विराट कोहली © Getty Images
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बेंगलुरू टेस्ट के तीन दिन पहले की बात है जब मुरली विजय प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। इस दौरान ढेर सारी बातें हुईं लेकिन दो बड़ी बातें इस दौरान छूट गईं जिनपर किसी ने भी गौर नहीं किया। पहली बात थी विजय के कंधे में चोट, जिसकी वजह से वह बेंगलुरू टेस्ट में सम्मिलित भी नहीं हो पाए। और दूसरे बात थी अभिनव मुकुंद का अंतिम एकादश में बतौर ओपनर दावेदारी पेश करना। अंततः, ये सारी बातें यकायक बेंगलुरू टेस्ट के पहले दिन खुलीं और सभी आश्चर्य में डूब गए। बेंगलुरू टेस्ट में विजय अपने करियर का 50वां टेस्ट खेलने जा रहे थे। लेकिन चोट की वजह से वह इस कारनामें को वहां मुकम्मल नहीं कर पाए।

अगर मुरली विजय विजय फिट नहीं हुए तो कौन करेगा ओपनिंग? अब सीरीज का तीसरा टेस्ट शुरू होने को है। ऐसे में क्या मुरली विजय टीम में वापसी करेंगे? इस बार भी हालात पहले जैसी ही हैं और उनके खेलने और न खेलने पर संशय बना हुआ है। अगर विजय तीसरे टेस्ट मैच के लिए फिट नहीं होते तो क्या टीम इंडिया फिर से दूसरे टेस्ट मैच में फ्लॉप रहे अभिनव मुकुंद को मौका देगी? बहरहाल, इसके अलावा कोई उपाय नजर नहीं आता। अंतिम 15 पर एक नजर घुमाएं तो पता चलता है कि मुकुंद ही हैं जो मुरली विजय की बतौर ओपनर भरपाई कर सकते हैं। मुकुंद पहले टेस्ट में स्टार्क की तेजतर्रार गेंदों के आगे खासे परेशान नजर आए थे। बहरहाल, राहत की बात ये है कि अब उनके सामने स्टार्क नहीं होंगे और शायद अब वह अच्छी शुरुआत देने का दम भरें। [ये भी पढ़ें: एक पाकिस्तानी जो विराट कोहली बनना चाहता है]

वहीं अगर विजय फिट हो जाते हैं तो इससे अच्छी बात तो हो ही नहीं सकती। विजय पिछली सीरीजों के दौरान अच्छी फॉर्म में रहे थे और उन्होंने रनों का अंबार लगाया था। लेकिन पुणे टेस्ट में वह सस्ते में चलते बने थे। अगर वह रांची टेस्ट में वापसी करते हैं तो वह पूरे दमखम के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण को तहस- नहस कर देना चाहेंगे। लेकिन ये बात भी सही है कि टीम इंडिया पिछले कुछ समय से ओपनिंग जोड़ी की समस्याओं से परेशान।

रांची में ओपनिंग जोड़ी की समस्या से निजात पाना चाहेगी टीम इंडिया: टीम इंडिया पिछले दो सालों से लगातार ओपनिंग जोड़ी के खराब प्रदर्शन से जूझ रही है। यही कारण है कि इन दो सालों में कुल 9 ओपनिंग जोड़ियों को अब तक बदला जा चुका है। लेकिन फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ओपनिंग जोड़ी के फेल होने की वजह से दबाव बाकी टीम पर बन जाता है और पूरी टीम भरभराकर आउट हो जाती है। मौजूदा सीरीज की बात करें तो टीम इंडिया तीन बार 200 से कम स्कोर पर आउट हुई है वहीं ऑस्ट्रेलिया सिर्फ एक बार ही 200 के कम स्कोर पर आउट हुई है। इसके अलावा ये भी गौर करने वाली बात है कि टीम इंडिया अब तक जहां सिर्फ 242.3 ओवरों की बल्लेबाजी कर पाई है वहीं ऑस्ट्रेलिया टीम ने 339.3 ओवरों की बल्लेबाजी की है।

जाहिर है कि ऑस्ट्रेलिया टीम इस मामले में टीम इंडिया से दो कदम आगे खड़ी नजर आई है। इसका सबसे बड़ा कारण है ऑस्ट्रेलियाई ओपनरों का टीम इंडिया के ओपनरों मुकाबले अच्छी शुरुआत देना। इस सीरीज में अब तक डेविड वॉर्नर और मैट रेनशॉ दो बार अर्धशतकीय साझेदारी निभा चुके हैं। वहीं टीम इंडिया के ओपनरों के खाते में अभी एक भी साझेदारी नहीं आई है और वे लगातार रन बनाने को लेकर जूझते नजर आए हैं। बहरहाल, अच्छी बात ये है कि ओपनर लोकेश राहुल आजकल बढ़िया बल्लेबाजी कर रहे हैं और लगातार रन बना रहे हैं। और अगर उन्हें दूसरे छोर से सहयोग मिलना शुरू हो जाता है तो टीम इंडिया के लिए इससे अच्छी बात कोई नहीं होगी। ऐसे में टीम इंडिया को अगर रांची टेस्ट में जीत दर्ज करते हुए सीरीज में अजेय बढ़त बनानी है तो इस विभाग में उन्हें ध्यान देने की जरूरत है।