live cricket score, live score, live score cricket, india vs england live, india vs england live score, ind vs england live cricket score, india vs england 1st test match live, india vs england 1st test live, cricket live score, cricket score, cricket, live cricket streaming, live cricket video, live cricket, cricket live rajkot
भारतीय गेंदबाज पहली पारी में सफल नहीं हो सके © Getty Images

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने पांच सौ से ज्यादा रन बना लिए हैं। इंग्लैंड की पारी में तीन बल्लेबाजों ने जहां शतक लगाया तो पहले छह विकेट के लिए 25 रनों की साझेदारी हुई जो भारत के खिलाफ भारत की सरजमीं पर 8 साल बाद हुआ है। सीरीज शुरू होने से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि भारतीय स्पिनरों के सामने इंग्लैंड की टीम बिखर जाएगी। लेकिन इसके विपरीत इंग्लैंड ने शानदार खेल का परिचय दिया और भारतीय स्पिनरों को धैर्यपूर्वक खेला। जिसका नतीजा इंग्लैंड ने पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इंग्लैंड के बड़े स्कोर के पीछे उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी तो थी ही साथ ही कुछ और कारण भी रहे, कौन से हैं वो कारण आइए जानते हैं।

3. अतिआत्मविश्वास: कहते हैं आत्मविश्वास होना अच्छी बात होती है लेकिन जब यह आत्मविश्वास अतिआत्मविश्वास में बदल जाता है तो यह घातक सिद्ध होता है। और बिल्कुल यही हुआ भारतीय टीम के साथ भी। भारतीय टीम ने सीरीज शुरू होने से पहले इंग्लैंड टीम को बेहद हल्के में लिया और समझा कि इंग्लैंड को हम आराम से हरा सकते हैं। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने टीम इंडिया के गेंदबाजों को जमकर छकाया और पारी में तीन-तीन शतक जड़ डाले।

भारतीय टीम के विश्वस्तरीय स्पिन गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने धैर्यपूर्वक खेलते हुए डटकर सामना किया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दिखा दिया कि अगर आक एकाग्रता और संयम से खेलें तो भारतीय स्पिन गेंदबाजों के सामने भी रन बनाए जा सकते हैं। वही किया इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने। न्यूजीलैंड के खिलाफ बेंहतरीन प्रदर्शन कर चुकी भारतीय स्पिन जोड़ी को इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने बिल्कुल साधारण साबित कर दिया।  भारत बनाम इंग्लैंड, पहला टेस्ट: लाइव ब्लॉग देखने के लिए क्लिक करें

2. गेंदबाजी में लचर प्रदर्शन: भारतीय कप्तान विराट कोहली मैच में पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरे थे। पांच गेंदबाजों में तीन स्पिनर थे और दो तेज गेंदबाज। लेकिन विराट कोहली की यह रणनीति टीम के लिए कारगर साबित नहीं हुई और भारत को इससे कोई फायदा नहीं पहुंचा। इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर गेंदबाज दबाव बनाने में विफल रहे। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया और आसानी से खेला। भारतीय गेंदबाजों की विफलता का पता इसी से चल जाता है कि इंग्लैंड के तीन बल्लेबाजों ने एक ही पारी में अपना शतक जड़ डाला।

मैच में भारतीय टीम के गेंदबाजों के आकड़ों पर नजर डालें तो मोहम्मद शमी मे मैच में 28.1 ओवर की गेंदबाजी में 65 रन देकर सिर्फ दो खिलाड़ियों को आउट किया। वहीं पहले दिन शमी को कोई विकेट नहीं मिल पाया था। दूसरे तेज गेंदबाज उमेश यादव की बात करें तो यादव ने 31.5 ओवर की गेंदबाजी में 112 रन देते हुए दो खिलाड़ियों को आउट किया। उमेश यादव ने पहले दिन के दूसरे सत्र में जो रूट को और बेन स्टोक्स को अपना शिकार बनाया। वहीं स्पिन गेंदबाजों की बात करें तो आर अश्विन ने 46 ओवर की गेंदबाजी में 167 रन खर्च करते हुए 2 विकेट ही लिए। अश्विन को इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने बहुत आसानी से खेला और जमकर रन बटोरे। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अश्विन को खेलते हुए कहीं भी परेशानी नहीं हुई। वहीं दूसरे स्पिन गेंदबाज रविंद्र जडेजा की बात करें तो जडेजा ने 30 ओवरों की गेदबाजी की और मैच में सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। जडेजा ने इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक, क्रिस वोक्स और आदिल रशीद को पवेलियन भेजा। टीम के तीसरे स्पिन गेंदबाज अमित मिश्रा ने 23.3 ओवरों की गेंदबाजी में 98 रन देकर सिर्फ 1 विकेट ही लिया। मिश्रा से टीम को बहुत उम्मीदें थीं खासकर तब जब उन्होंने कीवी टीम के खिलाफ वनडे श्रंखला में बेहतरीन खेल दिखाया था। साफ है भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।

1. खराब फील्डिंग: मैच शुरू होने के आधे घंटे के अंदर ही भारतीय फील्डरों ने ती-तीन कैच टपका दिए। भारतीय फील्डरों ने आधे घंटे के अंदर ही एलेस्टर कुक के दो और हसीब हमीद का एक कैच छोड़ा। भारत की तरफ से दोनों तेज गेंदबाजों ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों को शुरू से छकाना शुरू कर दिया। शमी के पहले ओवर की तीसरी ही गेंद पर अजिंक्य रहाणे ने एलेस्ट कुक को पहला जीवनदान दे दिया। कुक का जब पहला कैच छूटा तो वह अपना खाता भी नहीं खोल सके थे। वहीं अगले ओवर में एलेस्टर कुक को फिर जीवनदान दे दिया। इस बार कुक का कैच छोड़ा कप्तान विराट कोहली ने। कोहली ने दूसरी स्लिप में इंग्लैंड के कप्तान का कैच टपका दिया। वहीं तीसरा कैच उमेश यादव की गेंद पर मुरली विजय ने छोड़ा। मुरली विजय ने पहली स्लिप में हसीब हमीद का कैच टपकाया। साफ है भारत के खिलाड़ियों ने मात्र आधे घंटे के अंदर ही इंग्लैंड के दोनों सलामी बल्लेबाजों को तीन-तीन जीवनदान दे दिया। भारत या तो हमारे साथ क्रिकेट खेले या फिर हर्जाना भरे: पीसीबी

कैच टपकाने का सिलसिला दूसरे दिन भी बदस्तूर जारी रहा और दूसरे दिन भी कई खिलाड़ियों ने बेन स्टोक्स के आसान कैच टपकाए। बेन स्टोक्स का कैच विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने भी छोड़ा और फलस्वरूप बेन स्टोक्स ने अपनी पारी में 128 रन ठोक डाले। अगर भारतीय फील्डरों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को इतने अवसर ना दिए होते तो संभव है कि इंग्लैंड इतने बड़े स्कोर की तरफ नहीं जा पाता।