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दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया की नजर जीत पर होगी © AFP

भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला जाएगा। राजकोट में खेला गया पहला मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ था और उस मैच में इंग्लैंड की टीम पर भारत पर हावी नजर आ रही थी। ऐसे में भारत को विशाखापट्नम में अगर जीत दर्ज करनी है तो भारत को राजकोट टेस्ट से ऊपर उठना होगा और अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने कई क्षेत्रों में गलतियां की थीं, लेकिन विशाखापट्नम में उन गलतियों से सबक लेते हुए भारत को अपनी गलतियों में सुधार करना होगा। आइए नजर डालते हैं उन कारणों पर जो विशाखापट्नम में टीम इंडिया को दिला सकते हैं जीत।

सलामी बल्लेबाजी: ऐसा लग रहा है भारत के सलामी बल्लेबाज टीम को अच्छी शुरुआत देना ही भूल गए हैं। न्यूजीलैंड सीरीज से लेकर इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच तक भारतीय टीम एक अच्छी शुरुआत के लिए तरस गई है। भारतीय टीम ने पहले कीवी टीम के खिलाफ हर मैच में एक नई सलामी जोड़ी खिलाई, लेकिन इसके बावजूद भारत को अच्छी शुरुआत से महरूम रहना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ भी मुरली विजय ने तो पहली पारी में शतक लगाया लेकिन दोनों पारियों में गौतम गंभीर उनका साथ छोड़कर चले गए। पहली पारी में भारत का पहला विकेट 68 तो दूसरी पारी में शून्य पर ही गिर गया। दोनों बार गौतम गंभीर पहले विकेट के रूप में आउट होकर पवेलियन लौट गए। गंभीर सीनीयर बल्लेबाज हैं ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारी को सणझना चाहिए। वरना कौन जानता है कि दो साल बाद टीम में वापसी करने वाले गंभी की दो मिनट में टीम से छुट्टी भी हो सकती है। चयनकर्ताओं ने दूसरे टेस्ट के लिए केएल राहुल को टीम में चुन भी लिया है। केएल राहुल को दूसरे टेस्ट के लिए भारतीय टीम में जगह मिली

मध्यक्रम का लचीलापन: सलामी बल्लेबाजी के बाद भारत का मध्यक्रम भी रन बनाने में विफल रहा है। चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे जैसे सूरमाओं से लैश भारतीय मध्यक्रम को इंग्लैंड ने आसानी से भेद दिया था और भारत को हार के मुहाने तक ले गई थी। ऐसे में भारतीय मध्यक्रम को अपनी महानता साबित करनी होगी और सबको जिम्मेदारी लेते हुए रन बनाने होंगे। हालांकि चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में शतक लगाया था। लेकिन अजिंक्य रहाणे ने पहली पारी में 13 और दूसरी पारी में सिर्फ एक ही रन बनाए। रहाणे जिस तरह के खिलाड़ी हैं उनसे भारत को इससे कई बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। रहाणे टीम के सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ियों में से एक हैं और जरूरत है कि उनका बल्ला चले और वह लंबी पारी खेलें। वहीं विराट कोहली की बात करें तो दूसरी पारी में कोहली ने भारत को हारने से बचाया था, लेकिन पहली पारी में वह अच्छी शुरुआत मिलने के बाद 40 रन बनाकर आउट रहो गए थे। ऐसे में विशाखापट्नम में अपना 50वां टेस्ट खेलने जा रहे कोहली से टीम को इस बार बड़ी पारी की उम्मीद

होगी।

इंग्लैंड को हल्के में लेने की भूल: पहले टेस्ट से पहले टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले ने भारतीय टीम को फटकार लगाई थी कि इंग्लैंड को हल्के में लेने की भूल ना करे भारतीय टीम। लेकिन पहले मैच में भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखकर बिल्कुल भी नहीं लगा कि भारत ने कुंबले की बात पर थोड़ा भी ध्यान दिया हो। विराट कोहली ने टीम में ये सोचकर तीन स्पिन गेंदबाद खिला लिए कि कीवी टीम की तरह इंग्लैंड के बल्लेबाज भी स्पिनरों के खिलाफ संगर्ष करेंगे और जल्द आउट हो जाएंगे। भारतीय टीम की शारीरिक भाषा से ऐसा लग रहा था कि वो इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों को दोयम दर्जे का बल्लेबाज मान रहे हों और सोच रहे हों कि वह स्पिन के आगे घुटने टेक देंगे। लेकिन हुआ इसके एकदम उलट, इंग्लैंड ने ना सिर्फ स्पिनरों को ठीक ढंग से पढ़ा बल्कि स्पिन गेंदबाजों को विकेटों के लिए तरसाए रखा। अब उम्मीद यही करनी होगी कि दूसरे टेस्ट में भारत इंग्लैंड को मजबूत प्रतिद्वंदी मानकर ही मैदान पर उतरेगा।  विशाखापट्नम में पिच से मिल सकती है स्पिन गेंदबाजों को मदद

अश्विन-जडेजा पर अतिनिर्भर रहना: हाल के मैचों में देखा गया है कि भारतीय टीय आर अश्विन और रविंद्र जडेजा पर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने लगी है। जो एक टीम के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। किन्हीं मुख्य गेंदबाजों पर अतिनिर्भर होने से विपक्षी टीम को इसका फायदा मिलता है। क्योंकि वो आपकी रणनीति को समझ जाती है और उन गेंदबाजों को ठीक ढंग से खेलती है। लेकिन भारतीय टीम के लिए ये बिल्कुल भी ठीक नहीं है क्योंकि दोनों गेंदबाजों से ज्यादा उम्मीद करना उनपर दबाव को और बढ़ाता है, जिसके कारण उनके प्रदर्शन पर इसका साफ असर पड़ सकता है। पहले टेस्ट में भी यही देखने को मिला था। पहले टेस्ट में दोनों गेंदबाजों ने मिलकर 114 ओवर की गेंदबाजी में सिर्फ 6 ही विकेट झटके थे। ऐसे में टीम के अन्य गेंदबाजों को भी दोनों के साथ कंधे से कंधा मिलाना होगा तभी जाकर भारत को दूसरे टेस्ट में जीत मिल सकती है।