भारत बनाम इंग्लैंड
भारत बनाम इंग्लैंड

भारत और इंग्लैंड के बीच कानपुर में होने वाले मुकाबले में दोनों टीमों को जीत से मंजूर कुछ नहीं होगा। विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम एक बार फिर से इंग्लैंड को मात देने के इरादे से मैदान पर उतरेगी तो इंग्लैंड का इरादा टी20 सीरीज को जीतकर भारत से टेस्ट और वनडे में मिली हार का बदला लेने का होगा। भारतीय टीम में जहां युवा जोश और अनुभव का अच्छा मिश्रण देखने को मिल रहा है तो इंग्लैंड अपने विस्फोटक खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद लगाए होगा। ऐसे में इतना तो तय है कि दर्शकों को एक रोमांचक मुकाबला देखने को जरूर मिलेगा।

क्या कहते हैं आंकड़े: दोनों टीमों के बीच अब तक के मैचों की बात करें तो इंग्लैंड टीम इंडिया पर भारी पड़ता नजर आया है। दोनों के बीच अब तक 8 टी20I मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें इंग्लैंड ने 5 और भारत ने 3 में जीत हासिल की है। साफ है भारत के पास अपने रिकॉर्ड को सुधारने का मौका होगा और भारत का इरादा टेस्ट, वनडे की ही तरह टी20 सीरीज को भी जीतने का होगा। टी20 में इन दोनों देशों के बीच अभी तक मा‍त्र एक सीरीज खेली गई है। दिसंबर 2012 में भारत में हुई इस दो मैचों की सीरीज में दोनों देश 1-1 से बराबर रहे थे। ऐसे में भारत के लिए ये सीरीज आसान नहीं रहने वाली क्योंकि आंकड़े भी इंग्लैंड के ही पक्ष में दिख रहे हैं और इशारा कर रहे हैं कि इंग्लैंड को टी20 में हल्के में लेना भारत के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है। [ये भी पढ़ें: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत के लिए खास साबित हो सकती हैं ये 5 बातें]

वहीं दोनों देशों के बीच आखिरी दो मैचों की बात करें तो यहां भी इंग्लैंड भारत पर हावी नजर आ रहा है। दोनों के बीच खेले गए आखिरी दोनों ही मैचों में भारत को हार का मुंह देखना पड़ा है। साल 2012 में मुंबई में खेले गए दोनों के बीच मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 6 विकेट से हराकर करारी शिकस्त दी थी। तो वहीं साल 2014 में बर्मिंघम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 3 रनों से हरा दिया था।

भारत ने साल 2016 में कुल 21 टी20I मैचों में भाग लिया। इस दौरान भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में 3-0 से हराने में कामयाबी पाई तो श्रीलंका को अपनी मेजबानी में 2-1 से हराया। भारत ने इसके बाद बांग्लादेश में खेले गए एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। वहीं टी20 विश्व कप में भारत ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। लेकिन इसके बाद भारत के प्रदर्शन में गिरावट देखी गई और जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत को एक मैच में हार का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद भी भारत ने सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। वहीं अमेरिका में खेली गई 2 मैचों की टी20 सीरीज भारत 1-0 से सीरीज हार गया था।

वहीं इंग्लैंड के पिछले एक साल के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई 2 मैचों की सीरीज में इंग्लैंड को 2-0 से शिकस्त का सामना करना पड़ा तो वहीं विश्व कप टी20 में इंग्लैंड ने फाइनल तक का सफर तय किया जहां उसे वेस्टइंडीज के हाथों बेहद ही नाटकीय अंदाज में हार झेलनी पड़ी। वहीं इसके बाद टीम ने श्रीलंका को एक मैच की सीरीज में मात दी तो वहीं पाकिस्तान को भी एक मैच की सीरीज में पटखनी दी।

भारत का दृष्टिकोण: उल्लेखनीय है कि चयनकर्ताओं ने टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम के दो मुख्य स्पिनरों रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन को आराम देने का निर्णय लिया है। ताकि ये दोनों अगले माह बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए तैयार हो सकें। ऐसे में नए भारतीय स्पिनरों पर सबकी नजरें होंगी। उनमें यजुवेंद्र चहल और परवेज रसूल शामिल हैं। चहल का प्रदर्शन जाहिर तौर पर बहुत लोगों ने देखा है। वहीं अमित मिश्रा और परवेज रसूल को जडेजा- अश्विन की जगह टीम में शामिल किया गया है।

खिलाड़ियों के बारे में बातचीत में कोहली ने कहा, “जो खिलाड़ी टीम में आए हैं उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने रन कम खर्च किए हैं और सही क्षेत्र में गेंदबाजी की है। चहल का प्रदर्शन जाहिर तौर पर सभी ने देखा है। रसूल भी मेरे साथ आरसीबी की ओर से खेले हैं। इसलिए मैंने देखा है कि वह कैसे गेंदबाजी करते हैं। वह अच्छे विश्वास में हैं। वह विश्व के किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण के खिलाफ नई गेंद से अच्छी गेंदबाजी कर सकते हैं। ये दोनों अपनी गेंदबाजी के साथ बहुत स्मार्ट हैं। ये डॉट गेंदें फेंककर विपक्षी टीम पर दबाव बना सकते हैं। जिससे आपको विकेट मिल सकते हैं। यह सीरीज इन दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, अगर ये दोनों अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो भविष्य में टी20 विशेषज्ञ के तौर पर टीम इंडिया में अपनी जगह बना सकते हैं।”

भारतीय टीम में टी20 सीरीज के लिए अनुभवी और खिलाड़ियों का अच्छा मिक्स कॉम्बिनेशन है। आशीष नेहरा समेत युवराज सिंह और सुरेश रैना इस फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब हैं। वहीं युवा खिलाड़ी जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत एक अनोखे कारनामे के साथ करने को लेकर बेताब हैं। सुरेश और उनकी टीम में भूमिका के बारे में बातचीत करते हुए कोहली ने कहा, “वह वर्ल्ड टी20 2016 के बाद से नहीं खेले हैं। जाहिरतौर पर इस बीच में हमने बहुत सारी टेस्ट सीरीज खेली हैं। इसलिए ये लंबा गैप हो गया है। हम अभी भी भरोसा करते हैं कि उनके पास सीमित ओवर क्रिकेट को देने के लिए बहुत कुछ है।

इंग्लैंड का दृष्टिकोण: इंग्लैंड टीम में एक नए नवेले गेंदबाज टेमल मिल्स को शामिल किया गया जो 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता है। ऐसे में टीम इंडिया को इस गेंदबाज से सतर्कता बरतने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि डेविड विली कंधे की चोट के कारण टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में टेमल का अंतिम एकादश में खेलना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं इंग्लैंड के लिए अच्छी खबर ये है कि उनके सबसे बेहतरीन बल्लेबाज जो रूट फिट हो गए हैं और वह पहले टी20 में खेलते नजर आएंगे। टी20 क्रिकेट में इंग्लैंड भारत के खिलाफ अपनी सफलता को जारी रखना चाहेगी। वहीं टीम इंडिया इंग्लैंड को रोकने का हर संभव प्रयास करेगी।

टीमें

इंग्लैंड: मोईन अली, जेक बॉल, सैम बिलिंग्स, जोस बटलर, लियाम डॉसन, क्रिस जॉर्डन, टेमल मिल्स, इयोन मोर्गन(कप्तान), लियाम प्लंकेट, आदिल रशीद, जो रूट, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, डेविड विले, जॉनी बेयरेस्टो।

भारत: लोकेश राहुल, मनदीप सिंह, विराट कोहली(कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, सुरेश रैना, ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या, यजुवेंद्र चहल, मनीष पांडे, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, आशीष नेहरा, अमित मिश्रा, परवेज रसूल।