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विराट कोहली ने दोनों पारियों में क्रमशः 167 और 81 रन बनाए © IANS

भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापत्तनम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारत ने इंग्लैंड को 246 रनों से हरा दिया। इस तरह टीम इंडिया ने 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 455 रनों का स्कोर बनाया था। वहीं जवाब में इंग्लैंड टीम 255 रनों पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद तीसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 204 रनों का स्कोर बनाया और इस तरह टीम इंडिया की बढ़त 404 रनों की हो गई। चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम 158 रनों पर सिमट गई और टीम इंडिया ने मैच 246 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। मैच में कुछ मुख्य कारक भी रहे जिन्होंने मैच के परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  [भारत बनाम इंग्लैंड, दूसरा टेस्ट, लाइव स्कोरकार्ड देखने के लिए क्लिक करें]

1. विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी: विराट कोहली ने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में उस समय रन बनाए जब उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। पहली पारी में जब वह बल्लेबाजी करके को आए थे तो टीम इंडिया का स्कोर 22-2 था। ऐसी विपरीत परिस्थिति में कोहली ने धैर्य बनाए रखा और चेतेश्वर पुजारा के साथ तीसरे विकेट के लिए दोहरी शतकीय साझेदारी निभाई। कोहली ने इस दौरान अपना 14वां शतक पूरा किया और 167 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस जुझारू पारी का ही असर था कि टीम इंडिया ने 455 रनों का स्कोर खड़ा किया। वहीं दूसरी पारी में कोहली ने 81 रनों की जुझारू पारी खेली। गौर करने वाली बात है कि कोहली के अलावा इस पारी में कोई अन्य भारतीय बल्लेबाज 30 रनों का स्कोर पार नहीं कर पाया। इस लिहाज से यह कोहली की मैच में सबसे बेहतरीन पारी रही और टीम की जीत में निर्णायक साबित हुई।

2. चेतेश्वर पुजारा ने दिखाया दम: एक समय जब अमूमन सभी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों से आंखें चुराते नजर आ रहे थे। उस वक्त पुजारा ने कोहली का खूब साथ निभाया। कोहली के साथ पुजारा ने 226 रनों की भागेदारी की और इस दौरान उन्होंने शतक भी जड़ा। पुजारा 119 रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होने के थोड़ी देर बाद ही फिर से विकटों का पतझड़ शुरू हो गया। जाहिर है कि अगर उनके बल्ले से शतक न आता तो टीम इंडिया की दुर्दशा होनी तो तय थी। यह पहली बार नहीं है कि जब पुजारा ने टीम इंडिया के लिए इतनी बड़ी भूमिका निभाई है। बल्कि राजकोट टेस्ट में भी पुजारा ने शतक जड़ते हुए विजय के साथ दोहरी शतकीय साझेदारी निभाई थी। पुजारा जाहिर तौर पर टीम इंडिया में मिस्टर भरोसेमंद की कमी पूरी कर रहे हैं।

3. अश्विन का ऑलराउंडर प्रदर्शन: रविचंद्रन अश्विन राजकोट टेस्ट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे। जिसके बाद उके प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन विशाखापत्तनम में उन्होंने कमाल कर दिया। पहली पारी में जहां उन्होंने 5 विकेट लेते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को धता बता दिया तो दूसरी पारी में भी उन्होंने 3 विकेट ले लिए। इसके साथ ही उन्होंने साल 2016 में टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके नाम इस साल अब 55 विकेट हो गए हैं। उन्होंने श्रीलंका के रंगना हेराथ को पीछे छोड़ा जिनके इस साल 54 विकेट हैं। इसके अलावा मैच में अश्विन ने बल्ले से भी अच्छा जौहर दिखाया और अर्धशतक जड़ दिया। अश्विन का इस सीरीज में यह दूसरा अर्धशतक है।

4. शमी की बेहतरीन गेंदबाजी: राजकोट टेस्ट में भले ही शमी ने कुछ खास प्रभाव न छोड़ पाए हों। लेकन इस टेस्ट मैच में उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी की और अमूमन हर गेंद को लाइन पर फेंका। यही कारण रहा कि बल्लेबाज उनकी गेंदों पर कई मर्तबा गच्चा खा गए। शमी ने पहली पारी में जहां 28 रन देकर 1 विकेट लिया। वहीं, दूसरी पारी में उन्होंने दो विकेट झटके। शमी ने इस तरह एक बार फिर से बता दिया कि जब उनका दिन होता है तो वह कुछ भी कर सकते हैं।

5. जयंत यादव और रविंद्र जडेजा का अच्छा योगदान: जैसा कि इस बात की उम्मीद पहले से की जा रही थी कि पिच से स्पिन को मदद मिलेगी और यही यहां देखने को मिला। गेंद खूब स्पिन हो रही थी। स्पिन के इस जादू का पहले इस्तेमाल तो अश्विन ने किया। बाद में रविंद्र जडेजा और जयंत यादव ने इसका इस्तेमाल किया। पहली पारी में जहां दोनों ने 1-1 विकेट लिए। वहीं दूसरी पारी में जडेजा ने 2 और जयंत ने 3 विकेट ले डाले और इंग्लैंड की पारी ढहाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जडेजा ने दूसरी पारी में कप्तान कुक को खूब परखा और उन्हें 54 रनों के स्कोर पर शानदार अंदाज में पगबाधा आउट किया। यहीं से मैच ने अपनी दिशा बदल दी और टीम इंडिया जीत की ओर अग्रसर हो गई।