डालने का मौका मिला। वहीं जडेजा का विकल्प होते हुए भी कोहली ने करुण नायर से भी एक ओवर करवाया।

रविचंद्रन अश्विन का विश्व रिकॉर्ड: दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने आज के मैच में एक अनोखा कीर्तिमान हासिल किया है। अश्विन टेस्ट क्रिकेट के 140 साल के इतिहास में एक सत्र में सबसे ज्यादा ओवर डालने वाले गेंदबाज बन गए हैं। अश्विन से पहले यह कीर्तिमान पूर्व भारतीय गेंदबाज और वर्तमान कोच अनिल कुंबले के पास था जिन्होंने एक सत्र में 612.3 ओवर डाले थे। गौरतलब है कि इस सूची में शीर्ष तीन गेंदबाज भारतीय ही है। अश्विन, कुंबले के बाद तीसरे स्थान पर है वीनू माकड़ जिन्होंन एक टेस्ट सत्र में कुल 610 ओवर डाले हैं। [ये भी पढ़ें: रविचंद्रन अश्विन ने मैजिक गेंद पर बिखेर दीं डेविड वॉर्नर की गिल्लयां]

डीआरएस की पहेली: टीम इंडिया के लिए डीआरएस एक पहेली बनता जा रहा है। तीन टेस्ट सीरीज खेलने के बाद भी अब तक रीव्यू को लेकर विराट कोहली और बाकी टीम की रणनीति सुधरी नहीं है। आज के मैच में भारत ने तीन रीव्यू लिए और तीनो ही गलत साबित हुए। सबसे पहला रीव्यू 30वें ओवर में स्टीवन स्मिथ के पगबाधा आउट की अपील पर लिया था। गेंद विकेट पर लग रही थी लेकिन 50 प्रतिशत के कम इमपैंक्ट होने के कारण तीसरे अंपायन ने फील्ड अपंयार को उनका फैसला बरकरार रखने को कहा।

इसके अलावा 87वें ओवर में शॉन मॉर्श के पगबाधा आउट के लिए डीआरएस लिया। यहां पर गलती करुण नायर की थी जो कि सिली मिड ऑफ पर खड़ थे और उन्हें पता होना चाहिए था कि गेंद बल्ले से अंदरूनी किनारे से लग रही है। इसके बाद एक और खराब रीव्यू लिया गया मैथ्यू वेड के कैच आउट के लिए हालांकि इस बार शॉर्ट लेगस पर खड़े नायर ने मना किया लेकिन अजिंक्य रहाणे और साहा के कारण कोहली ने एक और गलत फैसला लिया। [ये भी पढ़ें: बल्लेबाजों का ध्यान भंग करने के लिए ईशांत ने बनाया मुंह, ट्विटर पर लोगों ने किए मजाकिया ट्वीट]

भारत फिलहाल मुश्किल परिस्थिती में है और अगर कल ऑस्ट्रेलिया टीम लंच तक बल्लेबाजी कर जाती है तो टीम इंडिया की जीत की कोई उम्मीद नहीं बचेगी। कोहली की यही कोशिश होगी कि कल जल्द से जल्द ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट करें ताकि भारत को बल्लेबाजी के लिए ज्यादा समय मिले।