चौथी पारी में 287 का लक्ष्य मुश्किल, भारत का रिकॉर्ड बेहद खराब

इस साल भारतीय टीम विदेशी दौरों पर लक्ष्य का पीछा करते हुए असफल ही साबित हुई है।

Edited By : Cricket Country Staff |Dec 17, 2018, 12:17 PM IST

Published On Dec 17, 2018, 12:17 PM IST

Last UpdatedDec 17, 2018, 12:17 PM IST

Virat Kohli @Getty Images

पर्थ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी चौथे दिन 243 रन पर ऑल आउट हुई जिसका मतलब भारतीय टीम को 287 रन का लक्ष्य हासिल करना होगा। इस साल भारतीय टीम विदेशी दौरों पर लक्ष्य का पीछा करते हुए असफल ही साबित हुई है।

दक्षिण अफ्रीका में दो मैच में हारी

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केपटाउन टेस्ट में भारत के सामने जीत के लिए महज 208 रन का लक्ष्य था जिसे हासिल करते हुए पूरी टीम इंडिया 135 रन पर ही ढेर हो गई थी। दक्षिण अफ्रीका ने मैच 72 रन से जीता था। सेंचुरियन में 287 रन का लक्ष्य था लेकिन भारतीय टीम 151 रन ही बना पाई और मैच 135 रन से हार गई।

इंग्लैंड में चार मुकाबले में फेल बल्लेबाजी

बर्मिंघम में भारतीय टीम 194 रन के टारगेट को भी पाने में नाकाम रही थी। दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सिर्फ 162 रन पर ही सिमट गए। लॉर्ड्स टेस्ट में तो भारत दोनों पारी में मिलाकर भी इंग्लैंड के 396 रन नहीं बना पाया। मैच में पारी और 159 रन की शर्मनाक हार मिली।

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साउथम्पटन में 245 रन की पीछा करते हुए भारतीय टीम चौथी पारी में 184 रन पर सिमट गई थी। आखिरी टेस्ट में तो 464 रन के पहाड़ जैसा टारगेट सामने था जिसके जवाब में टीम इंडिया 345 रन तक पहुंच पाई।

चौथी पारी में भारत की बड़ी जीत

साल 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 403 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा किया था। 2001 में भारत ने 264 रन बनाकर मैच जीता था। साल 2010 में भारत ने श्रीलंका पर 257 रन बनाकर जीत हासिल की थी। 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 230 रन का लक्ष्य हासिल किया था। साल 1968 में 200 रन का टारगेट हासिल कर भारत ने न्यूजीलैंड को हराया था।

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