live cricket score, live score, live score cricket, india vs england live, india vs england live score, ind vs england live cricket score, india vs england 1st test match live, india vs england 1st test live, cricket live score, cricket score, cricket, live cricket streaming, live cricket video, live cricket, cricket live rajkotभारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच कल से राजकोट में खेला जाएगा। दोनों ही टीमें पहले मैच को जीतकर सीरीज की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेंगी। इंग्लैंड की टीम जहां पुराने इतिहास को दोहराना चाहेगी तो भारत का इरादा इंग्लैंड के हाथों मिली अपने घर पर पिछली हार का बदला लेने का होगा। दोनों टीमों के बीच सीरीज काफी रोमांचक रहने की पूरी उम्मीद है। आईसीसी रैंकिंग में जहां भारत नंबर एक पर है तो इंग्लैंड की टीम नंबर चार पर काबिज है। दोनों टीमों के पास कई सारे मैच जिताऊ खिलाड़ी हैं। ऐसे में दर्शकों को एक रोमांचक और बेहतरीन क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।

क्यों मजबूत है इंग्लैंड की टीम?: इंग्लैंड के पास दुनिया के विश्वस्तरीय बल्लेबाज और गेंदबाज हैं जो इंग्लैंड को दुनिया की सबसे मजबूत टीम बनाती है। एलेस्ट कुक, जो रूट, बैरस्टो जैसे बल्लेबाज हैं जिनके नाम साल 2016 में लगभग 1000 रन हैं। तो वहीं गेंदबाजी में स्टुअर्ट ब्रॉड, मोइन अली, आदिल राशिद, बेन स्टोक्स जैसे गेंदबाज जो किसी भी बल्लेबाज की बखिया उधेड़ने का माद्दा रखते हैं। साफ है इंग्लैंड को अपने बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों से काफी उम्मीदें होंगी और टीम को जीतना है तो उन्हें एक इकाई के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।

क्या बनाता है इंग्लैंड को कमजोर?: जब इंग्लैंड की टीम बांग्लादेश दौरे पर थी तो आपने देखा होगा कि इंग्लैंड की टीम ने स्पिनर्स के सामने बहुत संघर्ष किया था और दूसरा टेस्ट गंवा दिया था। ऐसे में भारत के विश्वस्तरीय स्पिन गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाजों का अच्छा करना एक चुनौती होगी। अगर भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत मुकाबले को जीतने में कामयाब हो जाएगा। वहीं अगर इंग्लैंड ने स्पिन के सामने खुद को साबित कर दिया तो वह भारत में एक बार फिर से इतिहास दोहरा सकते हैं।  ये भी पढ़ें: क्या इस पारी से टीम में आने के लिए तैयार हैं ऋषभ पंत!

क्या बनाता है भारत को मजबूत?: इसमें कोई दोराय नहीं है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी बल्लेबाजी है लेकिन टेस्ट में मैच जीतने के लिए गेंदबाजों का 20 विकेट लेना भी बहुत जरूरी है। भारत के पास ऐसे स्पिन गेंदबाज हैं जो भारत को 20 विकेट आसानी से निकाल कर दे सकते हैं। भारत की स्पिन गेंदबाजी सबसे बड़ी ताकत है। आर अश्विन और रविंद्र जडेजा की जोड़ी से टीम को एक बार फिर उम्मीद होगी तो बल्लेबाजी में गंभीर, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे पर टीम को जिताने का दारोमदार होगा।

वहीं भारत को अपने तेज गंदबाजों से भी काफी उम्मीद है। मोहम्मद शमी ने कीवी टीम के खिलाफ सीरीज में बहुत शानदार गेंदबाजी की थी और एक बार फिर से इंग्लैंड के खिलाफ भी वह अपनी तेजी और स्विंग से विकेट लेने के लिए तैयार हैं। कुलमिलाकर देखा जाए तो भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों बहुत अच्छी नजर आ रही है और इंग्लैंड के मुकाबले ज्यादा संतुलित नजर आ रही है।

क्या बनाता है भारत को कमजोर?: भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंता है सलामी जोड़ी। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में तीनों मैचों में भारत ने हर बार सलामी जोड़ी को बदला था। पहले मैच में जहां केएल राहुल और मुरली विजय ने पारी की शुरुआत की तो दूसरे टेस्ट में केएल राहुल के स्थान पर शिखर धवन और मुरली विजय ने पारी का आगाज किया, वहीं तीसरे और अंतिम टेस्ट में शिखर धवन की जगह गौतम गंभीर ने मुरली विजय के साथ पारी की शुरुआत की। सीफ है तीनों मैचों में मुरली विजय के जोड़दीर बदलते रहे। सलामी जोड़ी को लेकर चिंता यहीं खत्म नहीं होती, इसके बाद अगर हम भारत की शुरुआत पर नजर डालें तो पहले मैच की पहली पारी में भारत का विकेट सिर्फ 42 रनों पर गिर गया, तो दूसरी पारी में 52 रनों पर। दूसरे मैच की बात करें तो यहां पहली पारी में भारत का विकेट मात्र एक रन पर ही गिर गया और दूसरी पारी में सलामी जोड़ी ने सिर्फ 12 ही रन जोड़े। वहीं तीसरे मैच की पहली पारी में सलामी जोड़ी सिर्फ 26 रन ही जोड़ सकी तो दूसरी पारी में भारत का पहला विकेट सिर्फ 34 रनों पर गिया। आंकड़ों से साफ है कि भारत की सलामी जोड़ी भारत को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रही है और तीनों मौकों पर मुरली विजय को एक अगल साझेदार मिला है।  ये भी पढ़ें: भारतीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं: इरफान पठान

लेकिन अगर हम मुरली विजय की बात करें जिन्होंने तीनों मैच खेले थे तो उनका प्रदर्शन भी काफी निराशाजनक रहा और उन्होंने छह पारियों में केवल 65, 76, 9, 7, 10 और 19 का स्कोर किया। पहले टेस्ट को छोड़ दें तो विजय का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। अब भारत को गौतम गंभीर और मुरली विजय से उम्मीद होगी कि दोनों मिलकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाएं।

मध्यक्रम किसी भी टीम के लिए रीढ़ की हड्डी के समान होता है। भारत के मध्यक्रम में भी दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। चाहे वो चेतेश्वर पुजारा हों, अजिंक्य रहाणे हों या फिर विराट कोहली हों। अगर हम तीनों के प्रदर्शन पर अलग-अलग नजर डालें तो सिर्फ पुजारा ही एसे खिलाड़ी रहे जिनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखाई दी। पुजारा ने पहले टेस्ट में ( 62, 78), दूसरे टेस्ट में ( 87, 4) और तीसरे टेस्ट में ( 41, 101) का स्कोर किया और साथ ही वह कीवी के खिलाफ खेली गई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी थे। वहीं अगर हम रहाणे की बात करें तो रहाणे ने पहले टेस्ट में (18, 40), दूसरे टेस्ट में (77,1) और तीसरे टेस्ट में (188, 23 नाबाद) रन बनाए। हालांकि पहले टेस्ट के बाद रहाणे लय पकड़ते दिखे लेकिन इसके बाद वनडे सीरीज में एक बार फिर रहाणे का बल्ला खामोश हो गया। वहीं कोहली की बात करें तो कोहली ने पहले मैच में (9, 18), दूसरे मैच में (9, 45) और तीसरे टेस्ट में (211, 17) रन बनाए। अगर कोहली के एकमात्र दोहरे शतक को छोड़ दें तो उनका प्रदर्शन उनके नाम के अनुरूप नहीं रहा था। ऐसे में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अपने मध्यक्रम से ढेरों उम्मीदें होंगी।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं:

भारत: मुरली विजय, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, रिद्धिमान साहा, करुण नायर, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, हार्दिक पंड्या, ईशांत शर्मा, जयंत यादव, उमेश यादव, अमित मिश्रा

इंग्लैंड: एलेस्टर कुक (कप्तान), मोइन अली, जो रूट, जाफर अंसारी, जॉनी बेरस्टॉ, जेक बॉल, गैरी बैलेंस, गैरेथ बैटी, स्टुअर्ट ब्रॉड, जोस बटलर, बेन स्टॉक्स, बेन डकेट, स्टीवेन फिन, हसीब हमीद, आदिल राशिद, क्रिस वोक्स