मुरली कार्तिक © AFP
मुरली कार्तिक © AFP

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले अक्सर रोमांचक होते हैं। ये दोनों ही टीम क्रिकेट की दुनिया में बेहतरीन टीमों में से गिनी जाती हैं। कभी ऑस्ट्रेलियाई टीम टीम इंडिया पर भारी पड़ती है तो कभी टीम इंडिया।  अभी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए गई टीम इंडिया ने अपने 5 वनडे मैचों के सीरीज में से तीन मैच हार चुकी है लेकिन टीम इंडिया की हार का मुख्य कारण रहा भारतीय गेंदबाजों का ऑस्ट्रेलियाई धरती पर ना चल पाना। टीम इंडिया के बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए बड़े स्कोर को ना बचा पाना भारतीय टीम की  कमजोर गेंदबाजी को दिखाती है। लेकिन क्या आपको पता है ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूर्व भारतीय गेंदबाजों ने एकदिवसीय मैच में एक पारी में सबसे ज्यादा विकेट अपने नाम किया हैं इनमें तो कुछ उसकी धरती पर भी हैं। आइए जानते हैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके इस बेहतरीन रिकॉर्ड के बारे में-  ये भी पढ़ें: धोनी ने दिया बड़ा बयान मेरी कप्तानी की समीक्षा के लिए दाखिल करें PIL      

मुरली कार्तिक -17 अक्टूबर 2007 को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए भारत और ऑस्ट्रेलिया मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन उसका पहले बल्लेबाजी का फैसला उसके लिए गलत साबित हुआ। भारतीय टीम ने अपना जलवा दिखाते हुए बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के सलामी ओपनर बल्लेबाज माइकल क्लार्क को जहीर खान ने जीरो रन पर पवेलियन की ओर चलता कर दिया लेकिन मैच का अहम् हीरो तो कोई और था। ऑस्ट्रेलिया के 6 बल्लेबाजों को जल्दी जल्दी पवेलियन भेजने वाले भारतीय बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक के लिए वो दिन बेहद ख़ास था।

उन्होंने अपने क्रिकेट करियर का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्रैड हॉज को 16 रन के निजी स्कोर पर चलता कर दिया। इसके साथ ही साथ कार्तिक ने अपना दूसरा शिकार बेहद खतरनाक बल्लेबाज एंड्रयू सायमंड्स को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच करवा कर महज शून्य के निजी स्कोर पर पवेलियन भेजा। कंगारू बल्लेबाजों पर कहर बन कर टूट रहे कार्तिक इसके आगे भी नही रुके उन्होंने अपना शिकार ब्रैड हैडिन को बनाया उन्होंने 19 रन पर उन्हें पवेलियन की रह दिखा दी। ये भी पढ़ें: क्रिस गेल ने युवराज सिंह के सबसे तेज टी20 अर्धशतक के रिकॉर्ड की बराबरी की

जेम्स होप्स को उन्होंने क्लीन बोल्ड कर दिया होप्स उस समय 22 रन बना कर खेल रहे थे। मुरली कार्तिक ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर कहर बरपाते हुए अपनी लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लिए। कार्तिक ने 31.5 ओवर में ब्रैड हॉग को शून्य पर चलता किया और ठीक दूसरी गेंद पर ब्रेट ली को पवेलियन की ओर चलता किया। इस तरह से ऑस्ट्रेलियाई टीम की बखिया उधेड़ते हुए मुरली कार्तिक ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के छह विकेट झटके जो कि उनका बेहतरीन बेस्ट बॉलिंग फिगर था।

इसके साथ ही साथ मुरली कार्तिक ने अपने नाम वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया टीम महज 193 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गयी थी। जवाब में उतरी भारतीय टीम ने 46 ओवर में 195 रन बना कर जीत अपने नाम कर लिया। अपनी घातक गेंदबाजी के लिए मुरली कार्तिक को मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये भी देखे : वीडियोः सचिन को कॉपी करने का प्रयास करते मैक्सवेल

अजित अगारकर – भारतीय तेज गेंदबाज अजित अगारकर के नाम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड हैं। 9 जनवरी 2004 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए पहले मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय तेज गेंदबाज अगारकर ने 34 रन पर कंगारू कप्तान एडम गिलक्रिस्ट को  आउट कर दिया। अगारकर ने अपना दूसरा शिकार मैथ्यू हेडन को बनाया जो कि 20 रन बना कर खेल रहे थे। अपनी उम्दा गेंदबाजी को जारी रखते हुए डेमियन मार्टिन को शून्य के स्कोर पर पवेलियन की ओर चलता किया। अगारकर यहीं नही रुके इसके आगे एंड्रयू सायमंड्स व इयान हार्वे को बारी-बारी से अपना शिकार बनाया।

मैच में ब्रैड विलियम्स को उन्होंने अपना अंतिम शिकार बनाया। फलस्वरूप ऑस्ट्रेलियाई टीम 288 रन ही बना सकी। मैच का पीछा करने उतरे भारतीय टीम ऑस्ट्रेलियाई चुनौती का पीछा नहीं कर सकी और 270 रनों के स्कोर पर ऑल आउट हो गयी। इसके बावजूद भारतीय तेज गेंदबाज अजित अगारकर के नाम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के प्रदर्शन का रिकॉर्ड इनके नाम हैं। अगारकर ने 9.3 ओवर में 1 मैडेन व 42 रन देकर 6 विकेट झटके थे। ये भी पढ़ें: रणजी ट्राफी में शामिल छत्तीसगढ़ राज्य की टीम
रवि शास्त्री– पूर्व भारतीय क्रिकेटर रवि शास्त्री के नाम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय क्रिकेटर हैं। 8 दिसम्बर 1991 को पर्थ में खेले गए बेंसन एंड हेजेज सीरीज के दूसरे मैच में बाएं हाथ के गेंदबाज करते रवि शास्त्री ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की बखिया उधेड़ते हुए अपने 6.5 ओवर में 1 मैडेन ओवर करते हुए महज 15 रन देकर 5 विकेट हासिल किए।

भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 208 रन बनाए। भारतीय रनों का पीछा करने उतरे कंगारू बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक ना सकें, खासकर रवि शास्त्री के धारदार गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया टीम को पूरी तरह से तोड़ डाला और महज 101 रन पर टीम ऑस्ट्रेलिया ऑल आउट हो गई। इस तरह से भारतीय टीम ने अपने नाम किया 107 रनों से बड़ी जीत।