India vs Australia: India may unleash four quicks on fast and bouncy Perth pitch
Ravi shastri and Virat kohli

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को उनके बड़े फैसले के लिए जाना जाता है। टीम में बदलाव करने से कभी भी कोहली हिचकते नहीं हैं। कोहली दक्षिण अफ्रीका में चार तेज गेंदबाजों के साथ टेस्ट मैच में उतरने का जोखिम भरा फैसला ले चुके हैं।

पर्थ की तेज और उछालभरी पिच को लेकर काफी बातें की जा रही है। पिच तेज गेंदबाजों की मददगार होगी यह पिच क्यूरेटर पहले ही कह चुके हैं। गुरुवार को अंतिम 13 में भुवनेश्वर कुमार को शामिल कर टीम मैनेजमेंट ने इरादे जाहिर कर दिए हैं। अब उम्मीद है कि विराट कोहली चार तेज गेंदबाज के साथ पर्थ टेस्ट में उतरने का फैसला भी ले सकते हैं।

पर्थ में चार तेज गेंदबाज

भारतीय टीम के चार मुख्य तेज गेंदबाजों में इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार का नाम आता है। उमेश यादव को भी संभावित 13 खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह दी गई है और उनकी रफ्तार को देखते हुए उम्मीद की जा सकती है कि कोहली उनको प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लें।

भुवनेश्वर को मिल सकती है जगह

अगर भारत चार तेज गेंदबाजों के साथ पर्थ टेस्ट में खेलता है तो भुवनेश्वर कुमार पहली पसंद हो सकते हैं। भुवनेश्वर के पास स्विंग कराने की क्षमता है जबकि वह पिच से उछाल भी हासिल कर सकते हैं।

कौन होगा टीम से बाहर

चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने की सूरत में कोहली के पास विकल्प है कि वह रविंद्र जडेजा को बाहर रखे और रोहित की जगह आए हनुमा विहारी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करें। हनुमा ने इंग्लैंड में गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए थे। स्पिनर की जरूरत को पूरा करने को ध्यान में रखते हुए कोहली जडेजा को टीम में रख विहारी को बाहर बिठा सकते हैं। जडेजा के पास बल्लेबाजी करने की काबिलियत भी है और उन्होंने हालिया रणजी मुकाबले में शतक बनाकर इसे साबित किया है।

दक्षिण अफ्रीका में 4 तेज गेंदबाजों के साथ जीता भारत

भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जोहान्सबर्ग में खेले गए सीरीज के आखिरी मुकाबले में चार तेज गेंदबाज के साथ उतरी थी। हार्दिक पांड्या ने पांचवें गेंदबाजी की भूमिका निभाई थी। स्पिनर के तौर पर भारत को पास कोई विकल्प नहीं था। पहली पारी में बुमराह ने जबकि दूसरी पारी में मोहम्मद शमी ने 5-5 विकेट चटकाए थे। दक्षिण अफ्रीका पहली पारी में 194 जबकि दूसरी में 177 रन ही बना पाया था। भारत ने यह मैच 63 रन से अपने नाम किया था।