जीतने के बाद पवेलियन लौटती भारतीय टीम © AFP
जीतने के बाद पवेलियन लौटती भारतीय टीम © AFP

भारत ने इंग्लैंड को चौथे टेस्ट में हरा दिया। वानखेड़े में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में भारत ने चौथे दिन के शुरुआती आधे घंटे में ही इंग्लैंड को एक पारी और 36 रनों से करारी शिकस्त दे दी। भारत ने इसी के साथ ही 2008-09 के बाद पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतने में कामयाबी पाई है। विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने खेल के हर विभाग में इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए उन्हें करारी शिकस्त दे दी। विराट कोहली ने खुद भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 235 रनों की पारी खेली, जो कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के किसी भी कप्तान द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी है। वहीं जयंत यादव ने भी 9वें नंबर पर खेलते हुए अपने करियर का पहला शतक लगा डाला। साथ ही कोहली और जयंत के बीच 8वें विकेट के लिए 241 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई।

साथ ही भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में ऑल आउट किया और रविचंद्रन अश्विन ने दोनों पारियों में 6-6 विकेट झटके। मैच में हर खिलाड़ी ने अपना योगदान दिया। लेकिन दो युवा खिलाड़ियों ने मैच में ज्यादा कुछ नहीं किया, वो दो खिलाड़ी हैं केएल राहुल और जयंत यादव। केएल राहुल और जयंत यादव ने भारत के 631 रनों में सिर्फ 37 रनों का योगदान दिया। इनके अलावा पार्थिव पटेल जो चौथे टेस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहे ने विकेट के पीछे कुछ गलतियां कीं और बल्ले से सिर्फ 15 रन ही जोड़ सके। लेकिन इन सबके अलावा मुरली विजय का फॉर्म में आना और शतक जड़ना भारत के लिए राहत वाली खबर रही विजय ने अपने टेस्ट करियर का आठवां वहीं इंग्लैंड के खिलाफ ये उनका तीसरा शतक है। आइए नजर डालते हैं चौथे टेस्ट मैच में भारत के किस खिलाड़ी ने कितने नंबर हासिल किए। [Also Read: भारत बनाम इंग्लैंड, चौथा टेस्ट, फुल स्कोरकार्ड हिंदी में]

11. करुण नायर (3/10): करुण नायर ने अपनी पारी में दो चौके लगाकर दर्शाया कि वह कुछ खास करने वाले हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश वह ऐसा करने में विफल रहे। बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन विकेट पर सस्ते में आउट होकर चले गए। नायर ने सिर्फ 13 रनों की पारी खेली। करुण नायर को अगर टीम में अपनी जगह पुख्ता करनी है तो उन्हें अपने प्रदर्शन में सिधार लाना होगा। हालांकि पांचवें टेस्ट में भी नायर के खेलने की पूरी उम्मीद है क्योंकि अजिंक्य रहाणे, रिद्धिमान साहा और मोहम्मद शमी फिलहाल चोटिल हैं।

10. केएल राहुल (3/10): सपाट विकेट पर जो पांचों दिन बल्लेबाजी के लिए अच्छी रही, केएल राहुल मोईन अली की गेंद पर गच्चा खा गए और बड़ी पारी खेलने का मौका गंवा दिया। गेंद राहुल के बैट और पैड के बीच में से निकलकर सीधा स्टंप्स पर जा लगी और उनकी गिल्लियां बिखर गईं। राहुल चौथे टेस्ट मैच में बड़ी पारी की उम्मीद कर रहे थे। इससे पहले राहुल दूसरे टेस्ट में फ्लॉप रहे थे तो पहला और तीसरा टेस्ट वह चोट की वजह से खेल नहीं पाए थे। चेन्नई टेस्ट में भी राहुल के पास खुद को साबित करने का मौका होगा।

9. भुवनेश्वर कुमार (4/10): चौथे टेस्ट मैच से पहले मोहम्मद शमी के चोटिल होने और ईशांत शर्मा की शादी के कारण भुवनेश्वर कुमार को खेलने का मौका मिला। लेकिन वह इस मौके का फायदा उठाने में नाकाम रहे और मैच में कुल एक ही विकेट झटक सके। भुवनेश्वर कुमार से भारत को उम्मीद थी कि वह उन्हें शुरुआती क्षणों में सफलता दिलाएंगे लेकिन भुवनेश्वर कुमार ऐसा कर नहीं सके और पूरे मैच में उन्हें सिर्फ एक ही विकेट हासिल हुआ।

8. पार्थिव पटेल (4/10): बतौर विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने कुछ गलतियां कीं। वहीं बल्लेबाजी में पार्थिव पटेल को ओपनिंग करने का मौका तो नहीं मिला लेकिन जब वह बल्लेबाजी करने आए तो उन्हें इंग्लैंड के पार्ट टाइम स्पिनर जो रूट ने आउट कर दिया। पार्थिव ने आउट होने से पहले 15 रन बनाए। हालांकि पार्थिव ने पहली पारी में इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक को स्टंप आउट किया था जब इंग्लैंड मजबूत स्थिति में दिख रहा था।

7. उमेश यादव (4/10): उमेश यादव के पास मैच में करने के लिए कुछ ज्यादा नहीं था। उमेश यादव ने मैच में कुल 14 ओवरों की गेंदबाजी की जिसमें उन्हें एक भी विकेट हासिल नहीं हुआ। हालांकि उमेश को कीटन का विकेट मिल सकता था अगर नायर उनका कैच ना टपकाते। उमेश यादव ने अपनी गेंदबाजी से सबको निराश किया और दोनों पारियों में उन्हें एक भी विकेट हासिल नहीं हुआ। उमेश यादव से दूसरी पारी में सिर्फ 3 ही ओवरों की गेंदबाजी कराई गई। चेन्नई टेस्ट में उमेश से टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। ये भी पढ़ें: मुंबई टेस्ट में इन पांच खिलाड़ियों ने दिलाई टीम इंडिया को जीत

6. चेतेश्वर पुजारा (5/10): भारत के लिए लगातार अच्छा कर रहे चेतेश्वर पुजारा से भारत को एक बार फिर से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन पुजारा चौथे टेस्ट की पहली पारी में 47 रन बनाकर आउट हो गए। पुजारा तीसरे दिन पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर बोल्ड आउट हो गए। जेक बॉल की गेंद को पुजारा छोड़ना चाहते थे लेकिन गेंद अंदर की तरफ आई और पुजारा के स्टंप्स को छूते हुए निकल गई। पुजारा 47 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि पुजारा ने खुद से बड़ी पारी की उम्मीद की थी।

5. रवींद्र जडेजा (6/10): भारत के लिए ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे रवींद्र जडेजा ने मैच में कुल 6 विकेट झटके। रवींद्र जडेजा ने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 2 विकेट झटके। जडेजा ने काफी कसी हुई गेंदबाजी की और हर समय मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया। हालांकि बल्लेबाजी में जडेजा फ्लॉप रहे और सिर्फ 25 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन गेंदबाजी में जडेजा ने काफी अच्छी गेंदबाजी की और भारत के लिए मैच में कुल छह विकेट झटके।

4. मुरली विजय (8/10): मुंबई टेस्ट को छोड़ दिया जाए तो मुरली विजय पिछले कुछ टेस्ट से बड़ा स्कोर नहीं कर पा रहे थे और आलोचकों के निशाने पर आ गए थे। लेकिन मुंबई में मुरली विजय ने खराब प्रदर्शन के सिलसिले को रोक दिया और शतक लगा दिया। विजय ने शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और लगातार इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। विजय ने इंग्लैंड के किसी भी गेंदबाज को नहीं बख्शा और चौके-छक्के लगाते रहे। विजय ने पहले चेतेश्वर पुजारा और फिर कप्तान कोहली के साथ शतकीय साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया। विजय ने मुंबई में 136 रनों की बेहतरीन पारी खेली।

3. जयंत यादव (9/10): सिर्फ तीसरे ही टेस्ट में 9वें नंबर पर खेलते हुए जयंत यादव के नाम 221 रन हैं। जयंत ने बल्लेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शानदार शतक जड़ दिया। जयंत के करियर का यह पहला शतक था। इसके साथ ही जयंत ने कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर 241 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। वहीं 9वें नंबर पर शतक लगाने वाले जयंत यादव भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं दूसरी पारी में उन्होंने इंग्लैंड के सबसे खतरनाक बल्लेबाज जो रूट का विकेट लिया। साफ है जयंत के करियर की अभी शुरुआत है लेकिन अगर वह इसी तरह का खेल दिखाते रहे तो वह भारत के लिए आने वाले समय में बेहतरीन खिलाड़ी बनकर उभर सकते हैं।

2. रविचंद्रन अश्विन (9.5/10): चौथे टेस्ट में 12 वितेट लेने के साथ ही रविचंद्रन अश्विन ने विकेट लेने के मामले में भागवत चंद्रशेखर को पीछे छोड़ दिया। अश्विन ने दोनों पारियों में बेहतरीन गेंदबाजी की और मैच में कुल 12 विकेट झटके। अश्विन ने पहली पारी में 112 मैचों में 6 और दूसरी पारी में 55 गेंदों में 6 विकेट हासिल किए। हालांकि ऑलराउंडर अश्विन बल्ले के साथ कमाल नहीं दिखा पाए और सस्ते में आउट हो गए लेकिन उन्होंने अपनी फिरकी से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को जमकर परेशान किया और अंत तक इंग्लैंड के लिए वह एक पहेला बने रहे। ये भी पढ़ें: 84 सालों के इतिहास में भारत ने दूसरी बार जीती लगातार पांच टेस्ट सीरीज

1. विराट कोहली (10/10): चौथे मैच में शायद ही विराट कोहली ने कुछ गलत किया होगा। इसिलिए कोहली को 10 में से 10 अंक देना लाजमी भी है। कोहली ने पहले तो दोहरा शतक जड़ा और इसके बाद उन्होंने अपना सर्वोच्च स्कोर (235) भी बना डाला। इसके बाद कोहली ने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में जीत भी दिलवा दी। भारतीय टीम ने 2008-09 के बाद इंग्लैंड से कभी भी टेस्ट सीरीज नहीं जीती थी लेकिन कोहली ने इस बार मौका गंवाया नहीं और इंग्लैंड को करारी शिकस्त दे दी। कोहली की कप्तानी में भारत ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। कोहली ने साथ ही बल्ले से अब तक 4 मैचों में 640 रन बना लिए हैं। जबकि सीरीज का पांचवां और आखिरी मैच खेला जाना बाकी है।