भारतीय टीम  © AFP
भारतीय टीम © AFP

टी20 विश्व कप 2016 में सेमीफाइनल की दौड़ अब शुरू हो गई है। टीम इंडिया को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए रविवार को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध होने वाले मैच को हर हाल में जीतना होगा। यही नहीं ये मैच दोनों ही टीमों के लिए करो या मरों वाला होगा। टीम इंडिया के सुपर10 ग्रुप2 में अभी तक तीन मैचों में चार अंक हैं तो ऑस्ट्रेलिया के भी इतने ही मैचों में 4 अंक हैं। ऐसे में इस मैच में जीतने वाला ही सेमीफाइनल में प्रवेश करेगा। लेकिन अगर मैच बारिश या अन्य किसी कारण के चलते रद्द हो जाता है तो भारतीय टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है और ऑस्ट्रेलिया रन रेट के हिसाब से सेमीफाइनल में प्रवेश कर जाएगी। हालांकि मौसम विभाग ने मैच में किसी तरह की बारिश होने की आशंकाएं जाहिर नहीं की हैं जो भारतीय टीम के लिए राहत की बात है। पंजाब के मोहाली में खेले जाने वाले इस मैच में शुरुआत में तेज गेंदबाजों को और बाद में स्पिनरों को मदद मिलने के आसार हैं। ऐसे में किन 11 खिलाड़ियों के साथ टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया जैसे सशक्त टीम को टक्कर देना चाहेगी। आइए जानते हैं। ये भी पढ़ें: टी20 विश्व कप 2016, भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया(प्रिव्यू): सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भिड़ेगीं दोनों टीमें

शीर्ष क्रम: भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी की बात करें तो दोनों शिखर धवन और रोहित शर्मा ने अब तक कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों के विरुद्ध एक बड़े मैच में इन दोनों पर जाहिर तौर पर दबाव होगा। पिछले मैच में धवन और रोहित ने कुछ हाथ जरूर दिखाए थे, लेकिन अपनी लय को बरकरार रखने में बाद के ओवरों में कामयाब नहीं रह पाए। जाहिर है कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस बड़े मैच में अपनी ओपनिंग जोड़ी से कोई छेड़छाड़ नहीं करना चाहेंगे।

वहीं रोहित शर्मा जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चमकदार प्रदर्शन किया था एक बार फिर से उनपर टीम को कुछ उसी तरह की शुरुआत देने की जिम्मेदारी होगी। वहीं शिखर धवन भी अपनी फॉर्म को हासिल करते हुए अपना सब कुछ झोंकने को तैयार होंगे। गौर करने वाली बात यह है कि यह ऑस्ट्रेलिया वह ऑस्ट्रेलिया की टीम नहीं है जिसे भारतीय टीम ने टी20 सीरीज में 3-0 से हराया था। बल्कि इसमें डेविड वॉर्नर, स्टीवन स्मिथ, नाथन कूल्टर नाइल और जोश हेजलवुड जैसे बड़े खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में टीम इंडिया के दोनों ओपनरों को एक सोची समझी रणनीति के तहत मैदान पर उतरना होगा। तभी कुछ आगे हो पाएगा।

मध्य क्रम और निचला क्रम: मध्यक्रम में तीसरे नंबर की जिम्मेदारी एक बार फिर से विराट कोहली के कंधों पर होगी। पाकिस्तान के विरुद्ध शानदार अर्धशतक जड़कर अपनी बेहतरीन फॉर्म का सुबूत देने वाले विराट कोहली एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों पर बरसने को तैयार होंगे। गौरतलब हो कि इस साल ऑस्ट्रेलियाई दौरे में कोहली ने जबरदस्त बल्लेबाजी की थी और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। कोहली इस साल बेहतरीन फॉर्म में हैं और 2015/16 में खेले गए 13 मैचों में 71.4 की जबरदस्त औसत से 498 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 130 के ऊपर रहा है।

अब ये ध्यान देने वाली बात यह है कि वे इस फॉर्म की दम पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को कैसे टक्कर दे पाते हैं। वहीं चौथे नंबर पर सुरेश रैना पर एक बार फिर से सबकी नजरें होंगी। बांग्लादेश के खिलाफ रैना ने जिस तरह से डीप मिड विकेट के ऊपर से उछालकर छक्के जड़े थे उसे देखकर ऐसा लगता है कि वह धीरे- धीरे अपने रंग में लौट रहे हैं। अगर रैना अपनी इसी फॉर्म को बरकरार रखने में सफल रहते हैं तो भारतीय टीम के लिए सोने में सुहागे की बात होगी। वहीं पांचवें नंबर पर युवराज सिंह पर एक बार फिर से जिम्मेदारी होगी कि वे कुछ बड़े हिट लगाते हुए स्कोर को एक अच्छी ऊंचाई प्रदान कर सकें। युवराज पिछले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ कुछ खास नहीं कर पाए थे।

ऐसे में वह एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस बड़े मैच में अपनी उपयोगिता साबित करना चाहेंगे। वहीं निचले मध्यक्रम की जिम्मेदारी एक बार फिर से कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और हार्दिक पांड्या के कंधों पर होगी। पांड्या ने पिछले मैच में अंतिम समय में कुछ जबरदस्त हिट लगाए थे और टीम के स्कोर को आनन फानन में बढ़ाने में मदद की थी। जाहिर है कि वह वैसा ही खेल यहां भी दिखाना चाहेंगे। वहीं धोनी भी अंतिम ओवरों में तेज तर्रार बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहेंगे।

गेंदबाजी: इस टी20 विश्व कप में भारतीय गेंदबाजी को लेकर अभी तक कुछ ज्यादा सवाल नहीं उठे हैं। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि जितनी पिचों में भारतीय टीम ने अभी तक मैच खेले हैं वो ज्यादा गेंदबाजों के लिए मददगार पिचें थीं। लेकिन मोहाली में ऐसा कतई नहीं होने वाला और यहां रन खूब बनने वाले हैं। ऐसे में गेंदबाजों को लेकर कप्तान धोनी को बेहद संजीदगी बरतने की जरूरत है। हरभजन सिंह को लेकर इस टूर्नामेंट में गाहे- बगाहे खूब चर्चाएं हो रही थीं। लेकिन धोनी के स्वभाव को देखते हुए ये कहना कतई मुमकिन नहीं है कि धोनी अपने विनिंग कॉम्बिनेशन में कोई बदलाव करना चाहेंगे। जाहिर है कि धोनी एक बार फिर से पहला ओवर नेहरा से डलवाते हुए दूसरा ओवर अश्विन से डलवाना चाहेंगे।

ऐसा करते हुए धोनी ने कई मौकों पर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाया है ऐसे में वह अपने इस पैंतरे को एक बार फिर से आजमाना चाहेंगे। वहीं बाद के ओवरों की जिम्मेदारी एक बार फिर से जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा के कंधों पर होगी। धोनी पिच के मिजाज को भांपते हुए अपने पार्ट टाइम दो स्पिन गेंदबाजों युवराज सिंह और सुरेश रैना से भी गेंदबाजी करवा सकते हैं ताकि विविधता के चलते वे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को जमने का मौका ना दें। ऐसे में ये कहना कतई मुमकिन नहीं है कि धोनी अपनी विजेता टीम में कोई बदलाव करना चाहेंगे, बल्कि वे इसी टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया को जबरदस्त टक्कर देने को लेकर आश्वस्त होंगे। लेकिन इस बीच धोनी को अपनी टीम की फील्डिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। पिछले मैच में भारतीय फील्डरों ने कई कैच छोड़े थे और खामियाजन टीम इंडिया जैसे तैसे बांग्लादेश को हरा पाई थी। ऐसे में धोनी अपनी टीम की फील्डिंग को जरूर चुस्त दुरुस्त करना चाहेंगे।

भारत(संभावित अंतिम एकादश): रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली, सुरेश रैना, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी(विकेटकीपर/कप्तान), हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, आशीष नेहरा, जसप्रीत बुमराह।