ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हुए © Getty Images
ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हुए © Getty Images

पहले दो टेस्ट मैचों में मेजबान टीम इंडिया और मेहमान ऑस्ट्रेलिया के बीच खूब गहमा- गहमी देखने को मिली और अंततः सीरीज में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। दोनों टेस्ट मैचों में स्पिनर्स ने खासा प्रभावित किया और अपनी टर्न और बाउंस से बल्लेबाजों को भौंचक्का छोड़ दिया। चूंकि, अब तीसरा टेस्ट मैच रांची में शुरू होने जा रहा है। ऐसे में पिच का मिजाज क्या होगा। इसको लेकर सवाल तल्ख हो चले हैं। ऐसे में सवाल पैदा होता है कि क्या रांची की पिच टीम इंडिया की बल्लेबाजी के लिए सौगात लाएगी या फिर यहां भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों को तेज उछाल और टर्न वाली गेंदों का सामना करना पड़ेगा।

रांची की नंबर पांच पिच थोड़ी गीली नजर आ रही है और उसमे कुछ काले- काले धब्बे भी नजर आ रहे हैं। पिच पर बहुत कम घास है। लेकिन जब गुरुवार को मैच शुरू होगा तब तक नमी खत्म हो जाएगी। लेकिन उम्मीद है कि जिस तरह से पहले दिन से ही पुणे में पिच सूखी नजर आई थी और स्पिनरों ने बल्लेबाजों का बंटाढार किया था वैसी पिच यहां नहीं होगी। हालांकि, पिच में घास न होने से ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में बातों का सिलसिला चल पड़ा है। पिच को देखते हुए तीसरे दिन से स्पिनरों को मदद मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं।

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पिच क्यूरेटर एसबी सिंह का कहना है , “वो लोग(ऑस्ट्रेलियाई) कहते हैं कि एक ऑस्ट्रेलिया वाला विकेट है, दूसरा इंग्लैंड वाला और तीसरा पुणे वाला विकेट है। असल में, ये तो रांची वाला विकेट है। अगर मैं परिस्थिति में एक बार में अपने आपको ढाल लेता हूं तो मैं अपने आपको जीनियस होउंगा।”

उल्लेखनीय है कि एसबी सिंह ने रांची टेस्ट के लिए कुल 3 पिचें तैयार की हैं और उन्होंने ये तीनों अलग- अलग विकेट तैयार किए हैं। लेकिन इस बीच सवाल पैदा होता है कि रांची वाला विकेट क्या है? जैसा कि इस वैन्यू पर पहली बार टेस्ट मैच खेला जा रहा है। ऐसे में पिच का व्यवहार कैसा होगा इसके बारे में अभी से कयास लगाना थोड़ा कठिन है। साथ ही जो कुछ अंतरराष्ट्रीय वनडे और टी20 मैच इस मैदान पर खेले गए हैं उनसे भी आप अंदाजा नहीं लगा सकते। क्योंकि वनडे और टी20 में पिच को ज्यादा से ज्यादा बल्लेबाजी के अनुरूप बनाने की कोशिश होती है।

अपने तीनों विकटों के बारे में चर्चा करते हुए एसबी सिंह ने कहा, “मैंने बहुत से मैचों को कम अच्छे से बनाई हुई और ज्यादा ही अच्छे से बनाई हुई पिचों की वजह से निरस्त होते हुए देखा है। जब साल 2009 में कोटला में भारत- श्रीलंका वनडे खराब पिच के कारण निरस्त हुआ था तब मैं वहीं था। मैं वही चीज यहां होते हुए नहीं देखना चाहता। यहां खेला जाने वाला यह पहला टेस्ट मैच है और साथ ही ये हमारी प्रतिष्ठा की बात है। इसलिए मैंने जो तीन पिचें बनाई हैं वो किसी भी मुसीबत को टालने सावधानी है।”

मौजूदा सीरीज की बात करें तो टीम इंडिया तीन बार 200 से कम स्कोर पर आउट हुई है वहीं ऑस्ट्रेलिया सिर्फ एक बार ही 200 के कम स्कोर पर आउट हुई है। इसके अलावा ये भी गौर करने वाली बात है कि टीम इंडिया अब तक जहां सिर्फ 242.3 ओवरों की बल्लेबाजी कर पाई है वहीं ऑस्ट्रेलिया टीम ने 339.3 ओवरों की बल्लेबाजी की है। जब टीम इंडिया रांची टेस्ट में उतरेगी तो उसकी नजरें रिकॉर्ड को सुधारने पर होंगी।