विराट कोहली  © IANS
विराट कोहली © IANS

विराट कोहली के 29 रनों पर आउट होने के बाद एक बार फिर से भारतीय बल्लेबाजी धराशाई हो गई और अंततः भारत ने 20 ओवरों में 7 विकेट पर 147 रन तो बनाए लेकिन इयोन मॉर्गन(51) और जो रूट(46) ने इंग्लैंड की झोली में एक आसान सी जीत डाल दी। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले तीन टी20I मैचों में टीम इंडिया की यह लगातार तीसरी हार है। इसके पहले साल 2014 में मैनचेस्टर टी20 में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था वहीं साल 2012 में मुंबई टी20 में भी टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन हाल फिलहाल में इंग्लैंड को टेस्ट सीरीज में 4-0 और वनडे सीरीज में 2-1 से हराने के चलते उम्मीद की जा रही थी कि टीम इंडिया इंग्लैंड को टी20 में पटखनी दे पाएगी। दुर्भाग्यवश ऐसा हो नहीं सका और टीम इंडिया को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। आखिर ऐसे कौन से कारण हैं जिनके चलते टीम इंडिया कानपुर टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ फीकी पड़ गई। आइए जानते हैं।

1. ओपनिंग जोड़ी का न चल पाना: केएल राहुल जो इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई वनडे सीरीज में बुरी तरह से विफल हुए थे और तीन मैचों में कुल 24 रन ही बना पाए थे। वह एक बार फिर से अपनी पारी की शुरुआत से ही असहज नजर आए और एक शॉर्ट गेंद को पुल करने के प्रयास में फाइन लेग पर कैच दे बैठे। केएल राहुल अंतिम वनडे मैच में भी कुछ इसी अंदाज में आउट हुए थे। जाहिर है कि कोहली को अगर बाकी सीरीज में टीम इंडिया की उम्मीदें बरकरार रखनी हैं तो उन्हें केएल राहुल के विकल्प के रूप में रिषभ पंत को खिलाना होगा। पंत आजकल अच्छे फॉर्म में हैं। उन्होंने अभ्यास मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 59 रनों की पारी खेली थी। वहीं रणजी ट्रॉफी में उन्होंने रनों का अंबार लगा दिया था जिसमें तिहरा शतक तक शामिल था। पंत का अंदाज पूरी तरह से टी20 वाला है क्योंकि वह छक्के ज्यादा जड़ते हैं। जाहिर है कि अगले मैच में कोहली उन्हें आजमा सकते हैं।

[मैच रिपोर्ट: इंग्लैंड ने कानपुर टी20I में भारत को 7 विकेट से हराया, सीरीज में ली 1-0 की बढ़त]

2. मध्यक्रम में मनीष पांडे का फीका प्रदर्शन: मनीष पांडे ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी की थी। इसलिए उन्हें बाद में जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया। लेकिन वह इन दोनों सीरीजों में बुरी तरह से विफल रहे। इस दौरान 6 पारियों में उन्होंने 4*, 17, 19, 28*, 12, 0 का स्कोर बनाया। इसी खराब प्रदर्शन के कारण पांडे इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाए थे। लेकिन टी20 सीरीज में उन्हें मौका दिया गया और 3 रन बनाकर वह पगबाधा आउट हो गए। पांडे के आउट होने से टीम इंडिया पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया और आगे के कुछ ओवरों में रन रेट भी धीमा हो गया। जाहिर है कि अगर वह आउट न होते तो टीम इंडिया 180 तक का स्कोर बना लेती तब हो सकता था कि मैच टक्कर का होता।

3. जसप्रीत बुमराह की खराब गेंदबाजी: जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर को लेकर पिछले कुछ महीनों के दौरान खूब प्रशंसा हुई थी। लेकिन अब वह रन भी खूब लुटाने लगे हैं। आशीष नेहरा ने पहले ओवर में चार रन दिए थे और इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर अच्छा दबाव बनाया था। लेकिन अगले ओवर में ही बुमराह ने एक ही लेंथ पर गेंदें डालते हए 20 रन पिटवा दिए और एकाएक दबाव में टीम इंडिया को डाल दिया। इस दबाव से टीम इंडिया अंत तक उबर नहीं पाई और खामियाजन हार हाथ लगी। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब बुमराह महंगे साबित हुए बल्कि वनडे सीरीज में भी उन्होंने 79, 81 और 68 रन दिए थे। जाहिर है कि टीम इंडिया को बुमराह की जगह भुवी को मौका देने के बारे में सोचना चाहिए। कम से कम वह इतने महंगे तो साबित नहीं होंगे। [भारत बनाम इंग्लैंड, पहला टी20I, कानपुर: फुल क्रिकेट स्कोर जानने के लिए क्लिक करें ]

4. भारी पड़ा बीच के ओवरों में हार्दिक पांड्या और बुमराह से गेंदबाजी करवाना: एक समय टीम इंडिया ने 43 रनों पर इंग्लैंड के दो विकेट झटक दिए थे। चूंकि, पिच से स्पिनरों को मदद मिल रही थी। लेकिन इसी बीच कोहली ने नौंवे ओवर से ही जसप्रीत बमराह और हार्दिक पांड्या को गेंदबाजी आक्रमण पर लगा दिया और इसके बाद हर दो ओवरों में तेज गेंदबाजों से गेंदबाजी करवाई। जिससे मॉर्गन और रूट को आंखें जमाने का मौका मिल गया और बाद में दोनों ने स्पिनरों को भी नहीं बख्शा और गगनचुंबी छक्के लगाते हुए इंग्लैंड को जीत के मुहाने तक ले गए।

5. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने किया था होमवर्क: आज इंग्लैंड के अमूमन सभी गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की। वे गेंद को न ही ज्यादा शॉर्ट रख रहे थे और न ही ज्यादा फुल और लगातार बल्लेबाज को स्ट्रोक खेलने पर मजबूर कर रहे थे। यही कारण रहा कि उन्हें निश्चित इंटरवल में विकेट मिले और दबाव टीम इंडिया पर बनता गया। मोईन अली ने इंग्लैंड की ओर से सबसे बढ़िया गेंदबाजी की और सबसे ज्यादा 9 डॉट गेंदें फेंकी और 21 रन देकर 2 विकेट निकाले। इसके अलावा इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन और जो रूट ने तीसरे विकेट के लिए 83 रनों की साझेदारी करते हुए मैच में टीम इंडिया के मौके पूरी तरह से खत्म कर दिए।