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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज में आखिरकार टीम इंडिया का विजय रथ रुक गया। बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए चौथे मैच में भारतीय टीम 21 रनों से हार गई। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को 335 रनों का लक्ष्य दिया था जिसके जवाब में भारतीय टीम 313 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया की जीत में डेविड वॉर्नर ने शानदार 124 रनों की पारी खेली और वो मैन ऑफ द मैच बने। एरन फिंच ने भी 94 रनों का योगदान दिया। गेंदबाज केन रिचर्डसन ने भी अहम मौकों पर 3 विकेट झटके। टीम इंडिया भले ही सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है और सीरीज के पहले 3 मैच जीत चुकी है लेकिन बैंगलोर वनडे से टीम इंडिया को 4 सबसे बड़े नुकसान हुए। आइए डालते हैं उन पर एक नजर।

नंबर 1 वनडे रैंकिंग छिनी- टीम इंडिया इंदौर वनडे में जीत हासिल कर दुनिया की नंबर 1 वनडे टीम बनी थी लेकिन बैंगलोर में हार के साथ ही उसकी नंबर 1 की कुर्सी छिन गई। बैंगलोर में हारते ही द.अफ्रीकी टीम एक बार फिर वनडे की नंबर 1 टीम बन गई वहीं भारतीय टीम दूसरे नंबर पर लुढ़क गई। वैसे तो द.अफ्रीका और टीम इंडिया दोनों के 119-119 अंक हैं लेकिन विराट सेना बैंगलोर में हार से दशमलव अंकों से पीछे हो गई है।

लगातार 10 जीत का सपना टूटा- विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया ने लगातार 9 वनडे मैच जीत लिए थे और उनके पास भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार लगातार 10 जीत हासिल करने का मौका था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। बैंगलोर में हार के साथ ही उसका लगातार 10 मैच जीतने का सपना भी टूट गया। आपको बता दें एम एस धोनी और सौरव गांगुली की अगुवाई में भी टीम इंडिया ने 9-9 वनडे मैच जीते थे।

ऑस्ट्रेलिया का क्लीन स्वीप नहीं हुआ- बैंगलोर में हार के साथ ही टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई टीम का क्लीन स्वीप करने का मौका भी गंवा बैठी। टीम इंडिया ने कभी वनडे इतिहास में ऑस्ट्रेलिया का क्लीन स्वीप नहीं किया था। जिस तरह से टीम इंडिया सीरीज के पहले तीन मैच जीती थी उसे देखकर ये लग रहा था कि विराट की अगुवाई में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का क्लीन स्वीप भी कर सकती है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ये भी पढ़ें: बतौर कप्तान सबसे तेज 2,000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने विराट कोहली

चिन्नास्वामी में 13 साल बाद हार- बैंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में टीम इंडिया पिछले 13 सालों से नहीं हारी थी। साल 2004 के बाद से टीम इंडिया ने यहां 8 मैच खेले थे और उसने हार का मुंह नहीं देखा था। लेकिन जीत का ये सिलसिला ऑस्ट्रेलियाई टीम ने तोड़ दिया।