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5 मैचों की सीरीज में पहली बार टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया से हार का स्वाद चखा। बैंगलोर में खेले गए चौथे वनडे मैच में भारतीय टीम 21 रनों से मैच हार गई। तीन मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने चौथे मुकाबले में अच्छा खेल दिखाया और टीम इंडिया को मैच हराया। वैसे कंगारू टीम के अच्छा खेलने के साथ-साथ टीम इंडिया ने बड़ी गलतियां भी की, जिसने उसकी हार तय की। आइए नजर डालते हैं टीम इंडिया की 4 बड़ी गलतियों पर।

1. रोटेशन पॉलिसी में चूक- श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले ही विराट कोहली ने बयान दिया था कि वो वर्ल्ड कप 2019 से पहले रोटेशन पॉलिसी अपनाएंगे। इसके पीछे हर खिलाड़ी की काबिलियत को जांचना और वर्ल्ड कप के लिए अच्छी टीम बनाना था। लेकिन बैंगलोर वनडे के दौरान विराट कोहली ने रोटेशन पॉलिसी में एक चूक कर दी। विराट कोहली ने एक साथ अपने तीन सबसे अहम गेंदबाजों को बेंच पर बैठा दिया। बैंगलोर वनडे में भुवनेश्वर, बुमराह और कुलदीप यादव को आराम दिया गया, जिसका खामियाजा टीम इंडिया को हार से चुकाना पड़ा। उमेश यादव, मोहम्मद शमी और अक्षर पटेल बैंगलोर वनडे में बेहद ही महंगे साबित हुए और ऑस्ट्रेलिया ने 334 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

2. रोहित शर्मा हुए ‘रन आउट’- क्रिकेट के खेल में अकसर बल्लेबाज रन आउट होते हैं, कुछ ऐसा ही बैंगलोर वनडे के दौरान भी हुआ। विराट कोहली ने 65 रन पर खेल रहे रोहित शर्मा को रन आउट करा दिया जिसका खामियाजा टीम इंडिया को भुगतना पड़ा। जब तक रोहित क्रीज पर थे कंगारू गेंदबाज बेहद ही लाचार से नजर आ रहे थे। रोहित ने सिर्फ 55 गेंद में 65 रन बना डाले थे जिसमें उन्होंने 5 छ्क्के लगा डाले थे। [ये भी पढ़ें: बेंगलुरू वनडे में भारत की हार, लगातार 10 जीत का सपना टूटा]

3. विराट का गैर जिम्मेदाराना शॉट- रोहित शर्मा को रन आउट कराने के बाद विराट कोहली खुद भी एक गैर जिम्मेदाराना शॉट खेल आउट हो गए। 23वें ओवर में रोहित के रन आउट होने के बाद विराट कोहली 25वें ओवर में बोल्ड हो गए। विराट कोहली ने कूल्टर नाइल की गेंद को थर्ड मैन पर खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके बल्ले का अंदरुनी किनारा लेकर विकेट पर जा लगी। विराट कोहली सीरीज में दूसरी बार कूल्टर नाइल की गेंद पर बोल्ड हुए। कोलकाता वनडे में भी विराट कोहली बैंगलोर वनडे की तरह ही बोल्ड हुए थे।

4. धोनी को देरी से बल्लेबाजी के लिए भेजा गया- बैंगलोर वनडे में एम एस धोनी को 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। धोनी जब क्रीज पर आए तब टीम इंडिया के 5 विकेट गिर चुके थे और 46 ओवर खत्म हो चुके थे। माना कि धोनी दुनिया के सबसे बड़े मैच फिनिशर में से एक हैं लेकिन ये भी सच है कि वो क्रीज पर आकर सेट होने के लिए थोड़ा समय लेते हैं। बैंगलोर वनडे में धोनी को सेट होने का मौका नहीं मिला और उन्होंने 10 गेंद में 13 रन बनाए। धोनी से ऊपर भेजे गए मनीष पांडे ने 25 गेंद में 33 रन जरूर बनाए लेकिन क्रीज पर सेट होने के बाद वो खराब शॉट खेलकर अपना विकेट फेंक कर चले गए और आखिर में टीम इंडिया को हार झेलनी पड़ी।